आज का पंचांग (Columbus) | सूर्योदय: ०४:२८ PM | सूर्यास्त: ०५:३५ AM
Hanuman Bhajan

श्री राम का प्यारा हनुमान लिरिक्स (Shri Ram Ka Pyara Hanuman Lyrics in Hindi) - Hanuman Bhajan Reshmi Sharma - Bhaktilok

111 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
आकार:
कंट्रास्ट:

श्री राम के अनन्य सेवक हनुमान

हनुमान जी का यह भजन भक्ति का अद्भुत अनुभव कराता है, सच्चे भक्ति से अपने मन को स्थिर करें।

श्री राम का प्यारा हनुमान लिरिक्स (Shri Ram Ka Pyara Hanuman Lyrics in Hindi) - सिया वर रामचंद्र की जयमहाबली हनुमान की जयराम लखना जानकी जय बोलो हनुमान कीजय बोलो हनुमान की जय बोलो हनुमान कीश्री राम की सेवा में रहे देखो आठों यामये अंजनी का लाल जापे एक यही नामरघुपति राघव राजा रामश्री राम का प्यारा है ये सीता का दुलारीसने हर एक सांस पे सियाराम उच्चारासेवक है ये अनोखा जो करता नहीं आरामये अंजनी का लाल जापे एक यही नामरघुपति राघव राजा रामसागर को लांघना हो या लंका को जलानापर्वत को उठाना हो या लक्ष्मण को बचानापल में मिटा दी मुश्किलें जितनी भी थी तमामये अंजनी का लाल जापे एक यही नामरघुपति राघव राजा राम

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन में हनुमान जी की महिमा का वर्णन किया गया है, जो श्री राम के अनन्य भक्त हैं। प्रारंभ में, 'सिया वर रामचंद्र की जय' पंक्ति से यह स्पष्ट है कि भक्ति का केन्द्र श्री राम हैं। भजन में हनुमान जी के आठों याम श्री राम की सेवा में रहने का उल्लेख है, जो उनकी अनंत प्रतिष्ठा को दर्शाता है। हनुमान जी ने अपने नाम 'अंजनी का लाल' से अपनी माता अंजनि को स्मरण कराया है और वे श्री राम की भक्ति में लीन हैं। 'रघुपति राघव राजा राम' का उच्चारण करके भजन में राम के प्रति असीम प्रेम और श्रद्धा व्यक्त की गई है। यह दर्शाता है कि हनुमान जी हर संकट में राम का नाम स्मरण करते हैं और उनकी भक्ति से ही सभी बाधाएं दूर होती हैं।

इस भजन का भावार्थ उन भक्तों को प्रेरित करना है जो हनुमान जी की विराट शक्तियों और उनकी श्री राम के प्रति निष्ठा को समझते हैं। जब भजन में कहा जाता है, 'सागर को लांघना हो' और 'लंका को जलाना हो', तब यह संकेत करता है कि हनुमान जी को किसी भी कठिनाई से पार पाने की शक्ति है। यहां यह भी दर्शाया गया है कि उनकी भक्ति के द्वारा भक्त कैसे हर कठिनाई का सामना कर सकते हैं। इस भजन के माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि भक्त को निरंतर राम का स्मरण करते रहना चाहिए ताकि वे हनुमान जी की शक्ति से सभी दुश्वारियों से मुक्ति पा सकें।

भक्तिपथ की इस यात्रा में, हनुमान जी एक आदर्श भक्ति स्वरूप के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं। उनकी जीवन शैली, राम के प्रति अटूट प्रेम और निस्वार्थ सेवा, भक्तों के लिए प्रेरणादायक है। भक्ति मार्ग पर चलकर, भक्त राम के नाम और हनुमान जी की आराधना करते हुए अपने जीवन को सफल बना सकते हैं। इस भजन से यह भी समझ में आता है कि आत्मसमर्पण, भक्ति और सेवा का एकत्रित रूप ही सच्चे प्रेम की परिभाषा है। हनुमान भक्ति का यह गीत हमें यह सिखाता है कि सच्ची भक्ति से ही मानवता का उद्धार संभव है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

यह भजन हनुमान चालीसा की तर्ज पर ही हनुमान जी की महिमा का गान करता है, जो कि पुराणों और रामायण में वर्णित है। हनुमान जी का चरित्र रामायण में विशेष रूप से श्रद्धा और सेवा का आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करता है। महाभारत और पुराणों में भी हनुमान जी की शक्ति और भक्ति का वर्णन है। इस भजन का महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि यह साधकों को अपार ऊर्जा और साहस देता है कि वे अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हनुमान जी की कृपा का आश्रय लें। अत्यधिक कठिनाइयों में भी उनकी भक्ति से प्राप्त शक्ति अद्भुत होती है।

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। हनुमान जी का यह भजन गाते हुए मानसिक शांति, आत्मबल, और भगवान श्री राम की कृपा का अनुभव किया जाता है। इसके नियमित जाप से भक्ति में गहराई आती है और मन की सभी चिंताएं दूर होती हैं। यह शक्ति और साहस को भी बढ़ाता है, जिससे साधक अपने जीवन की बाधाओं का सामना कर सकें।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का जाप सुबह सूर्योदय से पहले या शाम के समय करना सर्वोत्तम है। जाप करते समय एक दीया प्रज्वलित करें और भगवान राम और हनुमान जी की तस्वीर को सामने रखें। इस समय शांति और एकाग्रता की भावना में रहना चाहिए। आसन पर बैठकर नेत्र बंद कर मन में राम का नाम जपते हुए हनुमान जी का ध्यान करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

क्या यह भजन हनुमान जी की विशेष शक्तियों का गान करता है?

हां, यह भजन विशेष रूप से हनुमान जी की अद्वितीय शक्तियों और श्री राम के प्रति उनकी निष्ठा का गान करता है, जो भक्तों को कठिनाइयों में सफलता दिलाने में मदद करता है।

इस भजन को गाने का सही समय क्या है?

यह भजन सुबह या शाम के समय गाना शुभ माना जाता है। यह साधना का समय है जब मन शांत और स्थिर होता है।

क्या नियमित रूप से इस भजन का जाप करने से कोई लाभ होता है?

जी हां, नियमित जाप से मानसिक और आत्मिक लाभ होते हैं। यह भक्ति में गहराई लाने और जीवन में सकारात्मकता लाने का कार्य करता है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 31 Aug 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!