आज का पंचांग (Columbus) | सूर्योदय: ०४:१७ PM | सूर्यास्त: ०५:५३ AM
Hanuman Bhajan

नाम तो हनुमान है (Naam To Hanuman Hai Lyrics in Hindi) - संकटहर्ता हनुमान जी भजन Gaurav Verma - Bhaktilok

51 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
आकार:
कंट्रास्ट:

हनुमान का नाम: संकटमोचन की प्रार्थना

हनुमान जी के नाम का जाप मन की सभी कठिनाइयों को दूर करने का उपाय है।

नाम तो हनुमान है (Naam To Hanuman Hai Lyrics in Hindi) - संकटहर्ता हनुमान जी भजन Gaurav Verma - Bhaktilok मुश्किल करे आसान जो वो नाम तो हनुमान है ये बल के अतुलित धाम हैं महादेव के अवतार हैं सियाराम के कारज सँवारे लखन जी के प्राण उबारे राम जो सबके सहारे तुम बने उनके सहारे दुःख सिंधु से करे पार जो वो नाम तो हनुमान है मुश्किल करे आसान जो वो नाम तो हनुमान है जिस मुख में इनका नाम है चिंता की फिर क्या बात है भटके नहीं जग में कभी जो हाथ इनके हाथ है कर दे असंभव को भी संभव मंत्र वो हनुमान है मुश्किल करे आसान जो वो नाम तो हनुमान है

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन का मुख्य विषय है हनुमान जी का नाम, जिसे संकटहरता (संकटों को हरने वाला) माना गया है। भजन की पंक्तियाँ लगातार यह संदेश देती हैं कि हनुमान जी का जप करने से कठिनाइयाँ आसान हो जाती हैं। 'मुश्किल करे आसान जो वो नाम तो हनुमान है', यह पंक्ति स्पष्ट करती है कि नाम जपने से हमारे समस्त संकट समाप्त हो सकते हैं। भजन में यह भी वर्णित है कि हनुमान जी न केवल बल के अवतार हैं, बल्कि सियाराम के भक्त भी हैं, जो उनकी सभी कार्यों में सहायता करते हैं। हनुमान जी का नाम याद करने से दु:ख के समुद्र से पार लगाने की शक्ति भी मिलती है, जो भक्तों को आत्मिक और भौतिक दोनों रूपों में सशक्त बनाता है।

हनुमान जी के नाम की महिमा को उजागर करने की कोशिश यह भजन करती है। 'जिस मुख में इनका नाम है चिंता की फिर क्या बात है' का भावार्थ है कि जब कोई व्यक्ति हनुमान का नाम लेता है, तो वह चिंता-मुक्त हो जाता है। हनुमान जी के भक्तों के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि वे अपने जीवन में सच्चे भक्त बनें। इस भजन के माध्यम से एक गहन आस्था का संचार होता है, जो केवल उनके भक्तों की नहीं, बल्कि समाज को भी प्रेरित करती है। भावात्मक रूप से, यह भजन किसी भी संकट से निपटने के लिए हनुमान जी की कृपा की आवश्यकता की ओर इशारा करता है।

भक्ति मार्ग पर चलने वाले भक्तों के लिए हनुमान जी के प्रति प्रेम और समर्पण का यह भजन एक अद्वितीय साधन है। हनुमान जी के नाम में न केवल शक्ति है, बल्कि यह भक्ति, समर्पण और साहस का प्रतीक भी है। 'कर दे असंभव को भी संभव मंत्र वो हनुमान है' से यह स्वत: सिद्ध होता है कि हनुमान जी की कृपा से कोई भी कार्य संभव हो सकता है। इस भजन में भक्ति के मार्ग को समझाते हुए दिखाया गया है कि सही रूप में हनुमान जी के प्रति आस्था रखते हुए भक्त अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

हनुमान जी का नाम और उनके प्रति आस्था भारतीय संस्कृति में एक विशेष स्थान रखती है। रामायण में हनुमान जी को प्रभु श्री राम का अनन्य भक्त बताया गया है। भक्तिवेदांत, पुराणों और उपनिषदों में हनुमान जी का उल्लेख विभिन्न भावों में होता है। इस भजन का संदर्भ रामायण में हनुमान जी के साहसिक कार्यों और उनकी भक्ति की गहराई से है। सच्चे भक्तों के लिए हनुमान चालीसा, हनुमान बहुक, और इस भजन जैसी प्रार्थनाएँ परम शांति और संकटों के निवारण का साधन हैं, जैसे कि हनुमान जयंती की पूजा-पाठ में।

वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें। हनुमान जी के नाम का जाप करने के अनेक मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक लाभ होते हैं। मानसिक शांति, आत्मबल की वृद्धि और नकारात्मकता को दूर करने में यह भजन सहायक होता है। नियमित इस भजन को गाने से आंतरिक शक्ति में वृध्दि होती है, जिससे भक्त अपने जीवन की कठिनाइयों से लड़ने में सक्षम बनते हैं।

🕒 साधना एवं गायन विधि

हनुमान जी की आराधना के लिए सर्वोत्तम समय प्रात: काल या संध्या का होता है। पूजा स्थल पर एक दीया जलाना, फूलों की माला चढ़ाना और हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। सही मुद्रा में बैठकर हनुमान जी के नाम का जाप करते हुए ध्यान लगाना चाहिए। मन में एकाग्रता और भक्ति के भावना के साथ जाप करने से भक्त को अधिक लाभ मिलता है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

क्या हनुमान जी का नाम लेने से सच में संकटों से मुक्ति मिलती है?

हाँ, हनुमान जी का नाम संकटों से मुक्ति देने वाले रूप में जाना जाता है। यह भक्तों को मानसिक साहस और बल प्रदान करता है, जिससे वे अपने समस्याओं का सामना कर पाते हैं।

हनुमान जी की आराधना का सही समय क्या है?

हनुमान जी की पूजन का सही समय सुबह और शाम का है। इन समयों में उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है और मन की शांति का अनुभव होता है।

क्या इस भजन का जप करनें से स्वास्थ्य लाभ भी होता है?

हाँ, इस भजन के जप से मानसिक तनाव कम होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जिससे शारीरिक स्वास्थ्य में भी सुधार होता है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 18 Aug 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!