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Hanuman Bhajan

खुशियों की बेला आई देखो जन्मे हनुमान भजन लिरिक्स (Khushiyo ki Bela Aayi Dekho Janme Hanuman Lyrics in Hindi) - Poonam Pandey Hanuman Bhajan - Bhaktilok

72 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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हनुमान जी के जन्म की पुण्यमयी बेला

हनुमान जी के आगमन की खुशियों में डूबकर इस भजन का उच्चारण करें और आशीर्वाद प्राप्त करें।

खुशियों की बेला आई देखो जन्मे हनुमान खुशियों की बेला देखो आई कैसी छाई रे जन्मे हनुमान हिलमिल नाच रहे देते सबको बधाई छाई देखो मुस्कान हनुमत को देख के पवन हर्षाये रे देखो जी अंजनी भी बलिहारी जाए रे बाजे रे झांझ मजीरा बाजे छेड़े रे नई सुरताल सखियाँ जाती मंगलाचार मनता आज त्यौहार सारे गाते मंगल गान हिलमिल नाच रहे देते सबको बधाई... ब्रह्मा और विष्णु देखो खुशियां मनाते हैं शिव शंकर भोले भाले डमरू बजाते हैं फूल देव सारे बरसाते हनुमान जी हैं चाँद के सामान ताल से ताल सब मिलाते नारद भी हैं गाते छेड़ी वीणा की है तान हिलमिल नाच रहे देते सबको बधाई... पलना में ललना को सारे ही झुलावे रे लागे ना नज़र मैया टीका भी लगावे रे नाचे पवन मुस्काये सूत पाए ये रखेगा कुल का मान पाई खुशियां सभी ने सुख बरसा चारो ओर घर है स्वर्ग के सामान हिलमिल नाच रहे देते सबको बधाई खुशियों की बेला देखो आई कैसी छाई रे जन्मे हनुमान हिलमिल नाच रहे देते सबको बधाई छाई देखो मुस्कान

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन में हनुमान जी के जन्म की खुशियां मनाई गई हैं, जिसमें 'खुशियों की बेला आई देखो जन्मे हनुमान' का प्रमुख संदेश है। यह पंक्तियाँ शुभता और आनंद के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत की गई हैं, जो भगवान हनुमान की दिव्यता को दर्शाती हैं। भजन के आरंभ में ही, भक्त हनुमान जी के आगमन की खुशी के बारे में बताते हैं, जहाँ चारों ओर प्रसन्नता का माहौल है। 'हिलमिल नाच रहे देते सबको बधाई' पंक्ति से स्पष्ट हो जाता है कि हनुमान जी के जन्म का यह उत्सव सबको मिलकर खुशी मनाने का आमंत्रण है। इस प्रसंग में अंजनी माता का भी उत्साह और प्रेम दर्शाया गया है, जो अपने पुत्र हनुमान के जन्म पर गर्वित हैं।

इस भजन में भावनात्मक स्तर पर हनुमान जी की महानता और उनके भक्तों के प्रति प्रेम का सजीव चित्रण किया गया है। 'ब्रह्मा और विष्णु देखो खुशियां मनाते हैं' के द्वारा यह दर्शाया गया है कि समस्त देवगण भी हनुमान जी के जन्म पर आनंदित हैं। शिव शंकर का 'डमरू बजाना' भी इस बात की पुष्टि करता है कि हनुमान जी के प्रति केवल मानव नहीं, अपितु सभी ब्रह्मांड भी श्रद्धा और प्रेम से भरे हुए हैं। भजन में 'खुशियां सभी ने सुख बरसा' कहकर यह महसूस कराया गया है कि हनुमान जी के जन्म से चारों ओर सुख और समृद्धि छा गई है, जो भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है।

हनुमान जी की भक्ति का मार्ग भक्ति मार्ग के रूप में अत्यंत सरल और सुलभ है। इस भजन द्वारा भावुकता के साथ हनुमान जी का ध्यान केंद्रित किया गया है, जो भक्तों को सच्चे प्रेम और भक्ति की ओर ले जाता है। हनुमान जी का नाम लेते ही भक्तों में ऊर्जा और विश्वास का संचार होता है। इस भजन में विभिन्न देवताओं का जिक्र हनुमान जी की महिमा को विस्तार से प्रस्तुत करता है, जैसे 'नारद भी हैं गाते छेड़ी वीणा की है तान' यह दर्शाता है कि हनुमान जी केवल एक देवता नहीं, अपितु पूरे ब्रह्मांड के संबंध में एक महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं, और उनकी कृपा से अंतःकरण की शुद्धि होती है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

हनुमान जी का जन्मोत्सव हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, जो रामायण में वर्णित है। भगवान राम के प्रति हनुमान जी की असीम भक्ति और समर्पण को देखते हुए उन्हें 'भक्तों के भगवान' के रूप में पूजा जाता है। महाकवि तुलसीदास ने राम चरित मानस में हनुमान जी का गहन चित्रण किया है और उनके भक्तों में विशेष स्थान को रेखांकित किया है। यह भजन न केवल हनुमान जी के जन्म की खुशी को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि उनके द्वारा दी गई सुरक्षा, साहस और शक्ति का अनुभव सभी भक्तों को होता है।

वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें। हनुमान जी के इस भजन का जाप करने से मानसिक शांति एवं स्थिरता प्राप्त होती है। भक्तों में ऊर्जा और उत्साह का संचार होता है, जिससे वे जीवन में आने वाली कठिनाइयों का सामना करने के लिए प्रेरित होते हैं। भजन का नियमित पाठ हनुमान जी की कृपा को प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त करता है, जिससे भक्तों को मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक उत्थान में सहायता मिलती है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का जप प्रातः काल या संध्या समय में करना सर्वोत्तम होता है। वातावरण को शुद्ध करने के लिए दीप जलाएं और पूजा स्थान पर फूल और फल अर्पित करें। उचित मुद्रा में बैठकर मन को शांत करें। जाप करते समय हनुमान जी की दिव्य छवि का ध्यान करें और भजन के प्रत्येक शब्द का अर्थ समझते हुए गाएं।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

हनुमान जी का जन्म किस तिथि को मनाया जाता है?

हनुमान जी का जन्मोत्सव, जिसे हनुमान जयंती के रूप में जाना जाता है, चैत्र मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है।

इस भजन को गाने का क्या महत्व है?

इस भजन का गायन हनुमान जी की कृपा प्राप्ति के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है। इसे गाने से भक्तों को मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।

क्या हनुमान जी को विशेष आशीर्वाद पाने के लिए कोई विशेष साधना करनी चाहिए?

हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने के लिए राम नाम का जाप, हनुमान चालीसा का पाठ और इस भजन का श्रद्धा से गाना अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 24 Aug 2026

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