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Hanuman Bhajan

बजरंग के द्वारे भक्तजन (Bajrang Ke Dware Bhaktjan) - Hanuman Bhajan Sankatmochan Bhadra Maruti - Bhaktilok

107 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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हनुमान कृपा: संकटमोचन की स्तुति

हनुमान जी की कृपा से संकटों का नाश होता है। भक्ति से पूर्ण मन से गाएं।

बजरंग के द्वारे भक्तजन जय हनुमान ज्ञान गुण सागर जय कपीश तिहुँ लोक उजागर राम दूत अतुलित बल धामा अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा महाबीर बिक्रम बजरंगी कुमति निवार सुमति के संगी रामायण: हनुमान चालीसा का हामी महामंत्र है त्रिभुवन भिखारी राम जी का नाम लीजिए आगे बढ़िए, संकट न लीजिए बजरंग की महिमा अनंत है जो भक्ति से पूजे वो संत है श्रीराम के भक्त, जीवन सुख से भरा संकट का नाश, संकट मोचन का चिराग युद्ध में हो सच्ची विद्या की बुनाई हनुमान जी से पाई राय जय जय श्री हनुमान जी की! हे वायुपुत्र, संकटमोचन हर कार्य तुम करते हैं तात्कालिक पापों का नाश, भक्ति से मिलता सुखदायी तुम अंग्रेज, तुम संतोष की धारा इस संसार में तुम हो समाधि हे रामराजा तुमसे भक्ति आराधना तो हनुमान जी का ताला खोला तेरे दर पर जो भक्ति लाया जय हनुमान ज्ञान गुण सागर जय कपीश तिहुँ लोक उजागर

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

यह भजन 'बजरंग के द्वारे भक्तजन' हनुमान जी की भक्ति को समर्पित है, जिसमें भक्तगण हनुमान जी की महिमा गाते हैं। 'बजरंग के द्वारे भक्तजन' से तात्पर्य है कि भक्तजन हनुमान जी की शरण में आते हैं, जो संकटमोचन और ज्ञान के दाता हैं। 'जय हनुमान ज्ञान गुण सागर' से यह संकेत मिलता है कि हनुमान जी को अनंत ज्ञान और गुणों का सागर माना जाता है। वे राम जी के प्रति अपनी भक्ति को प्रमाणित करते हैं और अपनी शक्तियों का उपयोग सत्य की रक्षा के लिए करते हैं।

इस भजन के भावार्थ में यह बताया गया है कि हनुमान जी को संकट निवारक, अर्थात् जो भक्तों के संकटों को दूर करते हैं, के रूप में सम्मानित किया जाता है। 'कुमति निवार सुमति के संगी' इस बात का संकेत है कि वे बुरी सोच और विचारों को दूर करके सार्थकता की ओर ले जाते हैं। इसका अर्थ यह भी है कि जो भक्त उनका स्मरण करता है, वो सच्चे मार्ग पर चलने में समर्थ होता है। अनुभव से यह सिद्ध होता है कि हनुमान जी की उपासना से व्यक्ति के जीवन में सुख और शांति का प्रवेश होता है।

हनुमान जी का यह भजन भक्ति मार्ग का महत्व दर्शाता है। भक्ति, साधना और समर्पण के माध्यम से वे अपने भक्तों के संकटों को दूर करते हैं। हनुमान जी की आराधना में भक्त को सच्चे मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। यह भजन एक साधक को भक्ति और प्रेम के उच्चतम स्तर तक पहुंचने की प्रेरणा देता है। भक्ति के द्वारा व्यक्ति आत्मिक और मानसिक शांति प्राप्त करता है, जो कि जीवन के समस्त कष्टों का समाधान है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

इस भजन का महत्व भारतीय पौराणिक कथाओं, विशेषकर रामायण में गहराई से निहित है। हनुमान जी को राम जी के अनन्य भक्त के रूप में जाना जाता है, जिन्होंने रावण के विरुद्ध राम की सहायता की। वे संकट मोचन हैं, यानी वे ऐसे संकटों को नष्ट करते हैं जो भक्तों को परेशान करते हैं। धार्मिक ग्रंथों में हनुमान की महिमा का वर्णन किया गया है, जैसे कि रामायण और पुराणों में। यह भजन उनकी अद्वितीय शक्तियों और भक्ति का जश्न मनाता है।

वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें। हनुमान जी के इस भजन का जाप करने से मानसिक शांति, आत्म-विश्वास, और संकटों के निवारण में सहायता मिलती है। यह नियमित साधना से संजीवनी शक्ति प्राप्त करने का साधन है। भक्तों को यह अनुभव होता है कि उनकी दुआओं का उत्तर तत्काल मिलता है, और वे हर परिस्थिति में सुरक्षित महसूस करते हैं।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का सही प्रकार से जाप सुबह और शाम के समय करना लाभदायक माना जाता है। पूजा करते समय एक दीपक जलाना और हनुमान जी का स्मरण करना चाहिए। भक्त को मन में श्रद्धा, भक्ति और समर्पण के भाव के साथ बैठकर इस भजन का जाप करना चाहिए। सही मानसिकता के साथ की गई साधना से भक्ति के आयामों में वृद्धि होती है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

क्या यह भजन सभी संकटों को दूर करता है?

हाँ, 'बजरंग के द्वारे भक्तजन' भजन को गाने से भक्त के सभी संकट दूर होते हैं, हनुमान जी संकट मोचन हैं।

हनुमान जी की भक्ति का क्या महत्व है?

हनुमान जी की भक्ति से आत्म-विश्वास और मानसिक शांति बढ़ती है, वे भक्तों की रक्षा करते हैं।

इस भजन के साथ कौन सी पूजा विधि है?

इस भजन के साथ पूजा में एक दीपक जलाना, नैवेद्य ग्रहण करना और श्रद्धा से जाप करना चाहिए।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 02 Sep 2026

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