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पता नहीं किस रूप में आकर नारायण मिल जाएगा ( Pata Nhi Kis Roop Me Aakar Narayan Mil Jaayega Lyrics) - राम भजन कीर्तन - Bhaktilok

101 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें


पता नहीं किस रूप में आकर नारायण मिल जाएगा ( Pata Nhi Kis Roop Me Aakar Narayan Mil Jaayega Lyrics) - 


राम नाम के साबुन से जो मन का मैल छुड़ाएगा

निर्मल मन के दर्पण में वह राम के दर्शन पाएगा ॥

नर शरीर अनमोल रे प्राणी प्रभु कृपा से पाया है

झूठे जग प्रपंच में पड़ कर क्यों प्रभु को बिसराया है।।

समय हाथ से निकल गया तो.............


समय हाथ से निकल गया तो सिर धुन धुन पछतायेगा।

निर्मल मन के दर्पण में वह राम के दर्शन पाएगा

राम नाम के साबुन से जो मन का मैल छुड़ाएगा

निर्मल मन के दर्पण में वह राम के दर्शन पाएगा व्यवहार ।

झूठ कपट निंदा को त्यागो हर प्राणी से प्यार करो

घर पर आए अतिथि कोई तो यथाशक्ति सत्कार करो क्यों।

पता नहीं किस रूप में आकर..................


पता नहीं किस रूप में आकर नारायण मिल जाएगा

निर्मल मन के दर्पण में वह राम के दर्शन पाएगा।।

राम नाम के साबुन से जो मन का मैल छुड़ाएगा

निर्मल मन के दर्पण में वह राम के दर्शन पाएगा ॥

साधन तेरा कच्छा है जब तक प्रभु पर विश्वाश नहीं 

मंजिल कर पाना है क्या जब दीपक में प्रकाश नही ।।

निश्चय है तो भवसागर से.............


निश्चय है तो भवसागर से बेड़ा पार हो जाएगा 

निर्मल मन के दर्पण में वह राम के दर्शन पाएगा

राम नाम के साबुन से जो मन का मैल छुड़ाएगा

निर्मल मन के दर्पण में वह राम के दर्शन पाएगा ॥

दौलत का अभिमान है झूठा यह तो आनी जानी है

राजा रंक अनेक हुए कितनो की सुनी कहानी है।।

राम नाम प्रिय महामंत्र ही............


राम नाम प्रिय महामंत्र ही साथ तुम्हरे जायेगा ।।

निर्मल मन के दर्पण में वह राम के दर्शन पाएगा

राम नाम के साबुन से जो.............


राम नाम के साबुन से जो मन का मैल छुड़ाएगा

निर्मल मन के दर्पण में वह राम के दर्शन पाएगा ॥

राम नाम के साबुन से जो मन का मैल छुड़ाएगा

निर्मल मन के दर्पण में वह राम के दर्शन पाएगा ॥

राम नाम के साबुन से जो मन का मैल छुड़ाएगा

निर्मल मन के दर्पण में वह राम के दर्शन पाएगा ॥ 


पता नहीं किस रूप में आकर नारायण मिल जाएगा (Pata Nhi Kis Roop Me Aakar Narayan Mil Jayega Lyrics In Hindi) - ram bhajan - Bhaktilok


प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें।

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

भगवान श्री रामचंद्र जी को समर्पित यह भजन "पता नहीं किस रूप में आकर नारायण मिल जाएगा ( Pata Nhi Kis Roop Me Aakar Narayan Mil Jaayega Lyrics) - राम भजन कीर्तन - Bhaktilok" मर्यादा पुरुषोत्तम के पावन चरित्र का स्मरण कराता है। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस के सिद्धांतों के अनुसार, राम का नाम स्वयं राम से भी अधिक सामर्थ्यवान है। इस भजन की लय और शब्द भक्त को सीधे साकेत धाम की पावन चेतना से जोड़ते हैं।

भजन का प्रमुख भाव शरणागति का है। जब जीव समस्त सांसारिक प्रपंचों से थककर भगवान राम के चरणों में शरण लेता है, तो उसे परम अभय की प्राप्ति होती है। राम नाम की ध्वनि से वातावरण शुद्ध होता है और अंतःकरण में धर्म और सत्य के प्रति निष्ठा दृढ़ होती है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

सनातन ग्रंथों के अनुसार, राम नाम का जाप कलयुग का सर्वश्रेष्ठ साधन माना गया है। वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस में राम नाम की असीम महिमा गाई गई है। यह भजन साधक के मन में वैराग्य, संयम, दया और कर्तव्य परायणता जैसे नैतिक मूल्यों का संचार करता है।

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। राम नाम के संकीर्तन से व्यक्ति का आत्मबल जागृत होता है, भय तथा शंकाओं का नाश होता है और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी धैर्य रखने की शक्ति प्राप्त होती है। यह पारिवारिक सौहार्द और मर्यादा की स्थापना में सहायक है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

राम भजन का संकीर्तन प्रातःकाल स्नान के पश्चात राम दरबार की प्रतिमा के सम्मुख घी का दीपक जलाकर करें। तुलसी की माला से राम नाम का जप करने के पश्चात इस भजन का गायन अत्यंत फलदायी होता है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

राम भजन के गायन से क्या लाभ प्राप्त होते हैं?

राम भजन के संकीर्तन से मानसिक शांति, उत्तम चरित्र, और विपत्तियों में धैर्य बनाए रखने का आत्मबल प्राप्त होता है।

राम नाम जप के लिए सर्वश्रेष्ठ माला कौन सी है?

भगवान श्री राम के मंत्र जाप और संकीर्तन के लिए तुलसी की माला को सर्वश्रेष्ठ और अत्यंत पवित्र माना गया है।

क्या राम भजन बच्चों के संस्कारों के लिए उपयोगी है?

हाँ, भगवान राम के मर्यादापूर्ण चरित्र के भजन सुनने से बच्चों में बड़ों के प्रति सम्मान, सत्यप्रियता और उच्च नैतिक संस्कारों का विकास होता है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 29 Aug 2026

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