मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन
शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें
मेरे दिल में करो निवास (Mere Dil Mein Karo Niwas Lyrics in Hindi) -
मेरे दिल में करो निवास त्र्यंबकेश्वर बाबाMere Dil Mein Karo Niwas Trimbakeshwar Babaया रख लो अपने पास त्र्यंबकेश्वर बाबाYa Rakh Lo Apne Paas Trimbakeshwar Babaमेरे दिल में करो निवास त्र्यंबकेश्वर बाबाMere Dil Mein Karo Niwas Trimbakeshwar Babaया रख लो अपने पास त्र्यंबकेश्वर बाबाYa Rakh Lo Apne Paas Trimbakeshwar Babaत्र्यंबकेश्वर बाबाTrimbakeshwar Babaत्र्यंबकेश्वर बाबा तेरी सदा ही जयTrimbakeshwar Baba Teri Sada Hi Jaiत्र्यंबकेश्वर बाबा तेरी सदा ही जयTrimbakeshwar Baba Teri Sada Hi Jaiत्र्यंबकेश्वर बाबा तेरी सदा ही जयTrimbakeshwar Baba Teri Sada Hi Jaiत्र्यंबकेश्वर बाबा तेरी सदा ही जयTrimbakeshwar Baba Teri Sada Hi Jaiब्रह्मा विष्णु महेश रूप होBrahma Vishnu Mahesh Roop Hoकिस किस का गुणगान करूKis Kis Ka Gungaan Karuसर्जक पालक संवहारक तुमSarjak Paalak Sanvharak Tumमैं किसका अब ध्यान धरुMain Kiska Ab Dhyan Dharuब्रह्मा विष्णु महेश रूप होBrahma Vishnu Mahesh Roop Hoकिस किस का गुणगान करूKis Kis Ka Gungaan Karuसर्जक पालक संवहारक तुमSarjak Paalak Sanvharak Tumमैं किसका अब ध्यान धरुMain Kiska Ab Dhyan Dharuमुझे राह सही दिखला त्र्यंबकेश्वर बाबाMujhe Raah Sahi Dikhla Trimbakeshwar Babaया रख लो अपने पास त्र्यंबकेश्वर बाबाYa Rakh Lo Apne Paas Trimbakeshwar Babaत्र्यंबकेश्वर बाबाTrimbakeshwar Babaत्र्यंबकेश्वर बाबा तेरी सदा ही जयTrimbakeshwar Baba Teri Sada Hi Jaiत्र्यंबकेश्वर बाबा तेरी सदा ही जयTrimbakeshwar Baba Teri Sada Hi Jaiत्र्यंबकेश्वर बाबा तेरी सदा ही जयTrimbakeshwar Baba Teri Sada Hi Jaiत्र्यंबकेश्वर बाबा तेरी सदा ही जयTrimbakeshwar Baba Teri Sada Hi Jaiगौतम को शाप से मुक्त करानेGautam Ko Shaap Se Mukt Karaneतुमने गोदावरी बहायीTumne Godavari Bahayiपाप नाश जन का उद्धार कर रक्षिण की गंगा कहलायीPaap Nash Jan Ka Uddhar Kar Rakshin Ki Ganga Kehlayiगौतम को शाप से मुक्त करानेGautam Ko Shaap Se Mukt Karaneतुमने गोदावरी बहायीTumne Godavari Bahayiपाप नाश जन का उद्धार कर रक्षिण की गंगा कहलायीPaap Nash Jan Ka Uddhar Kar Rakshin Ki Ganga KehlayiहोHoअब असली रूप दिखा त्र्यंबकेश्वर बाबाAb Asli Roop Dikha Trimbakeshwar Babaया रख लो अपने पास त्र्यंबकेश्वर बाबाYa Rakh Lo Apne Paas Trimbakeshwar Babaत्र्यंबकेश्वर बाबाTrimbakeshwar Babaत्र्यंबकेश्वर बाबा तेरी सदा ही जयTrimbakeshwar Baba Teri Sada Hi Jaiत्र्यंबकेश्वर बाबा तेरी सदा ही जयTrimbakeshwar Baba Teri Sada Hi Jaiत्र्यंबकेश्वर बाबा तेरी सदा ही जयTrimbakeshwar Baba Teri Sada Hi Jaiत्र्यंबकेश्वर बाबा तेरी सदा ही जयTrimbakeshwar Baba Teri Sada Hi Jaiतेरे चरण जहाँ पड़ जातेTere Charan Jahan Pad Jateवहाँ है सुख सागर लहरातेWahan Hai Sukh Sagar Lehrateराह में मेरा घर पड़ता हैRaah Mein Mera Ghar Padta Haiप्रभु यहाँ क्यों नही आतेPrabhu Yahan Kyun Nahi Aateतेरे चरण जहाँ पड़ जातेTere Charan Jahan Pad Jateवहाँ है सुख सागर लहरातेWahan Hai Sukh Sagar Lehrateराह में मेरा घर पड़ता हैRaah Mein Mera Ghar Padta Haiप्रभु यहाँ क्यों नही आतेPrabhu Yahan Kyun Nahi Aateजी मुझसे ना आज चुरा त्र्यंबकेश्वर बाबाJee Mujhse Na Aaj Chura Trimbakeshwar Babaया रख लो अपने पास त्र्यंबकेश्वर बाबाYa Rakh Lo Apne Paas Trimbakeshwar Babaत्र्यंबकेश्वर बाबाTrimbakeshwar Babaमेरे दिल में करो निवास त्र्यंबकेश्वर बाबाMere Dil Mein Karo Niwas Trimbakeshwar Babaया रख लो अपने पास त्र्यंबकेश्वर बाबाYa Rakh Lo Apne Paas Trimbakeshwar Babaत्र्यंबकेश्वर बाबाTrimbakeshwar Babaत्र्यंबकेश्वर बाबा तेरी सदा ही जय ||6||Trimbakeshwar Baba Teri Sada Hi Jai ||6||
भगवान शिव की महिमा, लिंगोत्पत्ति और पवित्र तीर्थों के विवरण के लिए शिव पुराण का संपूर्ण अध्ययन करें।
🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ
देवादिदेव महादेव को समर्पित यह भजन "मेरे दिल में करो निवास (Mere Dil Mein Karo Niwas Lyrics in Hindi) - Shiv Song Chandana Dixit Nitin Mukesh Shiv Bhajan - Bhaktilok" भगवान शिव के कल्याणकारी और वैराग्यपूर्ण रूप का सजीव चित्रण करता है। शिव का अर्थ ही कल्याण है। इस भजन के शब्दों के माध्यम से साधक शिव की अनंत चेतना, भस्म आरती, डमरू की ध्वनि और ध्यानमग्न मुद्रा का ध्यान करता है।
शिव भक्ति का मूल सिद्धांत यही है कि जगत की प्रत्येक नश्वर वस्तु का अंत शिव में ही होना है। यह भजन भक्त को सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर आत्मा के वास्तविक स्वरूप को पहचानने की प्रेरणा देता है। शिव का नाम पंचमहाभूतों को नियंत्रित करने वाली परम शक्ति का प्रतीक है।
🔍 विशेष महत्त्व और लाभ
शिव पुराण के अनुसार, भगवान शिव अत्यंत भोले हैं और साधारण जल तथा बेलपत्र अर्पण करने मात्र से भी प्रसन्न हो जाते हैं। इस शिव भजन का संकीर्तन करने से अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है और कुंडली के ग्रहों के दोष शांत होते हैं।
भगवान शिव की महिमा, लिंगोत्पत्ति और पवित्र तीर्थों के विवरण के लिए शिव पुराण का संपूर्ण अध्ययन करें। नियमित शिव भजन और पंचाक्षरी मंत्र (ॐ नमः शिवाय) के जप से तनाव का नाश होता है, अवसाद दूर होता है और अंतर्मन में अपूर्व शांति का उदय होता है। यह आरोग्य और दीर्घायु प्रदान करने में भी सहायक है।
🕒 साधना एवं गायन विधि
शिव संकीर्तन के लिए प्रदोष काल (संध्या समय) अथवा सोमवार का दिन सर्वोत्तम माना जाता है। उत्तर दिशा की ओर मुख करके कुशासन पर बैठकर शिवजी का ध्यान करते हुए भजन गाएं।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
भगवान शिव को शीघ्र प्रसन्न करने की सरल विधि क्या है?
शुद्ध जल, बेलपत्र, धतूरा अर्पित करते हुए श्रद्धापूर्वक शिव मंत्र अथवा भजनों का संकीर्तन करने से महादेव शीघ्र प्रसन्न होते हैं।
शिव भजनों के लिए कौन सा दिन विशेष है?
सोमवार, प्रदोष व्रत की तिथि और महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव की उपासना और भजन संकीर्तन के लिए विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।
क्या शिव जी की उपासना से कुंडली के दोष दूर होते हैं?
हाँ, भगवान शिव (महाकाल) की आराधना से कालसर्प दोष, राहु-केतु दोष और शनि जनित कष्टों का निवारण होता है।
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