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Hanuman Bhajan

संकट वो तेरा काटेंगे लिरिक्स (SANKAT VO TERA KATENGE LYRICS IN HINDI) - Annu Sharma Hanuman Bhajan - Bhaktilok

76 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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हनुमान: संकट से मुक्ति का आश्रय

संकटमोचन हनुमान जी की साधना से हर संकट का समाधान प्राप्त करें।

 संकट वो तेरा काटेंगे लिरिक्स (SANKAT VO TERA KATENGE LYRICS IN HINDI) - जरा दर्शन को घाटे चलिए जहां बालाजी महाराज हैंसंकट वो तेरा काटेंगे वो तो संकट के काटन हार हैंतुम वहां जाओ वो ना मिलेंगेऐसा कभी नहीं हो सकताजो वर मांगो वह नहीं पाओ ऐसा कभी नहीं हो सकतामेरे बाबा जगत विख्यात है रख लेंगे वह तेरी लाज हैसंकट वो तेरा काटेंगेभैरव बाबा का जाल वहां पर आज फंसे कोई कल फसेप्रेतराज का राज वहां पर बच ना सके कोई छीप ना सकेभक्त कहता पते की बात है तुम सुन लो लगाकर ध्यान हैसंकट वो तेरा काटेंगेपत्थर का मंदिर पत्थर की मूरत पत्थर का दिल नहीं हो सकताबेटा बुलाए बाबा ना आए ऐसा कभी नहीं हो सकतामेरे बाबा की देखो क्या बात है कलयुग के वो अवतार हैसंकट वो तेरा काटेंगे*** Singer - Annu Sharma ***

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन "संकट वो तेरा काटेंगे" में हनुमान जी के प्रति अनन्य श्रद्धा और विश्वास का उच्चारण किया गया है। भगवान हनुमान भक्तों के संकट दूर करने वाले हैं, इस सोच को भजन की हर पंक्ति में प्रतिबिंबित किया गया है। जैसे कि "संकट वो तेरा काटेंगे" यह पंक्ति केवल एक आश्वासन नहीं, बल्कि एक दृढ़ विश्वास का संकेत है कि जब भी भक्त संकट में होते हैं, हनुमान जी उनकी रक्षा करेंगे। आगे कहा गया है कि चाहे कितने भी बड़े संकट आएं, हनुमान जी हमेशा साथ रहेंगे।

इस भजन के भावार्थ में हनुमान जी के प्रति निस्वार्थ भक्ति का भाव प्रकट होता है। भजन में कहा गया है कि जब भी भक्त संकट में होते हैं, हनुमान जी अवश्य उनकी सहायता करेंगे। भावार्थ में यह भावना है कि हनुमान जी सिर्फ एक मूर्ति नहीं हैं, बल्कि वे भक्तों के दिल के करीब हैं। यह भजन संवेदनाओं को प्रकट करता है, यह कहते हुए कि जबर्दस्त संकटों में भी यदि हम हनुमान जी की शरण में जाते हैं, तो हमें उनके द्वारा विशेष कृपा प्राप्त होगी। इस भजन का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यहाँ मनुष्य के कठिन समय में अपने इष्ट देवता की शरण लेने की प्रेरणा दी गई है।

इस भजन में भक्ति मार्ग की गहराई निहित है। हनुमान जी के प्रति भक्ति का मार्ग केवल संकटों से मुक्ति पाने का नहीं है, बल्कि यह विश्वास और श्रद्धा का मार्ग भी है। हनुमान जी के प्रति सच्चा भभक्ति हमारे जीवन में सकारात्मकता लाता है और हमें नकारात्मकता से दूर करता है। यह भजन भक्त को न केवल आंतरिक शक्ति देता है, बल्कि यह एकाग्रता और ध्यान की अवस्था में भी लाता है। इस प्रकार, भक्त जब संकटो में होते हैं, तब उन्हें केवल हनुमान जी की शक्ति का अनुभव करना है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

इस भजन का महत्व केवल इसकी धार्मिकता में नहीं, बल्कि इसकी गहन भावना में छिपा हुआ है। हनुमान जी की महिमा कई पुराणों में वर्णित है, जैसे रामायण, जिसमें भगवान राम के प्रति उनकी निस्वार्थ भक्ति का चित्रण किया गया है। हनुमान जी को संकटमोचन कहा गया है, अर्थात वे हर प्रकार के संकट को दूर करते हैं। भक्तों के संकट दूर करने की यह शक्ति उनको विशेष रूप से कलियुग के संकटों से उबरने में सहायक है। भारतीय संस्कृति में, हनुमान जी का हर युग में महान स्थान रहा है। उनके प्रति समर्पण सभी प्रकार की बाधाओं को पार करने की ताकत देता है।

वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें। हनुमान जी की स्तुति करने से ना केवल मन की शांति मिलती है, बल्कि मानसिक स्थिति में भी सुधार होता है। यह भजन मानसिक तनाव को कम करने में लाभदायक है, और भक्तों को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। नियमित रूप से इस भजन का जप करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और जीवन में आशा और सकारात्मकता दायक दृष्टिकोण को पैदा करता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का जाप सुबह-सुबह या संध्या समय में करना श्रेष्ठ माना जाता है। पूजा करते समय एक दीपक जलाना, फूल और फल का भोग अर्पित करना चाहिए। शुद्ध मन से, ध्यान लगाकर हनुमान जी का स्मरण करना चाहिए। यह मानसिक शांति और ध्यान केन्द्रित करने में मदद देता है। जाप करते समय आत्मविश्वास और श्रद्धा से किया गया ध्यान विशेष फलदायक होता है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

हनुमान जी की प्रतिमा को पूजते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

हनुमान जी की प्रतिमा का पूजन करते समय इसे स्वच्छ स्थान पर रखना चाहिए। प्रत्येक पूजा से पहले स्नान कर स्वच्छ कपड़ा पहनना आवश्यक है। दीप जलाना और फूल अर्पित करना उत्तम है।

क्यों कहा गया है 'संकट वो तेरा काटेंगे'?

'संकट वो तेरा काटेंगे' इस भजन में यह विश्वास व्यक्त किया गया है कि जब भी भक्त संकट में होते हैं, हनुमान जी उनकी सहायता अवश्य करेंगे। यह एक प्रकार का आश्वासन है कि हमें कभी हार नहीं मानना चाहिए।

यह भजन किस प्रकार के संकटों से मुक्ति दिला सकता है?

यह भजन मानसिक, शारीरिक और भौतिक संकटों से मुक्ति दिलाने में सक्षम है। भक्त जब सच्चे मन से हनुमान जी की प्रभुता में विश्वास करते हैं, तो उनके सारे संकट हनुमान जी द्वारा समाप्त हो जाते हैं।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 23 Aug 2026

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