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Hanuman Bhajan

आ लौट के आजा हनुमान, तुम्हे श्री राम बुलाते हैं(Aa Laut Ke Aaja Hanuman Tumhe Shree Ram Bulate Hain Lyrics in Hindi) - Bhaktilok

62 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

 

आ लौट के आजा हनुमान, तुम्हे श्री राम बुलाते हैं(Aa Laut Ke Aaja Hanuman Tumhe Shree Ram Bulate Hain Lyrocs in Hindi) - 



आ लौट के आजा हनुमान, तुम्हे श्री राम बुलाते हैं।

जानकी के बसे तुममे प्राण, तुम्हे श्री राम बुलाते हैं॥


लंका जला के सब को हरा के तुम्ही खबर सिया की लाये।

पर्वत उठा के संजीवन ला के तुमने लखन जी बचाए।

हे बजरंगी बलवान, तुम्हे हम याद दिलाते हैं॥


पहले था रावण एक ही धरा पे, जिसको प्रभु ने संघारा।

तुमने सवारे थे काज सारे, प्रभु को दिया था सहारा।

जग में हे वीर सुजान भी तेरे गुण गाते हैं॥


है धरम संकट में धर्म फिर से, अब खेल कलयुग ने खेले।

हैं लाखों रावण अब तो यहाँ पे, कब तक लड़े प्रभु अकेले।

जरा देख लगा के ध्यान, तुम्हे श्री राम बुलाते हैं॥


है राम जी बिन तेरे अधूरे, अनजानी माँ के प्यारे।

भक्तो के सपने करने को पूरे, आजा पवन के दुलारे।

करने जग का कल्याण, तुम्हे श्री राम बुलाते हैं॥


साखी:


“राम मिलन के कराने जो तू खड़ा उदास

साधु संगत शोध ले राम उन्ही के पास”


सत्संग अमर झड़ी रे, जो कोई आवे संत री संगत में

अरे वाने खबर पड़ी, संतो सत्संग अमर झड़ी ||टेर||


सुग्रीव ने संगत राम जी की किनी, वानर फोज बनी साधो भाई

उस वानर की कोई है शाम रित, जो रावण से आन लड़ी

सत्संग अमर झड़ी रे, जो कोई आवे संत री संगत में

अरे वाने खबर पड़ी, संतो सत्संग अमर झड़ी ||टेर||


नरसी ने संगत पीपाजी की कीड़ी, सुई पर बात अडी है

56 करोड़ को भरो मायरो, वो आयो आप हरी रे सावरो

सत्संग अमर झड़ी रे, जो कोई आवे संत री संगत में

अरे वाने खबर पड़ी, संतो सत्संग अमर झड़ी ||टेर||


प्रह्लाद ने संगत सरियादेवी की कीड़ी, नाम पर बात अडी है

खम्भ फास हरिणाकश्यप मारियो फिर मिले हरी

सत्संग अमर झड़ी रे, जो कोई आवे संत री संगत में

अरे वाने खबर पड़ी, संतो सत्संग अमर झड़ी ||टेर||


लोहा ने संगत काट की किनी, समुद्र बिच नाव तिरी रे

उंडा नीर बता दे साधू, मारा सतगुरु पार करी रे संतो

सत्संग अमर झड़ी रे, जो कोई आवे संत री संगत में

अरे वाने खबर पड़ी, संतो सत्संग अमर झड़ी ||टेर||


उच्च नीच का भेद नहीं जाने, कहत कबीर सुनो भाई साधु

थारो आवो गमन मिटे रे संतो

सत्संग अमर झड़ी रे, जो कोई आवे संत री संगत में

अरे वाने खबर पड़ी, संतो सत्संग अमर झड़ी


||संत कबीर साहेब की जय हो ||

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें।

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

भगवान श्री रामचंद्र जी को समर्पित यह भजन " आ लौट के आजा हनुमान, तुम्हे श्री राम बुलाते हैं(Aa Laut Ke Aaja Hanuman Tumhe Shree Ram Bulate Hain Lyrics in Hindi) - Bhaktilok" मर्यादा पुरुषोत्तम के पावन चरित्र का स्मरण कराता है। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस के सिद्धांतों के अनुसार, राम का नाम स्वयं राम से भी अधिक सामर्थ्यवान है। इस भजन की लय और शब्द भक्त को सीधे साकेत धाम की पावन चेतना से जोड़ते हैं।

भजन का प्रमुख भाव शरणागति का है। जब जीव समस्त सांसारिक प्रपंचों से थककर भगवान राम के चरणों में शरण लेता है, तो उसे परम अभय की प्राप्ति होती है। राम नाम की ध्वनि से वातावरण शुद्ध होता है और अंतःकरण में धर्म और सत्य के प्रति निष्ठा दृढ़ होती है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

सनातन ग्रंथों के अनुसार, राम नाम का जाप कलयुग का सर्वश्रेष्ठ साधन माना गया है। वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस में राम नाम की असीम महिमा गाई गई है। यह भजन साधक के मन में वैराग्य, संयम, दया और कर्तव्य परायणता जैसे नैतिक मूल्यों का संचार करता है।

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। राम नाम के संकीर्तन से व्यक्ति का आत्मबल जागृत होता है, भय तथा शंकाओं का नाश होता है और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी धैर्य रखने की शक्ति प्राप्त होती है। यह पारिवारिक सौहार्द और मर्यादा की स्थापना में सहायक है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

राम भजन का संकीर्तन प्रातःकाल स्नान के पश्चात राम दरबार की प्रतिमा के सम्मुख घी का दीपक जलाकर करें। तुलसी की माला से राम नाम का जप करने के पश्चात इस भजन का गायन अत्यंत फलदायी होता है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

राम भजन के गायन से क्या लाभ प्राप्त होते हैं?

राम भजन के संकीर्तन से मानसिक शांति, उत्तम चरित्र, और विपत्तियों में धैर्य बनाए रखने का आत्मबल प्राप्त होता है।

राम नाम जप के लिए सर्वश्रेष्ठ माला कौन सी है?

भगवान श्री राम के मंत्र जाप और संकीर्तन के लिए तुलसी की माला को सर्वश्रेष्ठ और अत्यंत पवित्र माना गया है।

क्या राम भजन बच्चों के संस्कारों के लिए उपयोगी है?

हाँ, भगवान राम के मर्यादापूर्ण चरित्र के भजन सुनने से बच्चों में बड़ों के प्रति सम्मान, सत्यप्रियता और उच्च नैतिक संस्कारों का विकास होता है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 24 Aug 2026

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