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Hanuman Bhajan

आरती कीजै हनुमान लला की लिरिक्स भजन (Aarti Keejei Hanuman Lala Ki Lyrics in Hindi) - Mahima Hanuman Aarti - Bhaktilok

57 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind | 2 मिनट पठन समय
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 आरती कीजै हनुमान लला की लिरिक्स भजन (Aarti Keejei Hanuman Lala Ki Lyrics in Hindi) -

आरती कीजे हनुमान लला की

दुष्ट दलन रघुनाथ कला की 

जाके बल से गिरवर काँपे

रोग दोष जाके निकट न झाँके

अंजनि पुत्र महा बलदाई

संतन के प्रभु सदा सहाई

आरती कीजे हनुमान लला की 

दे वीरा रघुनाथ पठाए

लंका जारि सिया सुधि लाये

लंका सो कोट समुद्र सी खाई

जात पवनसुत बार न लाई

आरती कीजे हनुमान लला की 

लंका जारि असुर संहारे

सियाराम जी के काज सँवारे

लक्ष्मण मुर्छित पड़े सकारे

लाये संजिवन प्राण उबारे

आरती कीजे हनुमान लला की 

पैठि पताल तोरि जमकारे

अहिरावण की भुजा उखारे

बाईं भुजा असुर दल मारे

दाहिने भुजा संतजन तारे

आरती कीजै हनुमान लला की 

सुर नर मुनि जन आरती उतरें

जय जय जय हनुमान उचारें

कंचन थार कपूर लौ छाई

आरती करत अंजना माई

आरती कीजै हनुमान लला की 

जो हनुमानजी की आरती गावे

बसहिं बैकुंठ परम पद पावे

लंक विध्वंस किये रघुराई

तुलसीदास स्वामी कीर्ति गाई 

आरती कीजै हनुमान लला की

दुष्ट दलन रघुनाथ कला की 

( Hanuman Ji Ki Aarti Lyrics in English ) -

Aarti Kije Hanuman Lala Ki

Dushta Dalan Ragunath Kala Ki.

Jake Bal Se Giriver Kaanpe

Rog Dosh Ja Ke Nikat Na Jaanke

Anjani Putra Mahabaldaye

Santan Ke Prabhu Sada Sahaye

Aarti Kije Hanuman Lala Ki.

De Beeraha Raghunath Pathai

Lanka Jaari Siya Sudhi Laiye

Lanka So Kot Samundra Se Khaiy

Jaat Pavan Sut Baar Na Laiye

Aarti Kije Hanuman Lala Ki.

Lanka Jaari Asur Sab Maare

Siya Ramji Ke Kaaj Sanvare

Lakshman Moorchit Parhe Sakare

Aan Sajeevan Pran Ubhaare

Aarti Kije Hanuman Lala Ki.

Paith Pataal Tori Yamkare

Ahiravan Ke Bhuja Ukhaare

Baayen Bhuja Asur Dal Mare

Daayen Bhuja Sab Santa Jana Tare

Aarti Kije Hanuman Lala Ki.

Surnar Munijan Aarti Utare

Jai Jai Jai Hanuman Uchaare

Kanchan Thaar Kapoor Lo Chhai

Aarti Karat Aajani Mai

Aarti Kije Hanuman Lala Ki.

Jo Hanumanji Ki Aarti Gaave

Basi Baikuntha Amar Padh Pave

Lanka Vidvance Kiye Ragurai

Tulsidas Swami Aarti Gaaie.

Aarti Kije Hanuman Lala Ki

Dushta Dalan Ragunath Kala Ki.




🙏 भजन का विस्तृत अर्थ और भावार्थ (Lyrics Meaning)

संकटमोचन हनुमान जी का यह भजन "आरती कीजै हनुमान लला की लिरिक्स भजन (Aarti Keejei Hanuman Lala Ki Lyrics in Hindi) - Mahima Hanuman Aarti - Bhaktilok" बल, बुद्धि, विद्या और भक्ति का संचार करने वाला है। कलयुग के जागृत देव श्री हनुमान जी की महिमा अपार है। इस भजन का मुख्य उद्देश्य साधक के भीतर के भय को दूर कर उसमें आत्मगौरव और निष्काम सेवा भाव जागृत करना है।

भजन की चौपाइयों और पंक्तियों में हनुमान जी की लंका दहन, संजीवनी बूटी लाना और प्रभु श्री राम के प्रति अनन्य प्रेम का वर्णन होता है। हनुमान जी की शरण में जाने पर बड़े से बड़ा संकट भी क्षण भर में समाप्त हो जाता है, यही इस भजन की मूल भावना है।

🔍 भजन का विशेष महत्त्व और आध्यात्मिक लाभ (Significance)

हनुमान चालीसा और सुंदरकांड की भांति ही हनुमान भजनों का विशेष धार्मिक महत्त्व है। हनुमान जी को अष्ट सिद्धि और नौ निधियों के दाता के रूप में पूजा जाता है। इस पावन भजन के गायन से भूत-पिशाच, नकारात्मक ऊर्जा और सभी प्रकार के ऊपरी बाधाओं से मुक्ति मिलती है।

वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें। हनुमान भजन से आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि होती है, मानसिक रोग जैसे तनाव, अनिद्रा और डिप्रेशन दूर होते हैं। यह छात्रों की बुद्धि और परीक्षा में सफलता के लिए भी रामबाण है।

🕒 साधना एवं गायन विधि (Chanting Rules)

हनुमान जी की पूजा के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन विशेष रूप से निर्धारित है। लाल आसन पर बैठकर, हनुमान जी के सम्मुख चमेली के तेल का दीपक जलाएं और पूरे मनोयोग से इस भजन का संकीर्तन करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

हनुमान जी को किस दिन चमेली का तेल चढ़ाना चाहिए?

शनिवार और मंगलवार के दिन हनुमान जी को सिंदूर में चमेली का तेल मिलाकर चढ़ाना अत्यंत शुभ और संकट निवारक माना गया है।

क्या हनुमान भजन परीक्षा के भय को दूर करने में सहायक है?

हाँ, हनुमान जी के भजनों और मंत्रों के संकीर्तन से मन एकाग्र होता है, भय का नाश होता है और याददाश्त बढ़ती है।

शनि दोषों की शांति के लिए हनुमान उपासना क्यों की जाती है?

हनुमान जी ने शनिदेव को रावण के बंधन से मुक्त कराया था, जिसके कारण शनिदेव ने वचन दिया था कि जो हनुमान जी की भक्ति करेगा, उसे शनि जनित पीड़ा नहीं भोगनी पड़ेगी।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 11 Aug 2026

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