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Hanuman Bhajan

आज मंगलवार है महावीर का वार है लिरिक्स (Aaj Mangalwar Hai Lyrics In Hindi) - SHIV NIGAM Hanuman Bhajan - Bhaktilok

73 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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हनुमान जी की महिमा एवं कृपा का स्तोत्र

हनुमान ji के प्रति आस्था और अनुराग दर्शाने वाला यह भजन सोमवार का विशेष लाभ लेकर आता है।

आज मंगलवार है महावीर का वार है। महावीर हनुमान जी का बार-बार स्मरण करें, प्रभु कृपा से सब दुखों का निवारण करें। आज मंगलवार है महावीर का वार है। हनुमान जी महावीर हैं, संकट मोचन हैं, जो भक्त उनके, संकट से वो बचते हैं। जय हनुमान ज्ञान गुण सागर, जय कपीस तिहुँ लोक उजागर। श्रीराम दूत, पवनसुत हनुमान, आपकी महिमा को कौन न जान शरणागत वत्सल, वीर हनुमान। आज मंगलवार है महावीर का वार है। संकट संकट मिटाए जो, वो हनुमान हैं, भक्तों के संकटों का, वो निवारण करें, आज मंगलवार है महावीर का वार है। जय हनुमान, जय हनुमान।

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन का मुख्य विषय हनुमान जी की महिमा और उनकी कृपा है। बुधवार का दिन हनुमान जी के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन भक्तजन उनकी आराधना में लीन होते हैं, जिससे झूठे दुखों का निवारण किया जा सके। हनुमान जी को संकट मोचन माना जाता है, अर्थात जिनकी कृपा से भक्त अपने सभी संकटों से मुक्त हो जाते हैं। 'महावीर हनुमान जी' का उल्लेख करते हुए भजन इसी बात पर जोर देता है कि हनुमान जी ना केवल वीरता के प्रतीक हैं, बल्कि उनके ज्ञान और शक्ति से भरपूर होना भी दर्शाता है। 'जय हनुमान ज्ञान गुण सागर' के माध्यम से भक्तों को उनके अद्भुत ज्ञान और गुणों की तरफ ध्यान आकृष्ट होता है, जिससे वे अपनी भक्ति को और मजबूत कर पाएं।

भावार्थ की दृष्टि से इस भजन में भक्त का हनुमान जी के प्रति असीम प्रेम और श्रद्धा व्यक्त होती है। 'जो भक्त उनके, संकट से वो बचते हैं' यह लाइन भक्तों को यह विश्वास दिलाती है कि हनुमान जी सदैव उनके साथ हैं। भक्त के भाव और भक्ति का संपूर्ण भावनात्मक आयाम इस भजन में छिपा है, जिससे भक्त अपने सारे दुख-दर्द भूलकर केवल हनुमान जी की भक्ति में लीन हो जाते हैं। हनुमान जी की महिमा को बखान करते हुए इस भजन ने भक्तों को यह भी सिखाया है कि वे निश्चिंत रह सकते हैं, क्योंकि हनुमान जी उनके संकटों से उन्हें बचाने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं।

यह भजन भक्ति मार्ग के सिद्धांतों का अनुपम उदाहरण है। भक्तों की सच्ची भक्ति और समर्पण का प्रतीक होते हैं हनुमान जी, जिनके प्रति अटूट विश्वास रखने पर भक्त सभी मुश्किलों को पार कर सकते हैं। इस भजन के माध्यम से भक्तों को यह संदेश प्राप्त होता है कि अगर वे अपने मन में दृढ़ संकल्प रखेंगे और हनुमान जी की आराधना करेंगे, तो सब कुछ संभव है। हनुमान जी की भक्ति अलौकिक शक्ति और स्थायी सुख की प्राप्ति का मार्ग खोलती है। इस प्रकार भक्ति मार्ग में चलकर भक्त हमेशा सच्चे सुख और आत्मशांति की खोज कर सकते हैं।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

भारत के धार्मिक ग्रंथों में हनुमान जी का स्थान अद्वितीय है। रामायण में, हनुमान जी माता सीता की खोज में राम जी के अनन्य भक्त के रूप में प्रकट होते हैं। वे संकट मोचन हैं और भक्तों की सभी समस्याओं को हल करते हैं। अनेकों पुराणों में, उन्हें 'अजर-अमर' और 'वीर' कहा गया है। यह भजन हनुमान चालीसा के सिद्धांतों को आगे बढ़ाते हुए, भक्तों को मानसिक और आध्यात्मिक शांति प्रदान करने का कार्य करता है।

भगवान शिव की महिमा, लिंगोत्पत्ति और पवित्र तीर्थों के विवरण के लिए शिव पुराण का संपूर्ण अध्ययन करें। हनुमान जी का यह भजन मानसिक शांति, आध्यात्मिकता और बुराईयों से छुटकारा दिलाने में सहायक होता है। इसका नियमित जाप करने से भक्तों में आंतरिक शक्ति और आत्मविश्वास की वृद्धि होती है। यह भजन आध्यात्मिक उन्नति और मन और मस्तिष्क में संतुलन लाने में महत्वपूर्ण है, जिससे भक्त हनुमान जी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का जाप मंगलवार के दिन विशेष रूप से किया जाना चाहिए। भक्तों को चाहिए कि वे सुबह स्नान करके साफ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल को स्वच्छ करें और वहां एक दीया जलाएं। इसके बाद, भजन को ध्यानपूर्वक बैठकर श्रद्धा पूर्वक गाएं। मन को एकाग्र करते हुए, हनुमान जी से सहायता और कृपा की कामना करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

इस भजन का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इस भजन का मुख्य उद्देश्य हनुमान जी की महिमा और उनके प्रति भक्ति प्रकट करना है, जिससे भक्त संकटों से मुक्ति पा सकें।

हनुमान जी की पूजा का सही समय कब है?

हनुमान जी की पूजा का सही समय मंगलवार का दिन होता है, जब भक्त विशेष रूप से उनका ध्यान करते हैं।

इस भजन का जाप करते समय क्या ध्यान रखना चाहिए?

इस भजन का जाप करते समय मन को शांत और एकाग्र रखना चाहिए, साथ ही पूजा स्थल को स्वच्छ रखना आवश्यक है।

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विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 25 Aug 2026

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