All गणेश मंत्र लिरिक्स(Ganesh Mantra Lyrics in Hindi) -
शुभ लाभ गणेश मंत्र(Shubh Labh Ganesha Mantra Lyrics in Hindi):-
ॐ श्रीम गम सौभाग्य गणपतये।
वर्वर्द सर्वजन्म में वषमान्य नमः॥
गणेश गायत्री मंत्र(Ganesha Gayatri Mantra):-
ॐ एकदन्ताय विद्धमहे, वक्रतुण्डाय धीमहि,
तन्नो दन्ति प्रचोदयात्॥
अमोघ गणेश लक्ष्मी मंत्र(Amogh Ganesh Lakshmi Mantra):-
ॐ गं गणपति रूप श्री पद्मादेव्यै नमः
मम लक्ष्मी प्राप्ति कुरु कुरु स्वाहा
गणेश बीज मंत्र गीत(Ganesh Beej Mantra Lyrics):-
ॐ गं गणपतये नमः ||
Om Gan Ganpataye Namah ।।
गणेश जी को भोग लगाने का मंत्र(Ganesh Ji Ko Bhog Lagane Ka Mantra):-
शर्कराघृत संयुक्तं मधुरं स्वादुचोत्तमम |
उपहार समायुक्तं नैवेद्यं प्रतिगृह्यतां ||
गणेश वंदना मंत्र(Ganesh Vandana Mantra):-
वन्दहुं विनायक, विधि-विधायक, ऋद्धि-सिद्धि प्रदायकम् |
गजकर्ण, लम्बोदर, गजानन, वक्रतुण्ड, सुनायकम् ||
श्री एकदन्त, विकट, उमासुत, भालचन्द्र भजामिहम |
विघ्नेश, सुख-लाभेश, गणपति, श्री गणेश नमामिहम ||
गणेश प्रार्थना मंत्र(Ganesh Prarthna Mantra):-
विघ्नेश्वराय वरदाय सुरप्रियाय ,
लंबोदराय सकलाय जगध्दिताय |
नागाननाय श्रुतियग्यविभुसिताय,
गौरीसुताय गणनाथ नमो नमस्ते ||
ऋणहर्ता गणपति मन्त्र(Ridhharata Ganesh Mantra):-
ॐ गणेश ऋणं छिन्धि वरेण्यं हुं नमः फट् ||
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🙏 भजन का विस्तृत अर्थ और भावार्थ (Lyrics Meaning)
प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश जी का यह भजन "All गणेश मंत्र लिरिक्स(Ganesh Mantra Lyrics in Hindi) - Bhaktilok" सभी कार्यों के निर्विघ्न संपन्न होने की कामना से गाया जाता है। विघ्नहर्ता गणेश जी बुद्धि, ज्ञान और विवेक के अधिष्ठाता देव हैं। इस भजन के प्रत्येक शब्द में गणेश जी के गजमुख, विशाल उदर, और चूषक वाहन का सुंदर वर्णन है।
इस भजन की मूल भावना विघ्न विनाश और शुभ-लाभ की प्राप्ति की है। जीवन में जब भी कोई नया कार्य प्रारंभ करना हो, तो गणेश जी का स्मरण करना अनिवार्य माना गया है, क्योंकि वे ऋद्धि-सिद्धि के प्रदाता हैं।
🔍 भजन का विशेष महत्त्व और आध्यात्मिक लाभ (Significance)
गणेश पुराण के अनुसार, श्री गणेश जी की स्तुति और भजन सुनने से बुद्धि का विकास होता है, विद्या अर्जन में आने वाली बाधाएं समाप्त होती हैं और घर में शांति का वातावरण बनता है।
प्रथम पूज्य श्री गणेश जी के जन्म और उनकी कथाओं का संपूर्ण विवरण जानने के लिए ब्रह्म पुराण गणेश महिमा का पाठ करें। गणेश संकीर्तन से मानसिक अशांति दूर होती है, बुद्धि कुशाग्र होती है और किसी भी कार्य में आने वाली विघ्न-बाधाएं स्वतः ही दूर हो जाती हैं।
🕒 साधना एवं गायन विधि (Chanting Rules)
बुधवार और गणेश चतुर्थी के दिन गणेश जी के सम्मुख दूर्वा और मोदक अर्पित कर इस भजन का संकीर्तन करें। गायन के समय सिंदूर का तिलक लगाना शुभ होता है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
गणेश जी की पूजा में 'दूर्वा' (दूब घास) क्यों चढ़ाई जाती है?
दूर्वा शीतलता प्रदान करने वाली है। अनलासुर नामक दैत्य को निगलने के बाद गणेश जी के पेट में उत्पन्न जलन को शांत करने के लिए मुनियों ने उन्हें दूर्वा चढ़ाई थी। तब से गणेश जी को दूर्वा अत्यंत प्रिय है।
भगवान गणेश के भजन किस दिन विशेष रूप से गाने चाहिए?
बुधवार का दिन और हर माह आने वाली संकष्टी व विनायक चतुर्थी की तिथियां गणेश आराधना के लिए सर्वोत्तम हैं।
क्या प्रथम पूज्य गणेश जी का स्मरण हर पूजा से पहले जरूरी है?
हाँ, शास्त्रों के अनुसार भगवान शिव से मिले वरदान के कारण किसी भी शुभ कार्य या देव पूजा की शुरुआत गणेश जी के पूजन व स्मरण से ही की जाती है।

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