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Hanuman Bhajan

हनुमान मंत्र (Hanuman mantra in hindi) - Hanuman ji ke 11 Powerfull mantra Shatru Nashak - Bhaktilok

310 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind | 2 मिनट पठन समय
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हनुमान मंत्र (Hanuman mantra in hindi) - 

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1. भय नाश करने के लिए हनुमान मंत्र (Bhay Nash Karne Ke Liye Hanuman Mantra) - 

 

हं हनुमंते नम:।


2. स्वास्थ्य के लिए मंत्र (Swasth Ke Liye Mantra) -


3.नासै रोग हरे सब पीरा, 

जपत निरंतर हनुमत बीरा


4. संकट दूर करने का मंत्र (Sankat Dur Karne Ka Mantra) - 


ॐ नमो हनुमते रूद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय 

सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा।


5. कर्ज मुक्ति के मंत्र (Karj Mukti Ke Mantra) -


ॐ नमो हनुमते आवेशाय आवेशाय स्वाहा।


6. मनोकामना के लिए मंत्र (Manokamana Ke Liye Mantra) - 


ॐ महाबलाय वीराय चिरंजिवीन उद्दते. 

हारिणे वज्र देहाय चोलंग्घितमहाव्यये। 

नमो हनुमते आवेशाय आवेशाय स्वाहा।


7. प्रेत भुत बाधा के लिए मंत्र (Pret Bhut Badha Ke Liye Mantra) -


हनुमन्नंजनी सुनो वायुपुत्र महाबल: 

अकस्मादागतोत्पांत नाशयाशु नमोस्तुते।

अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहम्

दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम् |

सकलगुणनिधानं वानराणामधीशम्

रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि ||


अर्थ : - अतुल बल के धाम , सोने के पर्वत के समान कान्तियुक्त शरीरवाले, दैत्यरूपी वन को ध्वंस करें वाले , ज्ञानियों में सबसे आगे , सम्पूर्ण गुणों के निधान , वानरों के

स्वामी , श्री रघुनाथ जी के प्रिये भक्त पवनपुत्र श्री हनुमान जी को मैं प्रणाम करता हूं |


8. सर्व मनोरथ सिद्धि मंत्र (Sarv Manorath Sidhhi Mantra) -


अंजनी के नन्द दुखः दण्ड को दूर करो सुमित को टेर पूजूं

तेरे भुज दण्ड प्रचंड त्रिलोक में रखियो लाज मरियाद मेरी

श्री रामचन्द्र वीर हनुमान शरण में तेरी |


इस मंत्र/Mantra का 10000 बार जाप करने से आपका कोई भी रुका हुआ कार्य शीघ्र ही पूर्ण हो जाता है | इसके साथ ही यदि आप किसी मुकदमे में फंसे है तो उसमे भी विजय प्राप्त होती है |


9. भूत-प्रेत आदि के निवारण के लिए (Bhut Pret Aadi Ke Nivaran Ke Liye Mantra) -


ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय पंचवदनाय दक्षिण मुखे

कराल बदनाय नारसिंहाय सकल भूत प्रेत दमनाय

रामदूताय स्वाहा |


इस मंत्र का विधानपूर्वक 1000 बार जाप करने से यह मंत्र सिद्ध होता है | परन्तु यदि आप इस मंत्र को उच्चारण सूर्य या चंद्र ग्रहण के समय करते है तो यह सिर्फ एक बार के जाप मात्र से सिद्ध हो जाता है | मंत्र सिद्ध के पश्चात् रोगी को जिसमे भूत – प्रेत आया है उस पर इस मंत्र का जाप करते हुए मोर पंख से झाड़ा दे | और इसके साथ साथ मंत्र/(Hanuman Mantra) द्वारा जल को भी अभिमंत्रित कर रोगी को पिलाये | ऐसा करने से भूत- प्रेत आदि की बाधा से शांत होकर रोगी रोगमुक्त हो जाता है |


10. हनुमान द्वाद्श्याक्षर मंत्र (Hanuman Dwadasyakshar Mantra) -


” हं हनुमते रुद्रात्मकायं हुं फट् ”


हनुमान जी के इस मंत्र/Mantra का जप नियमित रूप से पूजा के समय किया जा सकता है | वैसे तो इस मंत्र को सिद्ध करने के लिए सवा लाख मंत्रों के जप और साढ़े बारह हजार आहुतियों का विधान है | किन्तु आपको मंत्र सिद्ध करने की आवश्यकता नहीं है आप इस मंत्र का जप अपने कल्याणार्थ कर सकते है | हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए व मनोकामना पूर्ती के लिए प्रतिदिन 3 माला का जप करें |


11. हनुमान मंत्र (Hanuman Mantra) - 


ॐ मनोजवं मारुततुल्य वेगम् जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठं

वातात्मजं वानर युथमुख्यं श्री रामदूतं शरणं प्रपद्ये ||


अर्थ : - वह जो मन की गति से भी तेज है | जो वायु से भी ज्यादा बलशाली है जिन्होंने सभी इन्द्रियों पर पूर्ण विजय प्राप्त की है जो बुद्धि में सबसे आगे है जो वायु के पुत्र है | जो वानरों में प्रमुख है, मैं भगवान श्री राम चन्द्र के उस भक्त ( हनुमान जी ) की शरण में जाता हूं |






वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 12 Aug 2026

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