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Hanuman Bhajan

संकटमोचन हनुमान अष्टक लिरिक्स (Sankatmochan Hanuman Asthak Lyrics in Hindi ) - श्री राम स्तुति सम्पूर्ण हनुमान चालीसा बजरंग बाण आरती - Bhaktilok

65 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें


संकटमोचन हनुमान अष्टक लिरिक्स (Sankatmochan Hanuman Asthak Lyrics in Hindi ) - श्री राम स्तुति सम्पूर्ण हनुमान चालीसा बजरंग बाण आरती - Bhaktilok

संकटमोचन हनुमान अष्टक लिरिक्स (Sankatmochan Hanuman Asthak Lyrics in Hindi ) - श्री राम स्तुति सम्पूर्ण हनुमान चालीसा बजरंग बाण आरती - Bhaktilok

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें।

संकटमोचन हनुमान अष्टक लिरिक्स (Sankatmochan Hanuman Asthak Lyrics in Hindi ) -

बाल समय रवि भक्षी लियो तब
तीनहुं लोक भयो अंधियारों ।
ताहि सों त्रास भयो जग को
यह संकट काहु सों जात न टारो ।
देवन आनि करी बिनती तब
छाड़ी दियो रवि कष्ट निवारो ।
को नहीं जानत है जग में कपि
संकटमोचन नाम तिहारो ॥ १ ॥

बालि की त्रास कपीस बसैं गिरि
जात महाप्रभु पंथ निहारो ।
चौंकि महामुनि साप दियो तब
चाहिए कौन बिचार बिचारो ।
कैद्विज रूप लिवाय महाप्रभु
सो तुम दास के सोक निवारो ॥ २ ॥

अंगद के संग लेन गए सिय
खोज कपीस यह बैन उचारो ।
जीवत ना बचिहौ हम सो जु
बिना सुधि लाये इहाँ पगु धारो ।
हेरी थके तट सिन्धु सबे तब
लाए सिया-सुधि प्राण उबारो ॥ ३ ॥

रावण त्रास दई सिय को सब
राक्षसी सों कही सोक निवारो ।
ताहि समय हनुमान महाप्रभु
जाए महा रजनीचर मरो ।
चाहत सीय असोक सों आगि सु
दै प्रभुमुद्रिका सोक निवारो ॥ ४ ॥

बान लाग्यो उर लछिमन के तब
प्राण तजे सूत रावन मारो ।
लै गृह बैद्य सुषेन समेत
तबै गिरि द्रोण सु बीर उपारो ।
आनि सजीवन हाथ दिए तब
लछिमन के तुम प्रान उबारो ॥ ५ ॥

रावन जुध अजान कियो तब
नाग कि फाँस सबै सिर डारो ।
श्रीरघुनाथ समेत सबै दल
मोह भयो यह संकट भारो I
आनि खगेस तबै हनुमान जु
बंधन काटि सुत्रास निवारो ॥ ६ ॥

बंधू समेत जबै अहिरावन
लै रघुनाथ पताल सिधारो ।
देबिन्हीं पूजि भलि विधि सों बलि
देउ सबै मिलि मन्त्र विचारो ।
जाये सहाए भयो तब ही
अहिरावन सैन्य समेत संहारो ॥ ७ ॥

काज किये बड़ देवन के तुम
बीर महाप्रभु देखि बिचारो ।
कौन सो संकट मोर गरीब को
जो तुमसे नहिं जात है टारो ।
बेगि हरो हनुमान महाप्रभु
जो कछु संकट होए हमारो ॥ ८ ॥

॥ दोहा ॥

लाल देह लाली लसे
अरु धरि लाल लंगूर ।
वज्र देह दानव दलन
जय जय जय कपि सूर ॥


🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

भगवान श्री रामचंद्र जी को समर्पित यह भजन "संकटमोचन हनुमान अष्टक लिरिक्स (Sankatmochan Hanuman Asthak Lyrics in Hindi ) - श्री राम स्तुति सम्पूर्ण हनुमान चालीसा बजरंग बाण आरती - Bhaktilok" मर्यादा पुरुषोत्तम के पावन चरित्र का स्मरण कराता है। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस के सिद्धांतों के अनुसार, राम का नाम स्वयं राम से भी अधिक सामर्थ्यवान है। इस भजन की लय और शब्द भक्त को सीधे साकेत धाम की पावन चेतना से जोड़ते हैं।

भजन का प्रमुख भाव शरणागति का है। जब जीव समस्त सांसारिक प्रपंचों से थककर भगवान राम के चरणों में शरण लेता है, तो उसे परम अभय की प्राप्ति होती है। राम नाम की ध्वनि से वातावरण शुद्ध होता है और अंतःकरण में धर्म और सत्य के प्रति निष्ठा दृढ़ होती है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

सनातन ग्रंथों के अनुसार, राम नाम का जाप कलयुग का सर्वश्रेष्ठ साधन माना गया है। वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस में राम नाम की असीम महिमा गाई गई है। यह भजन साधक के मन में वैराग्य, संयम, दया और कर्तव्य परायणता जैसे नैतिक मूल्यों का संचार करता है।

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। राम नाम के संकीर्तन से व्यक्ति का आत्मबल जागृत होता है, भय तथा शंकाओं का नाश होता है और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी धैर्य रखने की शक्ति प्राप्त होती है। यह पारिवारिक सौहार्द और मर्यादा की स्थापना में सहायक है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

राम भजन का संकीर्तन प्रातःकाल स्नान के पश्चात राम दरबार की प्रतिमा के सम्मुख घी का दीपक जलाकर करें। तुलसी की माला से राम नाम का जप करने के पश्चात इस भजन का गायन अत्यंत फलदायी होता है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

राम भजन के गायन से क्या लाभ प्राप्त होते हैं?

राम भजन के संकीर्तन से मानसिक शांति, उत्तम चरित्र, और विपत्तियों में धैर्य बनाए रखने का आत्मबल प्राप्त होता है।

राम नाम जप के लिए सर्वश्रेष्ठ माला कौन सी है?

भगवान श्री राम के मंत्र जाप और संकीर्तन के लिए तुलसी की माला को सर्वश्रेष्ठ और अत्यंत पवित्र माना गया है।

क्या राम भजन बच्चों के संस्कारों के लिए उपयोगी है?

हाँ, भगवान राम के मर्यादापूर्ण चरित्र के भजन सुनने से बच्चों में बड़ों के प्रति सम्मान, सत्यप्रियता और उच्च नैतिक संस्कारों का विकास होता है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Aug 2026

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