मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन
शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें
जिस पर हो हनुमान की कृपा भजन लिरिक्स (Jis par ho hanuman ki kirpa Lyrics in Hindi) -
जिस पर हो हनुमान की कृपा
तकदीर का धनी वो नर है
रखवाला हो मारुती नंदन
फिर किस बात का डर है
भजन पवन सुत का कीजिए
नाम अमृत का प्याला पीजिए।।
शीश मुकुट कान में कुण्डल
लाल सिन्दूर से काया
लाल लंगोटे वाला हनुमत
माँ अंजनी का जाया
नाश करे दुष्टों का
भक्तों का भय लेता हर है
रखवाला हो मारुती नंदन
फिर किस बात का डर है
भजन पवन सुत का कीजिए
नाम अमृत का प्याला पीजिए।।
आई घड़ी जब जब दुविधा की
राम के काम बनाए
मात सिया वरदान दिया
संकट मोचन कहलाए
पूजा मंगल शनि करे
मंगल होता उस घर है
रखवाला हो मारुती नंदन
फिर किस बात का डर है
भजन पवन सुत का कीजिए
नाम अमृत का प्याला पीजिए।।
बल देते हो निर्बल को
निर्धन को माया देते
रोग कष्ट कटते रोगी को
निर्मल काया देते
‘लख्खा’ की भी सुध लेना
चरणों का ‘सरल’ चाकर है
रखवाला हो मारुती नंदन
फिर किस बात का डर है
भजन पवन सुत का कीजिए
नाम अमृत का प्याला पीजिए।।
जिस पर हो हनुमान की कृपा
तकदीर का धनी वो नर है
रखवाला हो मारुती नंदन
फिर किस बात का डर है
भजन पवन सुत का कीजिए
नाम अमृत का प्याला पीजिए।।
🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ
संकटमोचन हनुमान जी का यह भजन "जिस पर हो हनुमान की कृपा भजन लिरिक्स (Jis par ho hanuman ki kirpa Lyrics in Hindi) - Hanuman Bhajan LAKHBIR SINGH LAKKHA - Bhaktilok" बल, बुद्धि, विद्या और भक्ति का संचार करने वाला है। कलयुग के जागृत देव श्री हनुमान जी की महिमा अपार है। इस भजन का मुख्य उद्देश्य साधक के भीतर के भय को दूर कर उसमें आत्मगौरव और निष्काम सेवा भाव जागृत करना है।
भजन की चौपाइयों और पंक्तियों में हनुमान जी की लंका दहन, संजीवनी बूटी लाना और प्रभु श्री राम के प्रति अनन्य प्रेम का वर्णन होता है। हनुमान जी की शरण में जाने पर बड़े से बड़ा संकट भी क्षण भर में समाप्त हो जाता है, यही इस भजन की मूल भावना है।
🔍 विशेष महत्त्व और लाभ
हनुमान चालीसा और सुंदरकांड की भांति ही हनुमान भजनों का विशेष धार्मिक महत्त्व है। हनुमान जी को अष्ट सिद्धि और नौ निधियों के दाता के रूप में पूजा जाता है। इस पावन भजन के गायन से भूत-पिशाच, नकारात्मक ऊर्जा और सभी प्रकार के ऊपरी बाधाओं से मुक्ति मिलती है।
वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें। हनुमान भजन से आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि होती है, मानसिक रोग जैसे तनाव, अनिद्रा और डिप्रेशन दूर होते हैं। यह छात्रों की बुद्धि और परीक्षा में सफलता के लिए भी रामबाण है।
🕒 साधना एवं गायन विधि
हनुमान जी की पूजा के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन विशेष रूप से निर्धारित है। लाल आसन पर बैठकर, हनुमान जी के सम्मुख चमेली के तेल का दीपक जलाएं और पूरे मनोयोग से इस भजन का संकीर्तन करें।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
हनुमान जी को किस दिन चमेली का तेल चढ़ाना चाहिए?
शनिवार और मंगलवार के दिन हनुमान जी को सिंदूर में चमेली का तेल मिलाकर चढ़ाना अत्यंत शुभ और संकट निवारक माना गया है।
क्या हनुमान भजन परीक्षा के भय को दूर करने में सहायक है?
हाँ, हनुमान जी के भजनों और मंत्रों के संकीर्तन से मन एकाग्र होता है, भय का नाश होता है और याददाश्त बढ़ती है।
शनि दोषों की शांति के लिए हनुमान उपासना क्यों की जाती है?
हनुमान जी ने शनिदेव को रावण के बंधन से मुक्त कराया था, जिसके कारण शनिदेव ने वचन दिया था कि जो हनुमान जी की भक्ति करेगा, उसे शनि जनित पीड़ा नहीं भोगनी पड़ेगी।
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