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शेंदुर लाल चढ़ायो अच्छा गजमुख को लिरिक्स (Shendoor Lal Chadhayao Achchha Gajmukh Ko Lyrics in Hindi) - Ganesh Bhajan Manoj Mishra - Bhaktilok

172 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind | 2 मिनट पठन समय
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शेंदुर लाल चढ़ायो अच्छा गजमुख को लिरिक्स (Shendoor Lal Chadhayao Achchha Gajmukh Ko Lyrics in Hindi) - 


शेंदुर लाल चढ़ायो अच्छा गजमुख को

दोंदिल लाल बिराजे सुत गौरिहर को

हाथ लिए गुडलद्दु सांई सुरवर को

महिमा कहे न जाय लागत हूं पद को

जय देव जय देव


जय जय श्री गणराज विद्या सुखदाता

धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मन रमता

जय देव जय देव


भावभगत से कोई शरणागत आवे

संतति संपत्ति सबहि भरपूर पावे

ऐसे तुम महाराज मोको अति भावे

गोसावीनन्दन निशिदिन गुण गावे

जय देव जय देव


जय जय श्री गणराज विद्या सुखदाता

धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मन रमता

जय देव जय देव


घालीन लोटांगण वंदिन चरन

डोळ्यांनी पाहीं रुप तुझे

प्रेम आलिंगिन आनंदे पूजीं

भावे ओवालीन म्हणे नामा

त्वमेव माता पिता त्वमेव

त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव

त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव

त्वमेव सर्वम मम देव देव

कयें वच मनसेन्द्रियैवा

बुद्धयात्मना व प्रकृतिस्वभावा

करोमि यद्यत सकलं परस्मै

नारायणायेति समर्पयामि


अच्युत केशवम रामनरायणं

कृष्णदामोदरं वासुदेवं हरी

श्रीधरम माधवं गोपिकावल्लभं

जानकीनायकं रामचंद्रम भजे


हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे

हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे


हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे

हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे ||


** Singer - Manoj Mishra **



 

🙏 भजन का विस्तृत अर्थ और भावार्थ (Lyrics Meaning)

प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश जी का यह भजन "शेंदुर लाल चढ़ायो अच्छा गजमुख को लिरिक्स (Shendoor Lal Chadhayao Achchha Gajmukh Ko Lyrics in Hindi) - Ganesh Bhajan Manoj Mishra - Bhaktilok" सभी कार्यों के निर्विघ्न संपन्न होने की कामना से गाया जाता है। विघ्नहर्ता गणेश जी बुद्धि, ज्ञान और विवेक के अधिष्ठाता देव हैं। इस भजन के प्रत्येक शब्द में गणेश जी के गजमुख, विशाल उदर, और चूषक वाहन का सुंदर वर्णन है।

इस भजन की मूल भावना विघ्न विनाश और शुभ-लाभ की प्राप्ति की है। जीवन में जब भी कोई नया कार्य प्रारंभ करना हो, तो गणेश जी का स्मरण करना अनिवार्य माना गया है, क्योंकि वे ऋद्धि-सिद्धि के प्रदाता हैं।

🔍 भजन का विशेष महत्त्व और आध्यात्मिक लाभ (Significance)

गणेश पुराण के अनुसार, श्री गणेश जी की स्तुति और भजन सुनने से बुद्धि का विकास होता है, विद्या अर्जन में आने वाली बाधाएं समाप्त होती हैं और घर में शांति का वातावरण बनता है।

प्रथम पूज्य श्री गणेश जी के जन्म और उनकी कथाओं का संपूर्ण विवरण जानने के लिए ब्रह्म पुराण गणेश महिमा का पाठ करें। गणेश संकीर्तन से मानसिक अशांति दूर होती है, बुद्धि कुशाग्र होती है और किसी भी कार्य में आने वाली विघ्न-बाधाएं स्वतः ही दूर हो जाती हैं।

🕒 साधना एवं गायन विधि (Chanting Rules)

बुधवार और गणेश चतुर्थी के दिन गणेश जी के सम्मुख दूर्वा और मोदक अर्पित कर इस भजन का संकीर्तन करें। गायन के समय सिंदूर का तिलक लगाना शुभ होता है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

गणेश जी की पूजा में 'दूर्वा' (दूब घास) क्यों चढ़ाई जाती है?

दूर्वा शीतलता प्रदान करने वाली है। अनलासुर नामक दैत्य को निगलने के बाद गणेश जी के पेट में उत्पन्न जलन को शांत करने के लिए मुनियों ने उन्हें दूर्वा चढ़ाई थी। तब से गणेश जी को दूर्वा अत्यंत प्रिय है।

भगवान गणेश के भजन किस दिन विशेष रूप से गाने चाहिए?

बुधवार का दिन और हर माह आने वाली संकष्टी व विनायक चतुर्थी की तिथियां गणेश आराधना के लिए सर्वोत्तम हैं।

क्या प्रथम पूज्य गणेश जी का स्मरण हर पूजा से पहले जरूरी है?

हाँ, शास्त्रों के अनुसार भगवान शिव से मिले वरदान के कारण किसी भी शुभ कार्य या देव पूजा की शुरुआत गणेश जी के पूजन व स्मरण से ही की जाती है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 14 Aug 2026

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