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राम दर्शन (Ram Darshan Lyrics in Hindi) - Ram Setu EP by Narci - Bhaktilok

82 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

राम दर्शन (Ram Darshan Lyrics in Hindi) - Ram Setu EP by Narci :- 

राम दर्शन (Ram Darshan Lyrics in Hindi) - Ram Setu EP by Narci - Bhaktilok

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें।

राम दर्शन (Ram Darshan Lyrics in Hindi) - 


पता नहीं किस रूप में आकर नारायण मिल जाएगा

निर्मल मन के दर्पण में वह राम के दर्शन पाएगा

पता नहीं किस रूप में आकर नारायण मिल जाएगा

निर्मल मन के दर्पण में वह राम के दर्शन पाएगा

पता नहीं किस रूप में आकर नारायण मिल जाएगा

निर्मल मन के दर्पण में वह राम के दर्शन पाएगा

साँस रुकी तेरे दर्शन को, ना दुनिया में मेरा लगता मन

शबरी बनके बैठा हूँ, मेरा श्री राम में अटका मन

बे-क़रार मेरे दिल को मैं कितना भी समझा लूँ

राम दरस के बाद दिल छोड़ेगा ये धड़कन

काले युग का प्राणी हूँ पर जीता हूँ मैं त्रेता युग

करता हूँ महसूस पलों को, माना, ना वो देखा युग

देगा युग कली का ये पापों के उपहार कई

छंद मेरा, पर गाने का हर प्राणी को देगा सुख

हरि कथा का वक्ता हूँ मैं, राम भजन की आदत

राम आभारी शायर, मिल जो रही है दावत

हरि कथा सुना के मैं छोड़ तुम्हें कल जाऊँगा

बाद मेरे ना गिरने देना हरि कथा विरासत

पाने को दीदार प्रभु के नैन बड़े ये तरसे हैं

जान सके ना कोई वेदना, रातों को ये बरसे हैं

किसे पता, किस मौक़े पे, किस भूमि पे, किस कोने में

मेले में या वीराने में श्री हरि हमें दर्शन दें

पता नहीं किस रूप में आकर नारायण मिल जाएगा

निर्मल मन के दर्पण में वह राम के दर्शन पाएगा

पता नहीं किस रूप में आकर नारायण मिल जाएगा

निर्मल मन के दर्पण में वह राम के दर्शन पाएगा

पता नहीं किस रूप में आकर...

पता नहीं किस रूप में आकर...

पता नहीं किस रूप में आकर...

पता नहीं किस रूप में आकर...

इंतज़ार में बैठा हूँ, कब बीतेगा ये काला युग

बीतेगी ये पीड़ा और भारी दिल के सारे दुख

मिलने को हूँ बे-क़रार पर पापों का मैं भागी भी

नज़रें मेरी आगे तेरे, श्री हरि, जाएगी झुक

राम नाम से जुड़े हैं ऐसे, ख़ुद से भी ना मिल पाए

कोई ना जाने किस चेहरे में राम हमें कल मिल जाएँ

वैसे तो मेरे दिल में हो पर आँखें प्यासी दर्शन की

शाम-सवेरे, सारे मौसम राम गीत ही दिल गाए

रघुवीर, ये विनती है, तुम दूर करो अँधेरों को

दूर करो परेशानी के सारे भूखे शेरों को

शबरी बनके बैठा पर काले युग का प्राणी हूँ

मैं जूठा भी ना कर पाऊँगा पापी मुँह से बेरों को

बन चुका वैरागी, दिल नाम तेरा ही लेता है

शायर अपनी साँसें ये राम-सिया को देता है

और नहीं इच्छा है अब जीने की मेरी, राम, यहाँ

बाद मुझे मेरी मौत के बस ले जाना तुम त्रेता में

राम के चरित्र में सबको अपने घर का

अपने कष्टों का एक जवाब मिलता है

पता नहीं किस रूप में आकर नारायण मिल जाएगा

निर्मल मन के दर्पण में वह राम के दर्शन पाएगा

पता नहीं किस रूप में आकर नारायण मिल जाएगा

निर्मल मन के दर्पण में वह राम के दर्शन पाएगा

पता नहीं किस रूप में आकर नारायण मिल जाएगा

निर्मल मन के दर्पण में वह राम के दर्शन पाएगा

पता नहीं किस रूप में आकर नारायण मिल जाएगा

निर्मल मन के दर्पण में वह राम के दर्शन पाएगा

बन चुका वैरागी, दिल नाम तेरा ही लेता है (पता नहीं किस रूप में आकर)

शायर अपनी साँसें ये राम-सिया को देता है

और नहीं इच्छा है अब जीने की मेरी, राम, यहाँ (पता नहीं किस रूप में आकर)

बाद मुझे मेरी मौत के बस ले जाना तुम त्रेता में

बन चुका वैरागी, दिल नाम तेरा ही लेता है (पता नहीं किस रूप में आकर)

शायर अपनी साँसें ये राम-सिया को देता है

और नहीं इच्छा है अब जीने की मेरी, राम, यहाँ (पता नहीं किस रूप में आकर)

बाद मुझे मेरी मौत के बस ले जाना तुम त्रेता में

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

भगवान श्री रामचंद्र जी को समर्पित यह भजन "राम दर्शन (Ram Darshan Lyrics in Hindi) - Ram Setu EP by Narci - Bhaktilok" मर्यादा पुरुषोत्तम के पावन चरित्र का स्मरण कराता है। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस के सिद्धांतों के अनुसार, राम का नाम स्वयं राम से भी अधिक सामर्थ्यवान है। इस भजन की लय और शब्द भक्त को सीधे साकेत धाम की पावन चेतना से जोड़ते हैं।

भजन का प्रमुख भाव शरणागति का है। जब जीव समस्त सांसारिक प्रपंचों से थककर भगवान राम के चरणों में शरण लेता है, तो उसे परम अभय की प्राप्ति होती है। राम नाम की ध्वनि से वातावरण शुद्ध होता है और अंतःकरण में धर्म और सत्य के प्रति निष्ठा दृढ़ होती है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

सनातन ग्रंथों के अनुसार, राम नाम का जाप कलयुग का सर्वश्रेष्ठ साधन माना गया है। वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस में राम नाम की असीम महिमा गाई गई है। यह भजन साधक के मन में वैराग्य, संयम, दया और कर्तव्य परायणता जैसे नैतिक मूल्यों का संचार करता है।

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। राम नाम के संकीर्तन से व्यक्ति का आत्मबल जागृत होता है, भय तथा शंकाओं का नाश होता है और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी धैर्य रखने की शक्ति प्राप्त होती है। यह पारिवारिक सौहार्द और मर्यादा की स्थापना में सहायक है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

राम भजन का संकीर्तन प्रातःकाल स्नान के पश्चात राम दरबार की प्रतिमा के सम्मुख घी का दीपक जलाकर करें। तुलसी की माला से राम नाम का जप करने के पश्चात इस भजन का गायन अत्यंत फलदायी होता है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

राम भजन के गायन से क्या लाभ प्राप्त होते हैं?

राम भजन के संकीर्तन से मानसिक शांति, उत्तम चरित्र, और विपत्तियों में धैर्य बनाए रखने का आत्मबल प्राप्त होता है।

राम नाम जप के लिए सर्वश्रेष्ठ माला कौन सी है?

भगवान श्री राम के मंत्र जाप और संकीर्तन के लिए तुलसी की माला को सर्वश्रेष्ठ और अत्यंत पवित्र माना गया है।

क्या राम भजन बच्चों के संस्कारों के लिए उपयोगी है?

हाँ, भगवान राम के मर्यादापूर्ण चरित्र के भजन सुनने से बच्चों में बड़ों के प्रति सम्मान, सत्यप्रियता और उच्च नैतिक संस्कारों का विकास होता है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 23 Aug 2026

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