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जागो रे जागो रे (Jago Re Jago Re Lyrics in Hindi) - Shiva Bhajan Mahendra Kapoor - Bhaktilok

79 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

जागो रे जागो रे (Jago Re Jago Re Lyrics in Hindi) - Shiva Bhajan Mahendra Kapoor - Bhaktilok

जागो रे जागो रे (Jago Re Jago Re Lyrics in Hindi) - Shiva Bhajan Mahendra Kapoor - 

जागो रे जागो रे (Jago Re Jago Re Lyrics in Hindi) - 

जागो  रे  जागो रे  जागो रे  

Jago Re Jago Re Jago Re

शम्भू महाकाल जागो रे  

Shambhu Mahakal Jago Re

जागो  रे  जागो रे  जागो रे  

Jago Re Jago Re Jago Re

शम्भू महाकाल जागो रे  

Shambhu Mahakal Jago Re

फिर तेरे भक्तों पे विपदा पड़ी है 

Phir  Tere Bhakton Pe Vipda Padi Hai

फिर तेरे भक्तों पे विपदा पड़ी है 

Phir  Tere Bhakton Pe Vipda Padi Hai

महादेव तत्काल जागो रे 

Mahadev Tatkal Jago Re

जागो  रे  जागो रे  जागो रे  

Jago Re Jago Re Jago Re

शम्भू महाकाल जागो रे  

Shambhu Mahakal Jago Re

जागो  रे  जागो रे  जागो रे  

Jago Re Jago Re Jago Re

शम्भू महाकाल जागो रे  

Shambhu Mahakal Jago Re

दूषण से दैत्यों ने फिर जग को घेरा  

Dushan Se Daityo Ne Phir  Jag Ko Ghera

छा गया संकट का घोर अँधेरा  

Chha Gaya Sankat Ka Ghor Andhera

डोले रे मजधार  सत्य की नैया 

Dole Re Majdhar Satya Ki Naiya 

आओ सदाशिव बनके खेवैया  

Aao Sadashiv Banke Khewaiya 

फिर तेरे जीवों  पे छाने  लगा है  

Phir Tere Jeevo Pe Chhane Laga Hai

फिर तेरे जीवों  पे छाने  लगा है  

Phir Tere Jeevo  Pe Chhane Laga Hai

कष्टों का जंजाल जागो रे  

Kashto Ka Janjal Jago Re

जागो  रे  जागो रे  जागो रे  

Jago Re Jago Re Jago Re

शम्भू महाकाल जागो रे  

Shambhu Mahakal Jago Re

जागो  रे  जागो रे  जागो रे  

Jago Re Jago Re Jago Re

शम्भू महाकाल जागो रे  

Shambhu Mahakal Jago Re

आशा को फिर से दबोचे निराशा  

Asha Ko Phir Se Daboche Nirasha

दूर से  बैठे न देखो तमाशा  

 Door Se Baithe Na Dekho Tamasha

लगी जो रही तेरी यूं  ही समाधी 

Lagi Jo Rahi Teri Yu Hi Samadhi

करेंगे अनर्थ पापी अपराधी  

Karenge Anarth Papi Apradhi

देखो रे भक्तों के सिर पे  भयंकर  

Dekho Re Bhakton Ke Sir Pe Bhayankar

देखो रे भक्तों के सिर पे भयंकर  

Dekho Re Bhakton Ke Sir Pe Bhayankar

मंडराता  है काल  जागो रे  

Mandrata Hai Kal  Jago Re

जागो  रे  जागो रे  जागो रे  

Jago Re Jago Re Jago Re

शम्भू महाकाल जागो रे  

Shambhu Mahakal Jago Re

जागो  रे  जागो रे  जागो रे  

Jago Re Jago Re Jago Re

शम्भू महाकाल जागो रे  

Shambhu Mahakal Jago Re

आजा रे डमरू बजाने को आजा  

Aaja Re Damaru Bajane Ko Aaja

दुष्टों को तांडव दिखाने को आजा  

Dushton Ko Tandav Dikhane Ko Aaja

नाश बुराइयों का करना पड़ेगा  

Nash Buraiyo  Ka Karna Padega

तीसरा चक्षु खोलना पड़ेगा  

Teesra Chakshu Kholna Padega

हम तेरी करुणा के भूखे हैं कब से  

Hum Teri Karuna Ke Bhukhe Hain Kab Se

हम तेरी करुणा के भूखे हैं कब से  

Hum Teri Karuna Ke Bhukhe Hain Kab Se

अब तो  हे किरपाल जागो रे  

Ab To Hey Kirpal Jago Re

जागो  रे  जागो रे  जागो रे  

Jago Re Jago Re Jago Re

शम्भू महाकाल जागो रे  

Shambhu Mahakal Jago Re

जागो  रे  जागो रे  जागो रे  

Jago Re Jago Re Jago Re

शम्भू महाकाल जागो रे  

Shambhu Mahakal Jago Re

फिर तेरे भक्तों पे विपदा पड़ी है 

Phir Tere Bhakton Pe Vipda Padi Hai

फिर तेरे भक्तों पे विपदा पड़ी है 

Phir Tere Bhakton Pe Vipda Padi Hai

महादेव तत्काल जागो रे 

Mahadev Tatkal Jago Re

जागो  रे  जागो रे  जागो रे  

Jago Re Jago Re Jago Re

शम्भू महाकाल जागो रे  

Shambhu Mahakal Jago Re

जागो  रे  जागो रे  जागो रे  

Jago Re Jago Re Jago Re

शम्भू महाकाल जागो रे  

Shambhu Mahakal Jago Re

जागो  रे    शम्भू महाकाल  

Jago Re Shambhu Mahakal

जागो रे   शम्भू महाकाल  

Jago Re  Shambhu Mahakal

जागो रे    शम्भू महाकाल  

Jago Re  Shambhu Mahakal

जागो रे         

Jago Re


 

भगवान शिव की महिमा, लिंगोत्पत्ति और पवित्र तीर्थों के विवरण के लिए शिव पुराण का संपूर्ण अध्ययन करें।

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

देवादिदेव महादेव को समर्पित यह भजन "जागो रे जागो रे (Jago Re Jago Re Lyrics in Hindi) - Shiva Bhajan Mahendra Kapoor - Bhaktilok" भगवान शिव के कल्याणकारी और वैराग्यपूर्ण रूप का सजीव चित्रण करता है। शिव का अर्थ ही कल्याण है। इस भजन के शब्दों के माध्यम से साधक शिव की अनंत चेतना, भस्म आरती, डमरू की ध्वनि और ध्यानमग्न मुद्रा का ध्यान करता है।

शिव भक्ति का मूल सिद्धांत यही है कि जगत की प्रत्येक नश्वर वस्तु का अंत शिव में ही होना है। यह भजन भक्त को सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर आत्मा के वास्तविक स्वरूप को पहचानने की प्रेरणा देता है। शिव का नाम पंचमहाभूतों को नियंत्रित करने वाली परम शक्ति का प्रतीक है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

शिव पुराण के अनुसार, भगवान शिव अत्यंत भोले हैं और साधारण जल तथा बेलपत्र अर्पण करने मात्र से भी प्रसन्न हो जाते हैं। इस शिव भजन का संकीर्तन करने से अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है और कुंडली के ग्रहों के दोष शांत होते हैं।

भगवान शिव की महिमा, लिंगोत्पत्ति और पवित्र तीर्थों के विवरण के लिए शिव पुराण का संपूर्ण अध्ययन करें। नियमित शिव भजन और पंचाक्षरी मंत्र (ॐ नमः शिवाय) के जप से तनाव का नाश होता है, अवसाद दूर होता है और अंतर्मन में अपूर्व शांति का उदय होता है। यह आरोग्य और दीर्घायु प्रदान करने में भी सहायक है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

शिव संकीर्तन के लिए प्रदोष काल (संध्या समय) अथवा सोमवार का दिन सर्वोत्तम माना जाता है। उत्तर दिशा की ओर मुख करके कुशासन पर बैठकर शिवजी का ध्यान करते हुए भजन गाएं।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

भगवान शिव को शीघ्र प्रसन्न करने की सरल विधि क्या है?

शुद्ध जल, बेलपत्र, धतूरा अर्पित करते हुए श्रद्धापूर्वक शिव मंत्र अथवा भजनों का संकीर्तन करने से महादेव शीघ्र प्रसन्न होते हैं।

शिव भजनों के लिए कौन सा दिन विशेष है?

सोमवार, प्रदोष व्रत की तिथि और महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव की उपासना और भजन संकीर्तन के लिए विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।

क्या शिव जी की उपासना से कुंडली के दोष दूर होते हैं?

हाँ, भगवान शिव (महाकाल) की आराधना से कालसर्प दोष, राहु-केतु दोष और शनि जनित कष्टों का निवारण होता है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 21 Aug 2026

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