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राम दरबार है जग सारा राम ही तीनो लोक के राजा लिरिक्स (Ram darbar hai jag sara Lyrics in Hindi) - Shri Ram Bhajan - Bhaktilok

189 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind | 2 मिनट पठन समय
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राम दरबार है जग सारा राम ही तीनो लोक के राजा लिरिक्स (Ram darbar hai jag sara Lyrics in Hindi) - 



राम दरबार है जग सारा
 राम ही तीनो लोक के राजा
सबके प्रतिपाला सबके 
आधारा राम दरबार हैं जग सारा ||


राम का भेद ना पाया वेद 
निगमहूँ नेति नेति उच्चारा
राम दरबार हैं जग सारा 
राम दरबार हैं जग सारा ||


रमापति राम उमापति शम्भू 
एक दूजे का नाम उर धारा
राम दरबार हैं जग सारा 
राम दरबार हैं जग सारा ||


तीन लोक में राम का 
सज़ा हुआ दरबार
जो जहाँ सुमिरे वहीं 
दरस दें उसे राम उदार
जय जय राम सियाराम
जय जय राम सियाराम
जय जय राम सियाराम
जय जय राम सियाराम राम दरबार हैं
जग सारा राम दरबार हैं जग सारा ||


राम में सर्व राम में सब 
माही रूप विराट राम सम नाहीं
जितने भी ब्रह्मांड रचे हैं 
सब विराट प्रभु माहि बसें हैं
रूप विराट धरे तो चौदह 
भुवन में नाहीं आते हैं
सिमटेई तो हनुमान 
ह्रदय में सीता सहित समाते हैं ||


पतित उधारन दीन बंधु 
पतितो को पार लगातें हैं
बेर बेर शबरी के 
हाथों बेर प्रेम से खाते हैं ||


जोग जतन कर जोगी 
जिनको जनम जनम नहीं पाते हैं
भक्ति के बस में होकर 
के वे बालक भी बन जाते हैं ||


योगी के चिंतन में राम 
मानव के मंथन में राम
तन में राम मन में राम 
सृष्टि के कण कण में राम ||


आती जाती श्वास में राम 
अनुभव में आभास में राम
नहीं तर्क के पास में राम 
बसतें में विश्वास में राम ||


राम तो हैं आनंद के सागर 
भर लो जिसकी जितनी गागर
कीजो क्षमा दोष त्रुटि स्वामी 
राम नमामि नमामि नमामि ||


अनंता अनंत अभेदा अभेद 
आगम्य गम्य पार को पारा
राम दरबार है जग सारा 
राम दरबार हैं जग सारा ||



🙏 भजन का विस्तृत अर्थ और भावार्थ (Lyrics Meaning)

भगवान श्री रामचंद्र जी को समर्पित यह भजन "राम दरबार है जग सारा राम ही तीनो लोक के राजा लिरिक्स (Ram darbar hai jag sara Lyrics in Hindi) - Shri Ram Bhajan - Bhaktilok" मर्यादा पुरुषोत्तम के पावन चरित्र का स्मरण कराता है। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस के सिद्धांतों के अनुसार, राम का नाम स्वयं राम से भी अधिक सामर्थ्यवान है। इस भजन की लय और शब्द भक्त को सीधे साकेत धाम की पावन चेतना से जोड़ते हैं।

भजन का प्रमुख भाव शरणागति का है। जब जीव समस्त सांसारिक प्रपंचों से थककर भगवान राम के चरणों में शरण लेता है, तो उसे परम अभय की प्राप्ति होती है। राम नाम की ध्वनि से वातावरण शुद्ध होता है और अंतःकरण में धर्म और सत्य के प्रति निष्ठा दृढ़ होती है।

🔍 भजन का विशेष महत्त्व और आध्यात्मिक लाभ (Significance)

सनातन ग्रंथों के अनुसार, राम नाम का जाप कलयुग का सर्वश्रेष्ठ साधन माना गया है। वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस में राम नाम की असीम महिमा गाई गई है। यह भजन साधक के मन में वैराग्य, संयम, दया और कर्तव्य परायणता जैसे नैतिक मूल्यों का संचार करता है।

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। राम नाम के संकीर्तन से व्यक्ति का आत्मबल जागृत होता है, भय तथा शंकाओं का नाश होता है और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी धैर्य रखने की शक्ति प्राप्त होती है। यह पारिवारिक सौहार्द और मर्यादा की स्थापना में सहायक है।

🕒 साधना एवं गायन विधि (Chanting Rules)

राम भजन का संकीर्तन प्रातःकाल स्नान के पश्चात राम दरबार की प्रतिमा के सम्मुख घी का दीपक जलाकर करें। तुलसी की माला से राम नाम का जप करने के पश्चात इस भजन का गायन अत्यंत फलदायी होता है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

राम भजन के गायन से क्या लाभ प्राप्त होते हैं?

राम भजन के संकीर्तन से मानसिक शांति, उत्तम चरित्र, और विपत्तियों में धैर्य बनाए रखने का आत्मबल प्राप्त होता है।

राम नाम जप के लिए सर्वश्रेष्ठ माला कौन सी है?

भगवान श्री राम के मंत्र जाप और संकीर्तन के लिए तुलसी की माला को सर्वश्रेष्ठ और अत्यंत पवित्र माना गया है।

क्या राम भजन बच्चों के संस्कारों के लिए उपयोगी है?

हाँ, भगवान राम के मर्यादापूर्ण चरित्र के भजन सुनने से बच्चों में बड़ों के प्रति सम्मान, सत्यप्रियता और उच्च नैतिक संस्कारों का विकास होता है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 14 Aug 2026

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