महाकाल की नगरी में मकान होना चाहिए लिरिक्स (Mahakal Ki Nagari Me Makan Hona Chahiye Lyrics in Hindi) -
महाकाल की नगरी में
मकान होना चाहिए
हर दिन बाबा तेरे
दर पे में आऊँगा
रोज सुबह शाम तेरे
दर्शन पाऊँगा
मुझको तो रोज
तेरा दर्शन चाहिए
महाकाल की नगरी में
मकान होना चाहिये
आपका तो लगता है
एक ही सपना
बाबा महाकाल जपना
और महाकाल अपना
क्षिप्रा जी में नहाकर
माँ हरसिद्धि भी जाऊँगा
चिंतामन गणेश जाकर
चिंता मिटाऊँगा
काल भैरव बाबा के भी
दर्शन मुझे चाहिए
महाकाल की नगरी में
मकान होना चाहिये
ना पैसा लगता है
ना खर्चा लगता है
बाबा महाकाल बोलिए
बड़ा अच्छा लगता है
तेरी ही कृपा से बाबा
सारा ये संसार है
किशन भगत पर भी तो बाबा
तेरा आशीर्वाद है
तेरी ही कृपा से सारे
काम होना चाहिए
महाकाल की नगरी में
मकान होना चाहिये।
महाकाल तुम से छुप जाये
ऐसी कोई बात नहीं
कृपा तेरी मुझ पर है
मेरी कोई औकात नहीं
ओम नमः शिवाय
ओम नमः शिवाय
मुझको तो बस
महाकाल बाबा चाहिए
महाकाल की नगरी में
मकान होना चाहिये
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🙏 भजन का विस्तृत अर्थ और भावार्थ (Lyrics Meaning)
देवादिदेव महादेव को समर्पित यह भजन "महाकाल की नगरी में मकान होना चाहिए लिरिक्स (Mahakal Ki Nagari Me Makan Hona Chahiye Lyrics in Hindi) - Shiv Bhajan Kishan Bhagat - Bhaktilok" भगवान शिव के कल्याणकारी और वैराग्यपूर्ण रूप का सजीव चित्रण करता है। शिव का अर्थ ही कल्याण है। इस भजन के शब्दों के माध्यम से साधक शिव की अनंत चेतना, भस्म आरती, डमरू की ध्वनि और ध्यानमग्न मुद्रा का ध्यान करता है।
शिव भक्ति का मूल सिद्धांत यही है कि जगत की प्रत्येक नश्वर वस्तु का अंत शिव में ही होना है। यह भजन भक्त को सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर आत्मा के वास्तविक स्वरूप को पहचानने की प्रेरणा देता है। शिव का नाम पंचमहाभूतों को नियंत्रित करने वाली परम शक्ति का प्रतीक है।
🔍 भजन का विशेष महत्त्व और आध्यात्मिक लाभ (Significance)
शिव पुराण के अनुसार, भगवान शिव अत्यंत भोले हैं और साधारण जल तथा बेलपत्र अर्पण करने मात्र से भी प्रसन्न हो जाते हैं। इस शिव भजन का संकीर्तन करने से अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है और कुंडली के ग्रहों के दोष शांत होते हैं।
भगवान शिव की महिमा, लिंगोत्पत्ति और पवित्र तीर्थों के विवरण के लिए शिव पुराण का संपूर्ण अध्ययन करें। नियमित शिव भजन और पंचाक्षरी मंत्र (ॐ नमः शिवाय) के जप से तनाव का नाश होता, अवसाद दूर होता है और अंतर्मन में अपूर्व शांति का उदय होता है। यह आरोग्य और दीर्घायु प्रदान करने में भी सहायक है।
🕒 साधना एवं गायन विधि (Chanting Rules)
शिव संकीर्तन के लिए प्रदोष काल (संध्या समय) अथवा सोमवार का दिन सर्वोत्तम माना जाता है। उत्तर दिशा की ओर मुख करके कुशासन पर बैठकर शिवजी का ध्यान करते हुए भजन गाएं।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
भगवान शिव को शीघ्र प्रसन्न करने की सरल विधि क्या है?
शुद्ध जल, बेलपत्र, धतूरा अर्पित करते हुए श्रद्धापूर्वक शिव मंत्र अथवा भजनों का संकीर्तन करने से महादेव शीघ्र प्रसन्न होते हैं।
शिव भजनों के लिए कौन सा दिन विशेष है?
सोमवार, प्रदोष व्रत की तिथि और महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव की उपासना और भजन संकीर्तन के लिए विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।
क्या शिव जी की उपासना से कुंडली के दोष दूर होते हैं?
हाँ, भगवान शिव (महाकाल) की आराधना से कालसर्प दोष, राहु-केतु दोष और शनि जनित कष्टों का निवारण होता है।

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