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Hanuman Bhajan

मेरा संकट कटने वाला है लिरिक्स (Mera Sankat Katne Wala Hai Lyrics in Hindi) - Manish Tiwari Hanuman Bhajan - Bhaktilok

108 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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हनुमान भक्तों का संकट शोधन भजन

इस भजन का गान कर भक्त हनुमानजी की कृपा से अपने संकटों का समाधान प्राप्त कर सकते हैं।

मेरा संकट कटने वाला है, मेरा संकट कटने वाला है, मन के मोहन हनुमान मेरे संकट कटने वाला है। शरण में तेरा आया हूं, शरण में तेरा आया हूं, सब दुख कष्ट मिटाने वाला है। मेरा संकट कटने वाला है। हनुमान जी की महिमा अपार है, हनुमान जी की महिमा अपार है। संकट से हो रक्षा, संकट से हो रक्षा, भक्ति से वरण करने वाला है। मेरा संकट कटने वाला है।

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन 'मेरा संकट कटने वाला है' का मुख्य विषय हनुमानजी की दिव्यता और संकटमोचन स्वरूप है। भक्त हनुमानजी को मन के मोहन कहकर संदर्भित करते हैं, जो भक्त के मन के मोह से परे होकर संकटों को समाप्त करते हैं। 'संकट कटने वाला है' पंक्ति में यह आस्था व्यक्त होती है कि हनुमानजी की भक्ति से बड़े से बड़ा संकट भी समाप्त हो जाता है। भक्त इस प्रार्थना में सच्चे मन से हनुमानजी की शरण में जाते हैं, यह मानते हुए कि उनके भक्तों के दुखों को मिटाने के लिए वे सदैव तत्पर हैं। इस भजन में हनुमानजी की महिमा का वर्णन किया गया है, जिससे भक्तों को विश्वास होता है कि भक्ति में शक्ति है और संकटों का समाधान संभव है।

इस भजन के भावार्थ में स्पष्ट रूप से दिखाया गया है कि संकट और कठिनाइयों का सामना करते समय, भक्त का मानसिक तनाव और पीड़ा को कम करने के लिए हनुमानजी की कृपा अनिवार्य है। 'शरण में तेरा आया हूं' इस भाव से भक्त यह व्यक्त करते हैं कि उन्होंने अपनी समस्याओं का समाधान हनुमानजी की कृपा पर निर्भर कर दिया है। भक्ति का यह भाव स्वयं को पूरी तरह से उनके चरणों में समर्पित करने का संकेत है, जिसमें संकट से रक्षा की अपेक्षा की जाती है। यह संपूर्ण भजन भक्त की हृदय की गहराई से निकले आभार और आस्था का अनुपम उदाहरण है।

इस भजन में दर्शाए गए तत्व भक्ति मार्ग की मूल भावना को व्यक्त करते हैं, जिसमें श्रद्धा, विश्वास और समर्पण शामिल हैं। जब भक्त हनुमानजी का ध्यान करते हैं, तब उन्हें संकटों से मुक्ति का मार्ग प्राप्त होता है। हनुमानजी का नाम लेने से केवल मानसिक शांति ही नहीं, बल्कि आत्मा में भी बल और उत्साह का संचार होता है। यह भजन सिद्ध करता है कि हनुमानजी की भक्ति न केवल बाहरी संकटों से सुरक्षा करती है, बल्कि आंतरिक असुरक्षा को भी खत्म करती है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

यह भजन मुख्यतः रामायण के उपदेशों से संबंधित है, जिसमें भगवान राम के प्रति हनुमानजी की निस्वार्थ भक्ति को दर्शाया गया है। हनुमानजी, जिन्हें संकटमोचन कहा जाता है, अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। इस भजन का संदर्भ कई पुरानी कथाओं से मिलता है, जहां हनुमानजी ने अपने भक्तों की संकटों में मदद की। यह रिवाज़ पौराणिक ग्रंथों में अति महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह भक्तों को हनुमानजी से जोड़ता है और सही मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है।

वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें। इस भजन का नियमित पाठ मानसिक शांति, आत्मबल, और सकारात्मकता का संचार करता है। हनुमानजी की कृपा से रोग, संकट एवं मानसिक तनाव से मुक्ति संभव होती है। भक्त मन में स्थिरता और प्रसन्नता का अनुभव करते हैं, जो कि उनकी भक्ति का फल है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का गान सुबह-सुबह या शाम के समय किया जाना श्रेष्ठ माना जाता है। पूजा के दौरान एक दीया जलाना, फूल और प्रसाद अर्पित करना उचित है। भक्त को ध्यान मुद्रा में बैठकर, हनुमानजी की छवि पर ध्यान लगाते हुए भजन को गाना चाहिए, ताकि भक्ति और श्रद्धा का गहराई से अनुभव हो सके।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

क्या हनुमानजी की भक्ति से सभी संकट समाप्त हो सकते हैं?

जी हां, हनुमानजी अपने भक्तों के सभी संकटों का समाधान करने में सक्षम हैं। भक्ति और सच्चे मन से ध्यान करने पर आशीर्वाद जरूर मिलता है।

क्या इस भजन को किसी विशेष दिन गाना चाहिए?

इस भजन को मंगलवार और शनिवार को विशेष रूप से गाने की परंपरा है, क्योंकि ये हनुमानजी के दिन माने जाते हैं।

क्या इस भजन का पाठ रोगों के लिए लाभदायक है?

हाँ, इस भजन का नियमित पाठ मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। हनुमानजी की कृपा से रोगों से मुक्ति का अनुभव कई भक्तों ने किया है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 27 Aug 2026

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