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Hanuman Bhajan

कर ना सके जो कोई भी (Kar Na Sake Jo Koi Bhi ) - Hanuman Bhajan Jai Shankar Chaudhary - Bhaktilok

60 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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हनुमान भजन: संकटमोचन की महिमा

इस भजन के माध्यम से हनुमानजी की अनुकंपा का अनुभव करें और संकटों से मुक्ति पाएँ।

कर ना सके जो कोई भी, कर ना सके जो कोई भी, हम सब तेरी रहमते, कर ना सके जो कोई भी। तू है सबसे हनुमान, संकट में किविधान। हर दुख का कर दे नाश, खुल जाएं सबकी राह। कर ना सके जो कोई भी, हम सब तेरी रहमते, कर ना सके जो कोई भी। जय हनुमान ज्ञान गुन सागर, जय कपीश तिहुँ लोक उजागर। राम दूत अतुलित बल धामा, अंजनि-पुत्र-पवनसुत नामा। राम का इच्छा कर दी दूर, हर तू कर दे जो हो नाज। कर ना सके जो कोई भी, हम सब तेरी रहमते, कर ना सके जो कोई भी। तेरे दर पे सबका आना, तेरे दर पे सबका जाना। संकट हर तू कर दूर, तेरे दर पे सबको आना। कर ना सके जो कोई भी, हम सब तेरी रहमते, कर ना सके जो कोई भी। जय हनुमान ज्ञान गुन सागर, जय कपीश तिहुँ लोक उजागर।

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन का मुख्य भाव यह है कि भक्तों का हनुमान जी पर अटूट विश्वास और प्रेम दर्शाया गया है। पहले पंक्ति में कहा गया है, 'कर ना सके जो कोई भी', जिसका अर्थ है कि कोई भी कार्य जब असंभव लगे, तब दयालु हनुमान जी की कृपा से सबकुछ संभव हो जाता है। संकटों में, जब भक्त हनुमान जी का स्मरण करते हैं, तब उनकी महिमा और शक्ति का अनुभव करते हैं। हनुमान जी 'संकट में किविधान' के रूप में व्यक्त होते हैं, अर्थात् वे संकटों को दूर करने में सक्षम हैं। इस भजन में भक्त अपार श्रद्धा से हनुमान जी को बुलाते हैं और उनसे मदद की प्रार्थना करते हैं।

इस भजन में जो भावनाएं व्यक्त की गई हैं, वे भक्तों के हृदय में हनुमान जी के प्रति गहरी भक्ति और आस्था को दर्शाती हैं। भक्त को यह विश्वास होता है कि विपत्तियों और कठिनाइयों का सामना करते समय, हनुमान जी उन पर अपनी कृपा का विस्तार करते हैं। जब भक्त कहते हैं, 'हम सब तेरी रहमते', तो यह उन सभी के लिए एक प्रार्थना है जो संकटों में हैं। कुल मिलाकर, भजन भक्तों को हनुमान जी की अद्भुत शक्ति और कृपा का स्मरण कराता है, जिससे उन्हें मानसिक और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है।

आध्यात्मिक दृष्टिकोण से, इस भजन में भक्ति मार्ग की गहराई का वर्णन किया गया है। भक्त की भक्ति हनुमान जी के प्रति गहरी होती है, जो उन्हें जीवन के सभी संकटों से मुक्त करने का प्रतिज्ञा करते हैं। हनुमान जी को असीम बल और ज्ञान का भंडार बताया गया है, और उनका यह रूप भक्तों में आत्मविश्वास और साहस भरता है। धार्मिक ग्रंथों में हनुमान जी को संकटमोचन कहा गया है, जो बता रहा है कि हनुमान जी की भक्ति करने से सभी संकट दूर होते हैं। यह भजन न केवल हनुमान जी की महिमा करता है, बल्कि भक्तों को प्रेरित करता है कि वे अपने जीवन में हनुमान जी की उपासना करें।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

हनुमान जी का स्थान भारतीय पौराणिक कथाओं में अद्वितीय है। रामायण में, हनुमान जी को भगवान राम के परम भक्त के रूप में वर्णित किया गया है। पौराणिक कथाओं में हनुमान जी की अनेक लीलाएँ और कार्यों का उल्लेख है, जो उन्हें संकटों का समधानक बनाते हैं। संकटमोचन हनुमान चालीसा और अन्य भजनों में उनके अद्वितीय बल और साहस को दर्शाया गया है। यह भजन भी उसी संदर्भ में है, जो भक्तों को प्रेरित करता है कि जब वे हनुमान जी का स्मरण करते हैं, तब साधारण से साधारण कार्य भी संभव हो जाते हैं।

वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें। हनुमान जी की भक्ति और इस भजन का पाठ मानसिक शांति, शारीरिक स्वास्थ्य और आध्यात्मिक विकास का मार्ग प्रशस्त करता है। हनुमान जी की अनुकंपा से भक्तों को निर्भीकता और निर्भयता का अनुभव होता है। मन में स्थिरता और सकारात्मकता का संचार होता है, जिससे जीवन की कठिनाइयों का सामना करने का साहस मिलता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

यह भजन सुबह के समय, विशेषकर प्रात: स्नान के बाद गाया जाना चाहिए। पूजा के समय एक दीपक जलाना, फल या फूल अर्पित करना और ध्यान लगाकर हनुमान जी का स्मरण करना उत्तम होगा। भजन की संगीनीकरण करते समय, भक्त को अपने मन को शांत रखते हुए सम्मानपूर्वक हनुमान जी की महिमा का वर्णन करना चाहिए।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

यह भजन क्यों गाया जाता है?

यह भजन भक्तों को संकटों का समाधान करने और हनुमान जी की कृपा अर्जित करने के लिए गाया जाता है। यह भजन मन में हिम्मत और विश्वास भरता है।

हनुमान जी की उपासना का महत्व क्या है?

हनुमान जी की उपासना भक्तों को मानसिक संतुलन, सुरक्षा और संकटों से रक्षा करती है। वे भक्तों में साहस और शक्ति का संचार करते हैं।

इस भजन का संप्रदाय किस प्रकार है?

यह भजन भक्तों के संप्रदाय में हनुमान जी की भक्ति और उनकी महिमा का वर्णन करता है, जो भक्ति मार्ग का प्रतीक है और सदैव संकट के समय सहायता करता है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 23 Aug 2026

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