आज का पंचांग (Columbus) | सूर्योदय: ०४:३० PM | सूर्यास्त: ०५:३१ AM
Parvati Stotram

तेरी ज्योति में वो जादू है लिरिक्स (Teri Jyoti Mein Wo Jaadu Hai Lyrics in Hindi) - Maa Sherowali Bhajan Mukesh Bagda - Bhaktilok

61 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
आकार:
कंट्रास्ट:

माँ शेरोवाली की ज्योति का अद्भुत जादू

यह भजन माँ शेरोवाली की दिव्य ज्योति का गुणगान करता है, जो सभी अंधकार मिटाती है।

तेरी ज्योति में वो जादू है लिरिक्स (Teri Jyoti Mein Wo Jaadu Hai Lyrics in Hindi) - Maa Sherowali Bhajan Mukesh Bagda - भक्ति लोक तेरी ज्योति में वो जादू है तकदीर बना देती है जगमग जलती जब ज्योत तेरी अंधकार मिटा देती है तेरी ज्योति में वो जादू है तकदीर बना देती है। तेरी ज्योति है माँ पावन इससे दुनियां है माँ रौशन लागे सबको ही मन भावन मैया सारे ही अँधेरे मिटाती जहाँ पे ज्योति जलती है वहाँ पे खुशियाँ मिलती है सबकी भक्ति पलती है बिगड़े काम बनाती सारे खुशियों का सवेरा जीवन में तेरी ज्योत करा देती है तेरी ज्योति में वो जादू है तकदीर बना देती है। तेरी ज्योत निराली है खुशिया देने वाली है दामन भरने वाली है मैया पल में कमाल दिखाए देवता गीत तेरे गाए जगती चौखट पे आए तेरी किरपा माँ पाए तू ही सबको निहाल कराए खाली दामन हम भक्तों का तेरी ज्योत भरा देती है तेरी ज्योति में वो जादू है तकदीर बना देती है। तेरा हर्ष भी ये चाहे तेरे दर पे वो आए तेरी किरपा माँ पाए तेरे चरणों में झुक जाऊँ तेरी ज्योत जला के माँ तेरी रात जगा के माँ तेरी महिमा गाके माँ मैं भी जीवन धन्य बनाऊँ मुझ जैसे भटके को रस्ताते तेरी ज्योत दिखा देती है तेरी ज्योति में वो जादू है तकदीर बना देती है। तेरी ज्योति में वो जादू है तकदीर बना देती है जगमग जलती जब ज्योत तेरी अंधकार मिटा देती है तेरी ज्योति में वो जादू है तकदीर बना देती है।

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन का मुख्य संदेश है कि माँ की ज्योति में अद्वितीय जादू है, जो व्यक्तियों की तकदीर बदल सकती है। जैसे कि 'तेरी ज्योति में वो जादू है, तकदीर बना देती है' इस पंक्ति में अभिव्यक्त किया गया है, यह दर्शाता है कि माँ की ज्योति से जीवन में अंधकार मिट जाता है। जिस समय 'जगमग जलती जब ज्योत तेरी' की अभिव्यक्ति होती है, यह बताता है कि जब माँ की उपासना होती है, तब हमारे चारों ओर की नकारात्मकता खत्म होती है और सकारात्मकता का प्रवाह होता है। ये पंक्तियाँ भक्तों को प्रेरित करती हैं कि वे माँ की ज्योति में विश्वास करें, क्योंकि यह न केवल उनकी तकदीर को बदलने में सक्षम है, बल्कि जीवन को भी सवेरा और सुंदर बनाती है।

भजन में विभिन्न भावनाएँ व्यक्त की गई हैं, जैसे भक्त का समर्पण और माँ के प्रति अद्वितीय स्नेह। 'जहाँ पे ज्योति जलती है, वहाँ पे खुशियाँ मिलती है' की भावना हमें सिखाती है कि माँ की ज्योति जहाँ भी प्रकट होती है, वहाँ सुख का संचार होता है। इसी प्रकार, 'तेरे चरणों में झुक जाऊँ' का भाव भक्त के ह्रदय में असीम श्रद्धा को दर्शाता है। यहाँ भक्त अपने जीवन के अंधकार को मिटाने हेतु माँ से प्रार्थना कर रहा है ताकि उसे सही मार्गदर्शन मिल सके। भक्ति का यह स्वरूप आंतरिक शांति और संतोष की प्राप्ति का माध्यम बनता है।

भजन में भक्ति मार्ग की गहराई से चर्चा की गई है, जहाँ माँ की ज्योति को भक्ति का प्रतीक माना गया है। यही ज्योति हमें मार्ग दिखाती है—'तेरी ज्योत दिखा देती है' कहने से भक्त का विश्वास और मजबूत होता है। बता दें कि भक्ति में सच्ची श्रद्धा का होना जरूरी है, जो माँ के प्रति श्रद्धा के साथ आई है। 'बिगड़े काम बनाती सारे' यह दर्शाता है कि भगवान के साथ सही संबंध स्थापित कर, भक्त अपने जीवन में सफलताओं को प्राप्त कर सकता है। भक्ति मार्ग व्यक्ति को एकत्रित कर उसे दिव्य करुणा का अनुभव कराता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

इस भजन का महत्व भारतीय पौराणिक कथाओं में गहराई से निहित है। माँ दुर्गा या माँ शेरोवाली की उपासना का महत्व हमारे पुराणों में बताया गया है। देवी भागवत और अन्य शास्त्रों में माँ की शक्ति तथा ज्योति का उल्लेख मिलता है। यह भजन भक्ति के माध्यम से हमें यह सिखाता है कि किस प्रकार माँ की उपासना से हमारे जीवन में सकारात्मक परिवर्तन हो सकते हैं। भक्तों को अनुशासन में रहकर उनकी ज्योति के प्रति समर्पित रहना चाहिए, जो सच्चे प्रेम और सच्चे हृदय से उन्हें प्रदान किया जाता है।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भजन का नियमित पाठ करना मानसिक शांति प्रदान करता है। यह आंतरिक चिंताओं से मुक्ति का साधन बनता है और सकारात्मकता का संचार करता है। इसके अलावा, यह व्यक्ति के जीवन में आशा और ऊर्जा को बढ़ाता है, जब वे माँ की ज्योति के माध्यम से अपनी समस्याओं को हल करने का प्रयास करते हैं। श्रवण एवं गायन से व्यक्ति की आध्यात्मिक उन्नति होती है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का पाठ सुबह या सांयकाल में करना श्रेष्ठ माना जाता है, जब वातावरण शांत होता है। इस दौरान एक दीया जलाकर माँ की तस्वीर के सामने बैठना चाहिए, और मन को एकाग्र करते हुए भजन का उच्चारण करना चाहिए। भजनों का भावार्थ समझकर गाना चाहिए ताकि मन में आध्यात्मिकता का संचार हो।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

भजन 'तेरी ज्योति में वो जादू है' का क्या संदेश है?

यह भजन माँ की ज्योति के अद्भुत विस्तार और दिव्य शक्तियों का वर्णन करता है, जो भक्तों की तकदीर को बदलने में सक्षम है।

इस भजन में कौन से भावों का ऐलान किया गया है?

भजन में भक्त का माँ के प्रति प्रतीकात्मक प्रेम, अंधकार से प्रकाश की ओर जाने की अभिलाषा तथा मानसिक शांति की खोज का परिचय मिलता है।

भजन का पाठ करने का उत्तम समय क्या है?

भजन का पाठ सुबह या संध्या के समय करना उत्तम रहता है, जिससे वातावरण में शांति और ध्यान की स्थिति बनी रहती है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 03 Sep 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!