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Hanuman Bhajan

आरती कीजै हनुमान लला की I Aarti Keejei Hanuman Lala Ki I LAKHBIR SINGH LAKKHA, Hindi English Lyrics - Bhaktilok

51 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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हनुमान लला की आरती: भक्ति का स्तोत्र

हनुमान जी की आरती गाकर भक्तिस्वरूप इस शक्ति को अपनाएं और जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करें।

आरती कीजै हनुमान लला की I आरती कीजै हनुमान लला की I कपट, अभिक्षा, हनुमान लला की II जो कोई, भी करो तुम्हारी, आरती इहां राम, वासेंगे, हनुमान लला की II जिनके संतन को, बख्शा तुम राम नाम् पवन पुत्र हनुमान लला की II प्रभु सिय राम तुम, सर्व गुण सागर आराधना करों, हनुमान लला की II पाप, तुम्हारी कृपा त्यागे मन, तन, धन, परिपूर्ण हनुमान लला की II संकट मोक्सन, सर फटके गीत मंत्र अनंत हनुमान लला की II शरणागत वत्सल, क्रिपानिधान संकट हरता हनुमान लला की II धरम के मार्ग, को بأس किया धर्म के सच्चा, हनुमान लला की II तेरा स्मरण, सदा हो भक्ति में श्री राम, भक्तिन समझो हनुमान लला की II आरती कीजै हनुमान लला की I आरती कीजै हनुमान लला की I कपट, अभिक्षा, हनुमान लला की II

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस आरती में भगवान हनुमान की भक्ति और उनके प्रति समर्पण को दर्शाया गया है। 'आरती कीजै हनुमान लला की' कहकर भक्त उन्हें अपने ह्रदय से बुलाते हैं और उन्हें आराधना करने की प्रार्थना करते हैं। हनुमान जी को संकट मोचन कहा गया है, जो भक्तों के संकटों को दूर करते हैं। इस आरती के माध्यम से भक्ति करने वाले अपने मन में नकारात्मकता से बचने और सकारात्मकता की ओर बढ़ने की प्रेरणा पाते हैं। भक्तों को विश्वास दिलाया गया है कि जो कोई भी हनुमान जी को ध्यान और आरती समर्पित करता है, वह हर संकट से मुक्त हो जाता है।

आरती में यह भी कहा गया है कि हनुमान जी संतों के रक्षक हैं। जो भक्त उनके नाम का जाप करते हैं, उनके ह्रदय में राम का निवास होता है। इस भावार्थ में यह संदेश छिपा हुआ है कि सम्पूर्ण योगदान और समर्पण के साथ जब हम भगवान हनुमान की अराधना करते हैं, तो वे संकट के समय हमारे साथ होते हैं। यह श्लोक यह भी दर्शाता है कि हनुमान जी केवल आराधना के पात्र ही नहीं, बल्कि वे भक्तों के लिए एक मार्गदर्शक भी हैं, जो उन्हें धर्म के मार्ग पर चलने के लिए हमेशा प्रेरित करते हैं।

हनुमान लला की आरती भक्ति मार्ग का महत्वपूर्ण अंग है, जहां भक्त अपने ह्रदय से प्रेम और श्रद्धा के साथ उन्हें नमन करते हैं। हनुमान जी को सर्वशक्तिमान, तत्वज्ञानी एवं वचनबद्ध बलशाली के रूप में देखा जाता है। उनकी भक्ति करने से न केवल भौतिक समस्याएं समाप्त होती हैं, बल्कि आध्यात्मिक शांति और प्रगति मिलती है। हनुमान जी की कृपा से भक्त सच्ची ज्ञान, आनंद एवं शांति प्राप्त करते हैं। उनका चित्त पहले से भक्ति के मार्ग में स्थित होता है, जिससे भक्त अपने मां-बाप और पारिवारिक संबंधों से भी जुड़ाव रखते हैं।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

हनुमान जी की आरती का महत्व पौराणिक दृष्टिकोण से भी बहुत गहरा है। रामायण में हनुमान जी का उल्लेख शक्ति, भक्ति और सेवा के रूप में हुआ है। हनुमान चालीसा, हनुमान जी के गुणों और उनके कार्यों की महिमा गा रही है। वे राम के परम भक्त हैं, जो संकट के समय अपने भक्तों की सहायता करते हैं। रामायण के प्रसंगों में यह स्पष्ट है कि हनुमान जी ने सीता जी की खोज में राम के लिए कितनी मेहनत की, यही कारण है कि उन्हें संकट मोचन कहा जाता है। यह आरती पौराणिक ग्रंथों का प्रमाण है, जो यह दर्शाता है कि हनुमान जी की पूजन से जीवन के सभी संकटों का समाधान किया जा सकता है।

वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें। हनुमान लला की आरती का नियमित पाठ करने से मन की शांति, मानसिक तनाव में कमी और सकारात्मकता बढ़ती है। भक्तों को अपने जीवन में शक्ति और साहस प्राप्त होता है। जिन लोगों को किसी प्रकार की बाधाओं का सामना करना पड़ता है, उन्हें हनुमान जी की उपासना से उनका समाधान मिलता है। इस आरती के जाप से भक्तों को सरकारी काम, शिक्षा में सफलता और स्वास्थ्य में सुधार भी देखने को मिलता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

हनुमान लला की आरती का सही समय सुबह या शाम होता है। आरती के दौरान दीप जलाना और तेल का दीपक लगाना उचित होता है। भक्तों को ध्यान से खड़े होकर हाथ में आरती का थाल लेकर ध्यान लगाकर आरती करनी चाहिए। आरती साधना के समय एकाग्रता, भक्ति और श्रद्धा के भाव से भरा होना चाहिए। इस दौरान भगवान हनुमान का नाम लेते हुए उनके गुणों का स्मरण करना चाहिए।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

आरती कीजै हनुमान लला की का वास्तविक महत्व क्या है?

आरती का मुख्य उद्देश्य भक्त हनुमान जी की प्रमुखता को मान्यता देना और उनके प्रति अपनी भक्ति की अभिव्यक्ति करना है। यह आरती संकट दूर करने और सुख-समृद्धि की रक्षा का एक माध्यम है।

क्या हनुमान जी की आरती रोज़ करना जरूरी है?

रोज़ हनुमान जी की आरती करने से भक्तों को मानसिक शांति मिलती है और अपने कार्यों में सफलता की प्राप्ति होती है। यह नियमित आरती करना एक सकारात्मक आदत है जो जीवन में धर्म और आस्था को बढ़ावा देती है।

आरती का पाठ करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

आरती का पाठ करते समय भक्त को मन में गरिमा और श्रद्धा के साथ ध्यान लगाना चाहिए। आरती करते समय सकारात्मक सोच को बनाए रखना आवश्यक है, जिससे हनुमान जी की कृपा का अनुभव हो सके।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 28 Aug 2026

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