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जटा में तेरी गंगा विराजे माथे चन्द्र सजाया (Jata Mein Teri Ganga Viraje Lyrics In Hindi) - Shiv Bhajan - Bhaktilok

220 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind | 2 मिनट पठन समय
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जटा में तेरी गंगा विराजे माथे चन्द्र सजाया (Jata Mein Teri Ganga Viraje Lyrics In Hindi) - Shiv Bhajan:-

जटा में तेरी गंगा विराजे माथे चन्द्र सजाया (Jata Mein Teri Ganga Viraje Lyrics In Hindi) - Shiv Bhajan - Bhaktilok

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जटा में तेरी गंगा विराजे माथे चन्द्र सजाया (Jata Mein Teri Ganga Viraje Lyrics In Hindi) - 


|| दोहा ||

दुखियों के सब दुःख हर लेते हैं

भस्म लपेटे रहते हैं |

कष्ट उन्हें क्या जो भोले की

शरण में हरपल रहते हैं ||


जटा में तेरी गंगा विराजे माथे चन्द्र सजाया

जटा में तेरी गंगा विराजे माथे चन्द्र सजाया

सावन में जब डमरू बाजे तीनो लोक सुहाया ||


आया सावन आया भोले का सावन आया

आया सावन आया बाबा का सावन आया ||


जटा में तेरी गंगा विराजे माथे चन्द्र सजाया

जटा में तेरी गंगा विराजे माथे चन्द्र सजाया

सावन में जब डमरू बाजे तीनो लोक सुहाया ||


आया सावन आया भोले का सावन आया

आया सावन आया बाबा का सावन आया ||


तेरी महिमा हम क्या बताएं मंदिर खुद हैं बताते

मानव क्या सावन में तुझसे देव भी मिलने आते |


तेरी महिमा हम क्या बताएं मंदिर खुद हैं बताते

मानव क्या सावन में तुझसे देव भी मिलने आते |


हम हैं दुखारी हम क्या लाये बेलपत्र है लाया

हम हैं दुखारी हम क्या लाये बेलपत्र है लाया


सावन में जब डमरू बाजे तीनो लोक सुहाया ||


आया सावन आया भोले का सावन आया

आया सावन आया बाबा का सावन आया ||


मैया पार्वती है शक्ति विघ्न के हर्ता गणेश

सेनापति हो मुरगन जैसा फिर कैसे हो कलेश ||


मैया पार्वती है शक्ति विघ्न के हर्ता गणेश

सेनापति हो मुरगन जैसा फिर कैसे हो कलेश ||


यही सोंचकर सुन मेरे दाता याचक दर पर आया

यही सोंचकर सुन मेरे दाता याचक दर पर आया ||


सावन में जब डमरू बाजे तीनो लोक सुहाया ||


आया सावन आया भोले का सावन आया

आया सावन आया बाबा का सावन आया ||


छटा अनूपम है सावन की कांवरिया हैं बताते

लेकिन जब तक तू न चाहे हम तो नही जा पाते ||


छटा अनूपम है सावन की कांवरिया हैं बताते

लेकिन जब तक तू न चाहे हम तो नही जा पाते ||


भाग्य देख संयोग का बाबा तेरे रंग में नहाया

भाग्य देख संयोग का बाबा तेरे रंग में नहाया ||


सावन में जब डमरू बाजे तीनो लोक सुहाया ||


आया सावन आया भोले का सावन आया

आया सावन आया बाबा का सावन आया ||


जटा में तेरी गंगा विराजे माथे चन्द्र सजाया

जटा में तेरी गंगा विराजे माथे चन्द्र सजाया

सावन में जब डमरू बाजे तीनो लोक सुहाया ||

आया सावन आया भोले का सावन आया


विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 13 Aug 2026

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