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संसार का सारा सुख केवल श्री राम तुम्हारे चरणों में लिरिक्स (Sansar Ka Sara Sukh Keval Shree Ram Tumhare Charno Mein Lyrics in Hindi) - Komal Pathak - Bhaktilok

45 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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श्री राम के चरणों में सुख का अनुपम भजन

श्री राम के चरणों में समर्पित यह भजन संपूर्ण सुख की प्राप्ति का उपाय बताता है।

संसार का सारा सुख केवल श्री राम तुम्हारे चरणों मेंलिरिक्स (Sansar Ka Sara Sukh Keval Shree Ram Tumhare Charno Mein Lyrics in Hindi) - संसार का सारा सुख केवलश्री राम तुम्हारे चरणों मेंप्रतिपल प्रतिक्षण मैं जपा करूँतेरा नाम तुम्हारे चरणों मेंसंसार का सारा सुख केवलश्री राम तुम्हारे चरणों मेंदीनो का दुःख हरने वालेदुखियों पे दया करने वालेदयासिन्धु न्योछार दास करेधन धान तुम्हारे चरणों मेंसंसार का सारा सुख केवलश्री राम तुम्हारे चरणों मेंतुम ही तुम रहो मेरे मन मेंतेरी छवि बसी हो धड़कन मेंदुनिया में मिले तो मिले सदाआराम तुम्हारे चरणों मेंसंसार का सारा सुख केवलश्री राम तुम्हारे चरणों मेंकरूणानिधि इतनी दया करोअपराध मेरे सब क्षमा करो‘कोमल’ ‘कुलदीप’ ये गुण गाएसुबहो शाम तुम्हारे चरणों मेंसंसार का सारा सुख केवलश्री राम तुम्हारे चरणों मेंसंसार का सारा सुख केवलश्री राम तुम्हारे चरणों मेंप्रतिपल प्रतिक्षण मैं जपा करूँतेरा नाम तुम्हारे चरणों मेंसंसार का सारा सुख केवलश्री राम तुम्हारे चरणों में ||

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

यह भजन 'संसार का सारा सुख केवल श्री राम तुम्हारे चरणों में' इस भाव को प्रकट करता है कि सभी सुख श्री राम के चरणों में ही स्थित हैं। भजन के प्रारंभ में कहा गया है कि हर पल भक्त श्री राम का नाम जपते हैं, जो भक्ति का सर्वोच्च आचार है। भक्त अपने मन की गहराइयों से राम के चरणों में सुख की तलाश करते हैं। यहां 'दीनों का दुःख हरने वाले' और 'दुखियों पे दया करने वाले' जैसे विशेषण श्री राम के करुणामय स्वरूप को दर्शाते हैं, जो अत्यंत कठिनाइयों में फंसे लोगों पर दया करते हैं। यहां दया और करुणा का उल्लेख करते हुए, भक्त श्री राम के प्रति अपने पूर्ण समर्पण का भाव व्यक्त करते हैं।

भावार्थ की दृष्टि से, यह भजन एक गहरी भक्ति का परिचायक है। इसमें भक्त यह प्रार्थना करता है कि 'करूणानिधि इतनी दया करो', जिससे यह समझ आता है कि दूसरों के प्रति करुणा और दया का भाव ही सच्ची भक्ति का आधार है। भक्त की यह इच्छा है कि अगर वाणी में कोई गलती हो जाए, तो प्रभु कृपा से सब माफ कर दें। 'तेरी छवि बसी हो धड़कन में' पंक्ति में भक्त अपने हृदय में श्री राम की छवि को बसा कर हर कार्य में उनका स्मरण करने की भावना व्यक्त कर रहे हैं। यह केवल एक भक्ति गीत नहीं, बल्कि भक्त की अंदरूनी इच्छा का भी प्रतिक है।

इस भजन की आध्यात्मिक गहराई का विश्लेषण करने पर, यह सिद्ध होता है कि यह भक्ति मार्ग (Bhakti Marg) का प्रतीक है। भक्त का ध्यान और प्रेम श्री राम की ओर केन्द्रित है, जहाँ सुख की प्राप्ति का कोई अन्य साधन नहीं है। राम के प्रति निष्ठा और श्रद्धा से भक्त का सांसारिक दुःख दूर होता है। श्री राम को 'दयासिन्धु' कहा गया है, जो यह बताता है कि हर एक व्यक्ति के लिए उनका दरवाजा हमेशा खुला है। यह भजन स्पष्ट करता है कि सच्ची भक्ति केवल शारीरिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव और सच्चे प्रेम का मेल है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

इस भजन का महत्व केवल भक्ति तक ही सीमित नहीं, बल्कि यह रामायण जैसी पवित्र ग्रंथों के जीवनदायिन संदेशों का प्रसार करता है। राम, जो कि विष्णु के अवतार हैं, ने संसार में धर्म और नीति का पालन कर एक आदर्श जीवन बताया। उनकी दया और करुणा के अनेक उदाहरण हैं, जैसे सीता के लिए उनका त्याग, तथा भक्त हनुमान का उनकी सेवा में श्रम। यह भजन ऐसे तत्वों को दर्शाता है, जो भक्त को प्रोत्साहित करते हैं कि भगवान की भक्ति से सारी कठिनाइयाँ दूर हो जाती हैं।

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। इस भजन का唱न करने से मानसिक शांति, करुणा और प्रेम बढ़ता है। यह ध्यान केंद्रित करने और आत्मा की शुद्धि में मदद करता है। नियमित रूप से इस भजन का唱न करने से भक्त के मन में श्री राम के प्रति गहरा प्रेम और समर्पण पैदा होता है, जिससे वे तनाव, चिंता और जीवन के अन्य नकारात्मक प्रभावों से मुक्त हो सकते हैं।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का唱न उइठने के बाद भोर में या संध्या समय किया जा सकता है। पूजा पाठ के समय एक दीया जलाना, फूलों और फल का प्रसाद अर्पित करना शुभ माना जाता है। सही मुद्रा में बैठकर, ध्यानנסिंप ले ताजगी से इस भजन का唱न करना चाहिए। भक्त का मन एकाग्रता के साथ श्री राम की भक्ति में लिप्त होना चाहिए।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?

भजन का मुख्य संदेश यह है कि सभी सुख श्री राम के चरणों में निहित हैं और उनकी भक्ति से दुखों का निवारण होता है।

क्या इस भजन का唱न करने से मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है?

जी हाँ, इस भजन का唱न करने से मानसिक शांति, भावनात्मक स्थिरता और प्रेम के भाव में वृद्धि होती है।

कब इस भजन का唱न करना सबसे उत्तम है?

इस भजन का唱न सुबह या शाम को किया जाता है, जो मन को एकाग्र बनाने और आत्मा की शुद्धि के लिए उपयुक्त है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 31 Aug 2026

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