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Hanuman Bhajan

जय जय जय हनुमान गोसाई (Jai Jai Jai Hanuman Gosai Lyrics in Hindi) - Hanuman Bhajan Samarpit Golani - Bhaktilok

71 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

जय जय जय हनुमान गोसाई (Jai Jai Jai Hanuman Gosai Lyrics in Hindi) - 


बेगी हरो हनुमान महाप्रभु

जो कछु संकट होय हमारो

कौन सो संकट मोर गरीब को

जो तुम से नहीं जात है टारो ।।


जय जय जय हनुमान गोसाई

कृपा करो महाराज ।।

जय जय जय हनुमान गोसाई

कृपा करो महाराज ।।


तन में तुम्हरे शक्ति विराजे

मन भक्ति से भीना

जो जन तुम्हरी शरण में आये

जो जन तुम्हरी शरण में आये

दुख दरद हर लीना हनुमत

दुख दरद हर लीना


महावीर प्रभु हम दुखियन के

तुम हो गरीब निवाज हनुमत

तुम हो गरीब निवाज हनुमत

जय जय जय हनुमान गोसाई

कृपा करो महाराज ।।


जय जय जय हनुमान गोसाई

कृपा करो महाराज ।।


राम लखन वैदेही तुम पर

सदा रहे हर्षाये

हृदय चीर के राम सिया का

हृदय चीर के राम सिया का

दर्शन दिया कराए हनुमत

दर्शन दिया कराए


दोऊ कर जोड़ अरज हनुमंता

कहियो प्रभु से आज हनुमत

कहियो प्रभु से आज

जय जय जय हनुमान गोसाई

कृपा करो महाराज ।।


जय जय जय हनुमान गोसाई

कृपा करो महाराज ।।


राम भजन के तुम हो रसिया

जाने दुनिया सारी

वंदन करते तेरा हनुमत

वंदन करते तेरा हनुमत

इस जग के नर नारी

इस जग के नर नारी

राम नाम जप के हनुमंता

बने भक्त सरताज हनुमत

बने भक्त सरताज ।।


जय जय जय हनुमान गोसाई

कृपा करो महाराज

जय जय जय हनुमान गोसाई

कृपा करो महाराज ।।



🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

संकटमोचन हनुमान जी का यह भजन "जय जय जय हनुमान गोसाई (Jai Jai Jai Hanuman Gosai Lyrics in Hindi) - Hanuman Bhajan Samarpit Golani - Bhaktilok" बल, बुद्धि, विद्या और भक्ति का संचार करने वाला है। कलयुग के जागृत देव श्री हनुमान जी की महिमा अपार है। इस भजन का मुख्य उद्देश्य साधक के भीतर के भय को दूर कर उसमें आत्मगौरव और निष्काम सेवा भाव जागृत करना है।

भजन की चौपाइयों और पंक्तियों में हनुमान जी की लंका दहन, संजीवनी बूटी लाना और प्रभु श्री राम के प्रति अनन्य प्रेम का वर्णन होता है। हनुमान जी की शरण में जाने पर बड़े से बड़ा संकट भी क्षण भर में समाप्त हो जाता है, यही इस भजन की मूल भावना है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

हनुमान चालीसा और सुंदरकांड की भांति ही हनुमान भजनों का विशेष धार्मिक महत्त्व है। हनुमान जी को अष्ट सिद्धि और नौ निधियों के दाता के रूप में पूजा जाता है। इस पावन भजन के गायन से भूत-पिशाच, नकारात्मक ऊर्जा और सभी प्रकार के ऊपरी बाधाओं से मुक्ति मिलती है।

वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें। हनुमान भजन से आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि होती है, मानसिक रोग जैसे तनाव, अनिद्रा और डिप्रेशन दूर होते हैं। यह छात्रों की बुद्धि और परीक्षा में सफलता के लिए भी रामबाण है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

हनुमान जी की पूजा के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन विशेष रूप से निर्धारित है। लाल आसन पर बैठकर, हनुमान जी के सम्मुख चमेली के तेल का दीपक जलाएं और पूरे मनोयोग से इस भजन का संकीर्तन करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

हनुमान जी को किस दिन चमेली का तेल चढ़ाना चाहिए?

शनिवार और मंगलवार के दिन हनुमान जी को सिंदूर में चमेली का तेल मिलाकर चढ़ाना अत्यंत शुभ और संकट निवारक माना गया है।

क्या हनुमान भजन परीक्षा के भय को दूर करने में सहायक है?

हाँ, हनुमान जी के भजनों और मंत्रों के संकीर्तन से मन एकाग्र होता है, भय का नाश होता है और याददाश्त बढ़ती है।

शनि दोषों की शांति के लिए हनुमान उपासना क्यों की जाती है?

हनुमान जी ने शनिदेव को रावण के बंधन से मुक्त कराया था, जिसके कारण शनिदेव ने वचन दिया था कि जो हनुमान जी की भक्ति करेगा, उसे शनि जनित पीड़ा नहीं भोगनी पड़ेगी।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 25 Aug 2026

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