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जिन पर कृपा राम करे वो पत्थर भी तीर जाते हैं ( Jin Par Kirpa Ram Kare Lyrics ) | Jin Par Kirpa Ram Kare Vo Paththar Bhi Tir Jate Hain - Bhaktilok

192 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind | 2 मिनट पठन समय
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जिन पर कृपा राम करे वो पत्थर भी तीर जाते हैं ( Jin Par Kirpa Ram Kare Lyrics ) | Jin Par Kirpa Ram Kare Vo Paththar Bhi Tir Jate Hain - Bhaktilok


जिन पर कृपा राम करे वो पत्थर भी तीर जाते हैं | Jin Par Kirpa Ram Kare Vo Paththar Bhi Tir Jate Hain - Bhaktilok



राम नाम आधार जिन्हें,

राम नाम आधार जिन्हें वो जल में राह बनाते हैं,

जिन पर कृपा राम करें वो पत्थर भी तिर जाते हैं,

जिन पर कृपा राम करें वो पत्थर भी तिर जाते हैं,

लक्ष्य रामजी सिद्धि रामजी राम ही राह बनाई,

राम ही राह बनाई,

राम कर्म हैं राम ही कर्ता राम की सकल बड़ाई,

राम की सकल बड़ाई,

राम काम करने वालों में राम की शक्ति समाई,

पृथक पृथक नामों से सारे काम करें रघुराई,

भक्त परायण निज भक्तो को सारा श्रेय दिलाते है,

जिन पर कृपा राम करें वो पत्थर भी तिर जाते हैं,

घट घट बसके आप ही अपना नाम रटा देते हैं,

नाम रटा देते हैं,

हर कारज में निज भक्तो का हाथ बटा देते है,

हाथ बटा देते है,

बाधाओं के सारे पत्थर राम हटा देते है,

अपने ऊपर लेकर उनका भार घटा देते है,

पत्थर क्या प्रभु तीन लोक का,

पत्थर क्या प्रभु तीन लोक का सारा भार उठाते हैं,

जिन पर कृपा राम करें वो पत्थर भी तिर जाते हैं,

जिन पर कृपा राम करें वो पत्थर भी तिर जाते हैं (ओ ओ ओ),

जिन पर कृपा राम करें वो पत्थर भी तिर जाते हैं,

जिन पर कृपा राम करें वो पत्थर भी तिर जाते हैं (ओ ओ ओ)


जब श्री राम, लंका की ओर निकले तो रावण की लंका और श्री राम के बीच एक बड़ा समुद्र आ गया जिसे पार करने के लिए श्री राम की सेना से नल और नील ने मिलकर श्री राम का नाम पत्थरों पर लिखकर समुद्र में फेंका जिससे वो पानी पर तैरने लगे और उनसे पुल बना गया। जिस दृश्य को रविंद्र जैन जी ने भक्ति संगीत में आपके सामने प्रस्तुत किया है।

रामानन्द सागर द्वारा प्रस्तुत रामायण के लुभावने व भक्ति से भरे श्री राम चंद्र के भजन सुने।


स्वर- रवींद्र जैन

गीत- रवींद्र जैन 

संगीत- रवींद्र जैन


रामायण एक भारतीय टेलीविजन श्रृंखला है जो इसी नाम के प्राचीन भारतीय संस्कृत महाकाव्य पर आधारित है। यह श्रृंखला मूल रूप से 1987 और 1988 के बीच दूरदर्शन पर प्रसारित हुई थी। 

इस श्रृंखला के निर्माण, लेखन और निर्देशन का श्रेय श्री रामानंद सागर को जाता है। यह श्रृंखला मुख्य रूप से वाल्मीकि रचित 'रामायण' और तुलसीदास रचित 'रामचरितमानस' पर आधारित है। 

इस धारावाहिक को रिकॉर्ड 82 प्रतिशत दर्शकों ने देखा था, जो किसी भी भारतीय टेलीविजन श्रृंखला के लिए एक कीर्तिमान है। 

इस श्रृंखला को 2020 के कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान पुनः प्रसारित किया गया था और इसने विश्व स्तर पर कई धारावाहिकों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया था और कई नए रिकॉर्ड स्थापित किये, 

जिनमें 16 अप्रैल 2020 को 7.7 करोड़ दर्शकों द्वारा दुनिया भर में देखे जाने वाले सबसे लोकप्रिय धारावाहिक होने का कीर्तिमान भी शामिल है।


निर्माता और निर्देशक - रामानंद सागर 

सहयोगी निर्देशक - आनंद सागर, मोती सागर

कार्यकारी निर्माता - सुभाष सागर, प्रेम सागर

मुख्य तकनीकी सलाहकार - ज्योति सागर

पटकथा और संवाद - रामानंद सागर

संगीत - रविंद्र जैन

शीर्षक गीत - जयदेव

अनुसंधान और अनुकूलन - फनी मजूमदार, विष्णु मेहरोत्रा

संपादक - सुभाष सहगल

कैमरामैन - अजीत नाइक

प्रकाश - राम मडिक्कर

साउंड रिकॉर्डिस्ट - श्रीपाद, ई रुद्र

वीडियो रिकॉर्डिस्ट - शरद मुक्न्नवार


प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 13 Aug 2026

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