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मेरी बिगड़ी कौन बनाये मेरा संकट कौन मिटाये भजन (Meri Bigdi Kon Banaye Mera Sankat kaun Mitaye Lyrics in Hindi) - Sanjay mittal Shyam Bhajan - Bhaktilok

54 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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कृष्ण कृपा: संकट निवारण की शक्ति

यदि आप संकट में हैं, तो श्री कृष्ण का यह भजन आपके मन को शांति और साहस देगा।

मेरी बिगड़ी कौन बनायेमेरा संकट कौन मिटायेतेरे सिवा ना कोई दूजाजाऊं मैं किसके द्वारेमेरी बिगड़ी कौन बनाएमेरा संकट कौन मिटाएमांगने लायक करम किये नाफिर भी मैं आया सवालीमेरे कारण कोई कहे नाआया हैं दर से तेरे खालीमेरे पाप गिनो ना बाबासत्य राह चला देतू है मेरा संवारा तू है मेरा संवारा मेरी बिगड़ी कौन बनाएमेरा संकट कौन मिटाएद्वार तेरा हैं आली बाबातू हारे का हैं साथी नजरों का ही सब खेला हैंनजर ही खेल रचातीएक नजर पड़ जाये जो तेरीअँधियारा छट जाएमेरी बिगड़ी कौन बनाएमेरा संकट कौन मिटायेकाली घटायें उमड़ उमड़ करजितना जोर दिखाएतुम आओगे मेरे खातिरमन ना चित हो जाएये विश्वास कदा आवोगा बाबाटूट कही ना जाएमेरी बिगड़ी कौन बनाएमेरा संकट कौन मिटाएमेरी बिगड़ी कौन बनायेमेरा संकट कौन मिटायेतेरे सिवा ना कोई दूजाजाऊं मैं किसके द्वारेमेरी बिगड़ी कौन बनाएमेरा संकट कौन मिटाए

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन का केंद्रीय तत्व कष्‍ट की निवृत्ति और ईश्‍वर के प्रति भक्ति है। भजन के शब्दों में, 'मेरी बिगड़ी कौन बनाए, मेरा संकट कौन मिटाए', यह दर्शाता है कि जब भी व्यक्ति कठिनाइयों में होता है, तब वह अपने ईश्‍वर की ओर देखता है। इस भजन में यह भावना स्पष्ट है कि केवल श्री कृष्ण ही संकट के समय सच्चे सहायक हैं। उनके अलावा कोई अन्य उपाय नहीं है। भक्ति के अन्य पहलु जैसे कि आत्मसमर्पण और विश्वास भी इस भजन में निहित हैं। भजन की इस पंक्ति में हमें यह संदेश मिलता है कि भक्त को अपने पापों की चर्चा करते हुए भी, 'मेरे पाप गिनो ना बाबा', अपनी अशुद्धियों को स्वीकार करना चाहिए ताकि भगवान उसे राह पर चलाने का अवसर दे सकें।

भजन में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि भक्ति केवल अपनी समस्याओं का समाधान नहीं है, बल्कि यह निस्वार्थ प्रेम और पूर्ण समर्पण भी होनी चाहिए। 'धाराएँ उमड़ती हैं, जितना जोर दिखाए' यह पंक्ति दिखाती है कि भले ही मुश्किलें कितनी भी विकट क्यों न हों, श्री कृष्ण की कृपा और उनकी उपस्थिति से यह सब कुछ संभव हो सकता है। एकजुटता और विश्वास से भरा मन ही ईश्‍वर के पास आ सकता है। 'एक नज़र पड़ जाए जो तेरी अँधियारा छट जाए' इस पंक्ति में संकेत मिलता है कि ईश्‍वर की कृपा से जीवन की कठिनाइयाँ सरलता में परिवर्तित हो सकती हैं।

यह भजन भक्ति मार्ग (Bhakti Marg) में दृढ़ता का प्रतीक है। भक्त जिस प्रकार अपनी कठिनाइयों का उल्लेख करता है और उन पर विजय पाने के लिए सर्वशक्तिमान ईश्‍वर की मदद मांगता है, यह विशेष ध्यान का विषय है। इस भजन का पाठ करते समय भावुकता तथा आत्मसमर्पण महत्वपूर्ण है। भक्ति मार्ग में एक ईश्‍वर के प्रति निष्ठा और विश्वास के साथ कठिनाइयों का सामना करना सिखाया जाता है। यह भजन आत्मा की शुद्धता और ईश्‍वर के प्रति विश्वास को बल देता है, जो आध्यात्मिक ऊँचाई की ओर ले जाता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

यह भजन भारतीय पौराणिक कथाओं और उपासना की परंपराओं से गहरे जुड़े हुए हैं। भक्ति आंदोलन के दौरान संत भक्तों ने इसी प्रकार के भजनों के माध्यम से जनसामान्य में भक्ति का संचार किया। उदाहरण के लिए, तुलसीदास की रामायण और कबीर की सच्चाई और साधना के प्रति समर्पण को इसमें स्पष्टता मिलती है। ऐसे भजन भक्तों को मानसिक स्थिरता और आशा देते हैं, जिससे वे कठिन समय में भी धैर्य बनाए रख सकें।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भजन का जाप करने से मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक लाभ होते हैं। मानसिक तनाव और चिंता कम होती है, जिससे संतोष और शांति की अनुभूति होती है। साथ ही, यह विधि रोगों से मुक्ति का, और सकारात्मक ऊर्जा का संवर्धन करती है। आध्यात्मिक उन्नति के लिए यह भजन एक महत्वपूर्ण साधना मानी जाती है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का जाप सुबह सूर्योदय के समय या शाम के गोधूलि वेला में करना सर्वश्रेष्ठ है। पूजा के समय एक दीपक जलाना और मिठाई या ताजे फूलों का भोग अर्पित करना अच्छा रहता है। सच्चे मन से और निष्ठा के साथ ध्यान करने के लिए एक शांत स्थान पर बैठें तथा मस्तिष्क को एकाग्रता से भजन का भाव समझें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

यह भजन किस देवता को समर्पित है?

यह भजन भगवान श्री कृष्ण को समर्पित है, जो भक्तों के संकटों का निवारण करते हैं।

इस भजन के पाठ करने का सर्वोत्तम समय क्या है?

इस भजन का सर्वोत्तम पाठ का समय सुबह का होता है, जब सकारात्मक ऊर्जा का संचार अधिक होता है।

इस भजन के लाभ क्या हैं?

इस भजन का जाप करने से मानसिक शांति, आंतरिक सकारात्मकता और ईश्‍वर के प्रति विश्वास का विकास होता है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 29 Aug 2026

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