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पायोजी मैंने राम रतन धन पायो भजन लिरिक्स (Payoji Maine Ram Ratan Dhan Payo Lyrics in Hindi) - Javed Ali Meerabai Bhajan - Bhaktilok

91 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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राम रतन धन: प्रेम और भक्ति का अमृत

यह भजन हमें राम के प्रति अपार प्रेम और भक्ति की प्रेरणा देता है, साथ ही सच्चे धन की पहचान कराता है।

पायोजी मैंने राम रतन धन पायो,। राम रतन धन पायो,। बंदे को निज ता के संग, ओ मेरे राम,। हाथ तेरा जब उपर गूंजे,। सुनो राम की गाथा,। बोला राम रावण संग दीवाना,। पायोजी मैंने राम रतन धन पायो। धन की गatha किसको है इसकी। मम ता बस ता में ये सदा। जय जय जय,। राम नाम का यह खजाना। सब याम में भरता। धन की पावन गाथा। पायोजी मैंने राम रतन धन पायो। अभी तो जीजी विद्या का बोध है। अभी तो मां की कृपा ता से। ओ पंथ में श्रद्धा से। पायोजी मैंने राम रतन धन पायो। हाय हाय हाय सीना। राधे राधे राधे राधे। पायोजी मैंने राम रतन धन पायो। पायोजी मैंने राम रतन धन पायो।

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

यह भजन 'पायोजी मैंने राम रतन धन पायो' का मूल विषय राम के प्रति प्रेम और भक्ति का अमृत है। 'राम रतन धन' का अर्थ है राम का नाम जो सच्चे धन के समान है। भक्त अपने हृदय में भगवान राम की उपासना कर रहे हैं, यह दर्शाते हुए कि राम का नाम, उनके गुण और लीलाएं मनुष्य के लिए सर्वोच्च धन हैं। भजन में भक्त भगवान राम की कृपा का अनुभव करते हैं। इसमें कहा गया है कि जब भक्त अपने हृदय में राम का नाम उच्चारण करता है, तब एक दिव्य अनुभव से गुज़रता है, जो हर प्रकार की विषमताओं में शांति और संतोष प्रदान करता है। भक्त यह मानता है कि केवल राम के नाम से उसके जीवन की हर समस्या का समाधान होता है तथा ये धन अमूल्य है।

इस भजन में भक्त की भावना प्रकट होती है कि उसने राम के नाम का रतन पाया है। 'हाथ तेरा जब उपर गूंजे' का अर्थ है कि जब हम राम की भक्ति में लीन होते हैं तो हमारी प्रार्थनाएं आकाश में पहुंच जाती हैं। 'बोला राम रावण संग दीवाना' में भक्त बताता है कि राम का नाम ही उनके लिए जीवन की सम्पूर्णता है और यही उनका वास्तविक धन है। इसी धन से युक्त होकर वे जीवन के हर परीक्षा में खड़े होते हैं। इसके साथ ही राम की कथा सुनाना और सुनना भी इस भक्ति का हिस्सा है, जो भक्त को राम के अद्भुत गुणों और लीलाओं का ज्ञान देती है। यह भजन इस बात को दर्शाता है कि भक्ति के द्वारा व्यक्ति आत्मिक शांति और सुख को प्राप्त कर सकता है।

भक्ति मार्ग का यह शास्त्र हमें सिखाता है कि सच्चे धन की पहचान केवल भौतिक वस्तुओं में नहीं है, बल्कि आध्यात्मिक अनुभव में है। 'जय जय जय, राम नाम का यह खजाना' इस तथ्य को प्रकट करता है कि राम का नाम हर परिस्थिति में हमारा साथी है। यह भजन हमारी भक्ति को दृढ करने में मदद करता है और हमारे व्यवहार को सच्चे प्रेम के आधार पर स्थिर करते हुए जीवन में सकारात्मकता लाता है। भगवान राम के प्रति अटूट प्रेम और समर्पण का अनुभव कराते हुए, यह भजन हमें जीवन में सच्चे धन की पहचान कराता है, जो कि केवल राम के नाम में है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

यह भजन भक्त मीरा बाई द्वारा गाया गया है, जो भक्ति परंपरा की एक महान व्यक्तित्व हैं। मीरा की कथा 'रामायण' और अन्य पुराणों में वर्णित राम के प्रति उनकी अनन्य भक्ति को दर्शाती है। राम का नाम उनके लिए सभी प्रकार की बुराइयों से बचाव का साधन है। पुराणों के अनुसार, जब भक्त सच्चे मन से राम का नाम लेते हैं, तो वे राम की कृपा प्राप्त करते हैं, जो उन्हें समस्त दुखों से मुक्त कर देती है। रामायण में भगवान राम के चरित्र की महिमा और उनकी लीलाओं का गुणगान किया गया है, जो भक्तों को मार्ग दिखाती हैं।

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। इस भजन का जाप मानसिक शांति, आंतरिक संतुलन और आध्यात्मिक उन्नति के लिए लाभकारी है। यह शांति और समर्पण का अनुभव कराता है और जीवन के तनाव को कम करता है। भावनात्मक और मानसिक तनाव के समय राम का नाम लेने से अद्भुत राहत मिलती है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का जाप सुबह के समय सूर्योदय के बाद करना सर्वोत्तम होता है। इस समय सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। भक्त को पूजा स्थल पर एक दीप प्रज्वलित करना चाहिए और भगवान राम को फूल और मिठाई अर्पित करनी चाहिए। आदर्श स्थिति में बैठकर मन को एकाग्र करते हुए राम नाम का जाप करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

इस भजन को कब गाना चाहिए?

इस भजन को सुबह सूर्योदय के समय गाना सबसे लाभदायक माना जाता है, जिससे दिन की शुरुआत सकारात्मकता के साथ हो।

क्या इस भजन का जाप करने से कोई खास लाभ होता है?

जी हां, इस भजन का जाप मानसिक शांति और आंतरिक स्थिरता प्रदान करता है, तथा भक्त की भक्ति को और भी बढ़ाता है।

क्या मीरा बाई का भक्ति मार्ग इस भजन में प्रदर्शित है?

जी हां, मीरा बाई की भक्ति की भावना और राम के प्रति उनका प्रेम इस भजन में स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर होता है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 21 Aug 2026

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