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चूहा बोला गणराजा से प्रभु तुमको ढोते-ढोते हमारी कमर टूट गई लिरिक्स (Chuha Bola Ganaraja Se Lyrics in Hindi) - Sanjo Baghel Ganesh Bhajan - Bhaktilok

177 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind | 2 मिनट पठन समय
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चूहा बोला गणराजा से प्रभु तुमको ढोते-ढोते हमारी कमर टूट गई लिरिक्स (Chuha Bola Ganaraja Se Lyrics in Hindi) -


चूहा बोलता है गणेश जी से हे प्रभु 

तुमको ढोते-ढोते हमारी कमर टूट गई 

और तुमने अपने भक्त की 

कुछ कदर ना जानी 

कुछ कीजिये प्रभु कुछ कीजिये


चूहा बोला गणराजा से 

चूहा बोला गणराजा से

ओ सुन लो बात हमारी रे 

पहले मोरी शादी करादों 

करियों तभही सवारी


तन –मन से हे स्वामी हमने 

सेवा करी मनमानी

अपने दास की तुमने प्रभुजी 

तनको कदर ना जानी

हमके स्वामी सब मालूम है

दो –दो पत्नी तुम्हारी

पहले मोरी शादी करादों 

करियों तभही सवारी


रिध्दि-सिध्दि के गणराजा 

 बन गए हो तुम मालिक

कछु बरस मे झोली भर गई  

हो गए दो – दो बालक

मोरो भी घर द्वार बसा दो

मार – लाल किलकारी रे

पहले मोरी शादी करादों 

करियों तभही सवारी


शुभ और लाभ के संग मे 

खेले मोरो लालन

जैसी आज्ञा हम मनात है  

वो भी करे पालन

लंबोधर विघ्नो के हरइया

जाने दुनिया सारी रे

पहले मोरी शादी करादों 

करियों तभही सवारी


गणराजा गौरी के नन्दन  

विनय करे वेनाम

मनचाहा फल दो चूहा को 

सफल हो सब काम

सब देवों मे प्रथम पुजा रहे

देवो के अधिकारी रे

पहले मोरी शादी करादों 

करियों तभही सवारी


चूहा बोला गणराजा से  

चूहा बोला गणराजा से

ओ सुन लो बात हमारी रे 

पहले मोरी शादी करादों 

|| करियों तभही सवारी ||


चूहा बोला गणराजा से प्रभु तुमको ढोते-ढोते हमारी कमर टूट गई लिरिक्स (Chuha Bola Ganaraja Se Lyrics in Hindi) - Sanjo Baghel Ganesh Bhajan - Bhaktilok


*** Singer - Sanjo Baghel ***


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🙏 भजन का विस्तृत अर्थ और भावार्थ (Lyrics Meaning)

प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश जी का यह भजन "चूहा बोला गणराजा से प्रभु तुमको ढोते-ढोते हमारी कमर टूट गई लिरिक्स (Chuha Bola Ganaraja Se Lyrics in Hindi) - Sanjo Baghel Ganesh Bhajan - Bhaktilok" सभी कार्यों के निर्विघ्न संपन्न होने की कामना से गाया जाता है। विघ्नहर्ता गणेश जी बुद्धि, ज्ञान और विवेक के अधिष्ठाता देव हैं। इस भजन के प्रत्येक शब्द में गणेश जी के गजमुख, विशाल उदर, और चूषक वाहन का सुंदर वर्णन है।

इस भजन की मूल भावना विघ्न विनाश और शुभ-लाभ की प्राप्ति की है। जीवन में जब भी कोई नया कार्य प्रारंभ करना हो, तो गणेश जी का स्मरण करना अनिवार्य माना गया है, क्योंकि वे ऋद्धि-सिद्धि के प्रदाता हैं।

🔍 भजन का विशेष महत्त्व और आध्यात्मिक लाभ (Significance)

गणेश पुराण के अनुसार, श्री गणेश जी की स्तुति और भजन सुनने से बुद्धि का विकास होता है, विद्या अर्जन में आने वाली बाधाएं समाप्त होती हैं और घर में शांति का वातावरण बनता है।

प्रथम पूज्य श्री गणेश जी के जन्म और उनकी कथाओं का संपूर्ण विवरण जानने के लिए ब्रह्म पुराण गणेश महिमा का पाठ करें। गणेश संकीर्तन से मानसिक अशांति दूर होती है, बुद्धि कुशाग्र होती है और किसी भी कार्य में आने वाली विघ्न-बाधाएं स्वतः ही दूर हो जाती हैं।

🕒 साधना एवं गायन विधि (Chanting Rules)

बुधवार और गणेश चतुर्थी के दिन गणेश जी के सम्मुख दूर्वा और मोदक अर्पित कर इस भजन का संकीर्तन करें। गायन के समय सिंदूर का तिलक लगाना शुभ होता है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

गणेश जी की पूजा में 'दूर्वा' (दूब घास) क्यों चढ़ाई जाती है?

दूर्वा शीतलता प्रदान करने वाली है। अनलासुर नामक दैत्य को निगलने के बाद गणेश जी के पेट में उत्पन्न जलन को शांत करने के लिए मुनियों ने उन्हें दूर्वा चढ़ाई थी। तब से गणेश जी को दूर्वा अत्यंत प्रिय है।

भगवान गणेश के भजन किस दिन विशेष रूप से गाने चाहिए?

बुधवार का दिन और हर माह आने वाली संकष्टी व विनायक चतुर्थी की तिथियां गणेश आराधना के लिए सर्वोत्तम हैं।

क्या प्रथम पूज्य गणेश जी का स्मरण हर पूजा से पहले जरूरी है?

हाँ, शास्त्रों के अनुसार भगवान शिव से मिले वरदान के कारण किसी भी शुभ कार्य या देव पूजा की शुरुआत गणेश जी के पूजन व स्मरण से ही की जाती है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 15 Aug 2026

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