जय हनुमान तुझसा ना है कोई जग में लिरिक्स (Jai Hanuman Tujhsa Na Koi Jag Me Lyrics in Hindi) -
जय हनुमान जय हनुमान
जय हनुमान जय हनुमान
भक्त ना हनुमत कोई
तुझसा है देखा
तेरी ना कोई तुलना
शीश नवाए
श्री राम के चरणों में
जिसका है कोई मूल ना
सिया राम के काज सवाँरे
श्री लक्ष्मण जी के प्राण उबारे
जो लंका को एक क्षण में जलाये
वो है मेरे हनुमान
जय हनुमान जय हनुमान
जय हनुमान जय हनुमान
तुझसा ना है कोई जग में
सर्व शक्तिमान
केसरी नंदन हे दुख भंजन
तोरे बिना ना मोरा कोई सहारा
नईया है बजरंगी मोरी हाथ तुम्हारे
दिखलाओ मोहे इक पार किनारा
असुर दल को मार गिरावे
सीने में सिया राम दिखावे
माता अंजनी के है ये लाल
जो निगल सूरज को जावे
पंच मुखी अवतार दिखावे
हाथ में पर्वत को ले आवे
वो है मेरे हनुमान
जय हनुमान जय हनुमान
जय हनुमान जय हनुमान
तुझसा ना है कोई जग में
सर्व शक्तिमान
सूक्ष्म रूप धरे
हर मुश्किल को हल करे
मैं कष्ट में होता हूँ
तू कष्ट संहार करे
जब भी दुनिया ठुकरावे
तूही स्वीकार करे
देव बलिहारी शंकर अवतारी
मुझ पर रखना एहसान
सिया राम के काज सवाँरे
श्री लक्ष्मण जी के प्राण उबारे
जो लंका को एक क्षण में जलाये
वो है मेरे हनुमान
जय हनुमान जय हनुमान
जय हनुमान जय हनुमान
तुझसा ना है कोई जग में
सर्व शक्तिमान ||
also Read bala ji bhajan:-
🙏 भजन का विस्तृत अर्थ और भावार्थ (Lyrics Meaning)
संकटमोचन हनुमान जी का यह भजन "जय हनुमान तुझसा ना है कोई जग में लिरिक्स (Jai Hanuman Tujhsa Na Koi Jag Me Lyrics in Hindi) - Hanuman Bhajan Hansraj Raghuwanshi - Bhaktilok" बल, बुद्धि, विद्या और भक्ति का संचार करने वाला है। कलयुग के जागृत देव श्री हनुमान जी की महिमा अपार है। इस भजन का मुख्य उद्देश्य साधक के भीतर के भय को दूर कर उसमें आत्मगौरव और निष्काम सेवा भाव जागृत करना है।
भजन की चौपाइयों और पंक्तियों में हनुमान जी की लंका दहन, संजीवनी बूटी लाना और प्रभु श्री राम के प्रति अनन्य प्रेम का वर्णन होता है। हनुमान जी की शरण में जाने पर बड़े से बड़ा संकट भी क्षण भर में समाप्त हो जाता है, यही इस भजन की मूल भावना है।
🔍 भजन का विशेष महत्त्व और आध्यात्मिक लाभ (Significance)
हनुमान चालीसा और सुंदरकांड की भांति ही हनुमान भजनों का विशेष धार्मिक महत्त्व है। हनुमान जी को अष्ट सिद्धि और नौ निधियों के दाता के रूप में पूजा जाता है। इस पावन भजन के गायन से भूत-पिशाच, नकारात्मक ऊर्जा और सभी प्रकार के ऊपरी बाधाओं से मुक्ति मिलती है।
वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें। हनुमान भजन से आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि होती है, मानसिक रोग जैसे तनाव, अनिद्रा और डिप्रेशन दूर होते हैं। यह छात्रों की बुद्धि और परीक्षा में सफलता के लिए भी रामबाण है।
🕒 साधना एवं गायन विधि (Chanting Rules)
हनुमान जी की पूजा के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन विशेष रूप से निर्धारित है। लाल आसन पर बैठकर, हनुमान जी के सम्मुख चमेली के तेल का दीपक जलाएं और पूरे मनोयोग से इस भजन का संकीर्तन करें।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
हनुमान जी को किस दिन चमेली का तेल चढ़ाना चाहिए?
शनिवार और मंगलवार के दिन हनुमान जी को सिंदूर में चमेली का तेल मिलाकर चढ़ाना अत्यंत शुभ और संकट निवारक माना गया है।
क्या हनुमान भजन परीक्षा के भय को दूर करने में सहायक है?
हाँ, हनुमान जी के भजनों और मंत्रों के संकीर्तन से मन एकाग्र होता है, भय का नाश होता है और याददाश्त बढ़ती है।
शनि दोषों की शांति के लिए हनुमान उपासना क्यों की जाती है?
हनुमान जी ने शनिदेव को रावण के बंधन से मुक्त कराया था, जिसके कारण शनिदेव ने वचन दिया था कि जो हनुमान जी की भक्ति करेगा, उसे शनि जनित पीड़ा नहीं भोगनी पड़ेगी।
पाठकों के विचार (0)
भक्ति रस चर्चा में भाग लें