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Hanuman Bhajan

मेरे हनुमान का तो काम ही निराला है लिरिक्स (MERE HANUMAN KA TO KAAM HI NIRALA HAI LYRICS IN HINDI) - Hanuman Bhajan - Bhaktilok

68 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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हनुमान जी की अद्भुत महिमा

हनुमान भजन 'मेरे हनुमान का तो काम ही निराला है' का पाठ हृदय में भक्ति एवं श्रद्धा का संचार करता है।

मेरे हनुमान का तो काम ही निराला हैराम का दुलारा मईया अंजनी लाला है।।अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं दनुजवनकृशानुमग्यानिनामअग्रगण्यं सकल गुण निधानंवानरानामधीशं रघुपति प्रिय भक्तं वातजातं नमामि।श्री तुलसीदास जु के पद कमल मैं बारम्बार मनाऊँगुण गाउँ श्री राम जी के श्री हनुमत होव सहाय।।मेरे हनुमान का तो काम ही निराला हैराम का दुलारा मईया अंजनी लाला है।।लाल सिंदूर इसे बड़ा प्यारा लगेलाल चोले में मेरा बाबा न्यारा लागेमेरा बजरंगी राम नाम का मतवाला हैराम का दुलारा मईया अंजनी लाला हैमेरें हनुमान का तों काम ही निराला हैराम का दुलारा मईया अंजनी लाला है।।मंगल को जन्मे मंगल है करतेबड़े बड़े भूत प्रेत भी हनुमत से डरतेसारे भक्तो का ये बजरंगी रखवाला हैराम का दुलारा मईया अंजनी लाला हैमेरें हनुमान का तों काम ही निराला हैराम का दुलारा मईया अंजनी लाला है।।दुखो को दूर करे सारे संकट को हरेजो भी आए दर पे झोली खुशियो से भरेसारे संकट को इसने पल ही भर में टाला हैराम का दुलारा मईया अंजनी लाला हैमेरे हनुमान का तो काम ही निराला हैराम का दुलारा मईया अंजनी लाला है।।

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन में भगवान हनुमान की अनूठी शक्तियों और उनके भक्तों के प्रति उनकी करुणा का गुणगान किया गया है। यह भजन हनुमान जी के अतुलनीय बल और उनके मंगलमय कार्यों का वर्णन करता है। विशेष रूप से, पंक्ति 'राम का दुलारा मईया अंजनी लाला है' हनुमान जी की मातृत्व वृत्ति और उनके एवं भगवान राम के अटूट संबंध को प्रकट करती है। हनुमान जी, जो हेमशैला से उत्पन्न हुए हैं, सभी गुणों के निधान और भक्तों के दुखों को दूर करने वाले हैं। इसके साथ ही, यह भजन उन्हें भक्तों के संकटों के निवारण के रूप में प्रस्तुत करता है, जैसे की 'दुखो को दूर करे सारे संकट को हरे' जो यह संकेत करता है कि भगवान हनुमान मुसीबतों में भक्तों का सहारा बनते हैं।

हनुमान भजन मन की गहराइयों तक पहुँचने वाली भावनाओं को जगाता है तथा भक्तों के हृदय में श्रद्धा और भक्ति का संचार करता है। इस भजन में वर्णित 'मंगल को जन्मे मंगल है' पंक्ति यह दर्शाती है कि हनुमान जी में सार्थकता और मंगल ऊर्जा है। भक्तगण उनकी शरण में आते हैं क्योंकि वे हर प्रकार के डर से मुक्ति दिलाने वाले हैं। खतरनाक भूत-प्रेतों से भयभीत भक्तों के लिए हनुमान जी एक अद्वितीय रक्षक हैं। भक्तों का यह विश्वास उनकी पवित्रता और शक्ति को दर्शाता है। इस भजन में श्री तुलसीदास द्वारा हनुमान जी की स्तुति भी बड़े श्रद्धापूर्वक की गई है, जो उनकी महिमा को और भी बढ़ा देता है।

इस भजन का तीव्र संबंध भक्ति मार्ग से है, जहां भक्ति, समर्पण और प्रेम की अभिव्यक्ति होती है। हनुमान जी का स्वरूप भक्तों के लिए प्रेरणा का स्रोत है, क्योंकि वे असाधारण कार्यों को आसानी से बिना किसी स्वार्थ के करते हैं। 'राम नाम का मतवाला है' का अर्थ है कि हनुमान जी अपने आराध्य, भगवान राम के प्रति पूर्ण निष्ठा और समर्पण रखते हैं। यह भक्ति मार्ग में अग्रसर होने का एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करता है। हनुमान जी के प्रति विश्वास और श्रद्धा रखने वाले भक्त उनके क्यों और कैसे पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जिससे उनकी सोद्देश्य भक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

भजन 'मेरे हनुमान का तो काम ही निराला है' हिंदू धर्म में हनुमान जी की विशेषता को उजागर करता है। विभिन्न पुराणों और महाकाव्य जैसे रामायण में हनुमान जी को संकटमोचन और रक्षक के रूप में प्रस्तुत किया गया है। उनके प्रति आस्था रखने वाले भक्तों के लिए यह भजन उन शक्तियों का संज्ञान देता है जो हनुमान जी उनके दुख-कष्ट दूर करने में सामर्थ्य रखते हैं। इसलिए, इस भजन का पाठ केवल धार्मिक नहीं, बल्कि मानसिक और भौतिक उत्थान का भी कार्य करता है।

वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें। हनुमान भजन के नियमित पाठ से मानसिक शांति मिलती है और स्थिति संकट मोचन की भावना जागृत होती है। इससे आंतरिक बल, साहस और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आध्यात्मिक रूप से, हनुमान जी की कृपा से भक्ति में और अधिक प्रगाढ़ता आती है और पारिवारिक सुख-शांति में वृद्धि होती है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का पाठ सुबह के समय या सूर्यास्त के समय करना विशेष लाभकारी होता है। भक्त को उचित आसन पर बैठकर, ध्यान की मुद्रा में ध्यान केंद्रित करना चाहिए। भजन के दौरान हनुमान जी के प्रति विशेष प्रेम और श्रद्धा भाव से उनके चरणों में ध्यान लगाना आवश्यक है। पूजा के दौरान दीप जलाना और शुद्ध वस्त्र पहनना उचित रहता है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

इस भजन को क्यों गाना चाहिए?

यह भजन हनुमान जी की महिमा और शक्ति का बखान करता है; इसे गाने से भक्ति की भावना जगती है।

क्या हनुमान जी की आरती भी करनी चाहिए?

हाँ, भजन के साथ आरती करना भक्तों के लिए उन्हें सच्चे मन से समर्पित करने का एक तरीका है।

क्या इस भजन का समय नियत है?

इस भजन का पाठ सुबह या संध्या के समय करना शुभ माना जाता है, जब मन शांत और ध्यान की स्थिति में होता है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 27 Aug 2026

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