आज का पंचांग (Columbus) | सूर्योदय: ०४:२४ PM | सूर्यास्त: ०५:४२ AM
Hanuman Bhajan

तेरे चरणों में मै आ गया हनुमंता करदो दया भजन लिरिक्स (Tere Charno Me Mai Aa Gaya Lyrics in Hindi) - Hanuman Bhajan - Bhaktilok

70 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
आकार:
कंट्रास्ट:

हनुमान चरणों में समर्पण का भजन

इस भजन के द्वारा भक्त हनुमान के चरणों में आत्म-समर्पण करते हैं, अपनी समस्याओं के समाधान की प्रार्थना करते हैं।

तेरे चरणों में मै आ गया हनुमंता करदो दया तेरे चरणों में मै आ गया घबराये मेरा जिया तेरे चरणों में मै आ गया आ गया आ गया तेरे चरणों में मै आ गया हर पल तुझको मै याद करता हु कोई नाम आता नही तुम्हारे ही दर से फिर भी मेरे सर से कोई बोझ लेता नही मारा हु मै गम का जन्मो का कर्मो का तूने सबको प्यार है दिया तेरे चरणों में मै आ गया सुना नाम तेरा होगा काम मेरा उम्मीदें लिए आ गया कहे हर कोई तुने दुनिया बनायीं कसूर मेरा क्या हो गया पल पल का मारा हु भक्त मै तुम्हारा हु सब को शरण दे दिया तेरे चरणों में मै आ गया कहे दास हरदम रखो हाथ सर पर बना दो ये बिगड़ी मेरी कमी पूरी होगी ये किस्मत खुलेगी हो जाये ये मर्जी तेरी कैसी कमी है मुझमे ये आंगन में जीवन में तूने सबको प्यार है दिया तेरे चरणों में मै आ गया हनुमंता करदो दया तेरे चरणों में मै आ गया घबराये मेरा जिया तेरे चरणों में मै आ गया आ गया आ गया तेरे चरणों में मै आ गया

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

भजन की मुख्य थीम भक्तिनुमा समर्पण और हनुमान में अपार श्रद्धा की है। 'तेरे चरणों में मै आ गया' वाक्यांश में भक्त अपने दुखों के बोझ के साथ हनुमान के चरणों में आने की भावना व्यक्त करता है। इस पंक्ति से यह स्पष्ट होता है कि भक्त ने हनुमान को अपना सबसे बड़ा सहारा मान लिया है। 'कोई नाम आता नही, तुम्हारे ही दर से…' में भक्त हनुमान की अनुकंपा से अपने जीवन में स्थिरता और शांति प्राप्त करने की आकांक्षा व्यक्त कर रहा है। अपनी समस्याओं को त्यागने की और उन पर निर्भर रहने की भावना को दर्शाने वाला यह भजन भक्ति मार्ग को और मजबूती से स्थापित करता है। जैसे-जैसे भजन आगे बढ़ता है, भक्त अपने जन्मों के कर्मों और दुखों का जिक्र करता है, जो दर्शाता है कि हनुमान की कृपा के बिना वह इस जीवन की कठिनाइयों से पार नहीं पा सकेगा।

भावार्थ में यह भजन भक्त का हनुमान के प्रति गहरे प्रेम और भक्ति को दर्शाता है। 'हर पल तुझको मै याद करता हूं...' से यह स्पष्ट होता है कि भक्त अपनी कठिनाइयों के बीच भी हनुमान की याद में लीन है। जब वह कहता है, 'ध्यान में कोई नाम आता नहीं', तो इशारा करता है कि हनुमान का नाम ही उसके लिए सर्वोच्च है। इस प्रकार भक्त ने अपने जीवन को पूर्ण रूप से हनुमान के चरणों में समर्पित कर दिया है। 'मारा हूं मैं गम का', यह बताता है कि जीवन के सुख-दुखों का अनुभव किसी न किसी तरह से चलता रहता है, और इसीलिए भक्त हनुमान के चरणों में संतोष और शांति खोजता है। भक्त की प्रार्थना में वह अपनी कमजोरी को स्वीकारता है और हनुमान से मार्गदर्शन और सुरक्षा की अपेक्षा करता है।

इस भजन के माध्यम से भक्त एक गहरी भक्ति की पद्धति का अनुसरण कर रहा है। 'तेरे चरणों में आ गया' बताता है कि आत्म-समर्पण और विचारशीलता का मार्ग अपनाना ही भक्त का लक्ष्य है। इसे 'भक्ति मार्ग' कहा जाता है, जहां भक्त अपने प्रियतम के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त करता है। यह ध्यान रखने योग्य है कि हनुमान न केवल एक देवता हैं, बल्कि वे भक्ति, साहस, और शक्ति का प्रतीक भी हैं। भक्त की प्रार्थना में 'तेरे चरणों में आ गया' शब्द उसके गहरे समर्पण को दर्शाते हैं। इसलिए, इसका अनुग्रह प्राप्त करने के लिए भक्त को न केवल ध्यान में रहना होगा, बल्कि अपनी प्रवृत्तियों को भी मुख्य रूप से देवता के प्रति सकारात्मक बनाना होगा।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

भगवान हनुमान की पूजा भारतीय संस्कृति में अत्यधिक महत्वपूर्ण है, विशेष रूप से हिंदू धर्म में। रामायण में हनुमान जी को सबसे महान भक्त माना गया है। उनका उल्लेख भगवान राम के भक्त और सच्चे सेवक के रूप में है। हनुमान चालीसा एवं अन्य भजनों में उनकी महिमा का वर्णन किया जाता है। इस भजन में भक्त हनुमान से अपने बुरे कर्मों के फल के लिए क्षमा मांगता है। यह दर्शाता है कि हनुमान केवल शक्ति के प्रतीक नहीं हैं, बल्कि वे अपने भक्तों के दुखों को दूर करने वाले दयालु देवता भी हैं। भजन में उल्लिखित 'तेरे चरणों में आ गया' प्रार्थना का सबसे प्रगाढ़ रूप है, जिसके माध्यम से भक्त अपने हृदय की गहराइयों से हनुमान को पुकारता है।

वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें। हनुमान जी के भजनों का पाठ करने से मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा, और आध्यात्मिक बल मिलता है। यह भक्तों को मानसिक तनाव और चिंता से मुक्ति दिलाता है। संतान, स्वास्थ्य और व्यावसायिक परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए हनुमान भक्ति विशेष रूप से लाभकारी मानी जाती है। नियमित रूप से इस भजन का गायन करने से भक्त अपने चारों ओर की नकारात्मकता को दूर करते हैं और जीवन में सुख और शांति को आमंत्रित करते हैं।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का पाठ सुबह या संध्या समय करना सबसे लाभकारी होता है। पूजा स्थल पर दीप जलाकर और फूलों का भोग चढ़ाकर श्रद्धा के साथ इस भजन का पाठ करें। सही मुद्रा में बैठकर, मन को एकाग्र कर हनुमान जी का ध्यान रखें। इस समय मन में भक्तिपूर्वक प्रार्थना करना और हनुमान जी की कृपा की कामना करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

यह भजन क्यों गाया जाता है?

यह भजन हनुमान जी के चरणों में समर्पण और उनकी कृपा के लिए की जाने वाली प्रार्थना है, जिससे भक्त अपने दुखों का निवारण चाहता है।

भजन का पाठ करने का सही समय क्या है?

इस भजन का पाठ सुबह या संध्या समय करना सर्वोत्तम होता है, ताकि भक्त मन को शान्ति और सकारात्मकता से भर सके।

भजन गाने से क्या लाभ होता है?

इस भजन का नियमित पाठ मानसिक तनाव को कम करता है, जीवन में सुख और शांति लाता है, और हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने का साधन बनता है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 23 Aug 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!