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Hanuman Bhajan

श्री हनुमान स्तवन श्रीहनुमन्नमस्कार (Shri Hanuman Stawan Hanumanna Namskarah Lyrics in Hindi) - Shree Hanuman Stawan by GULSHAN KUMAR - Bhaktilok

196 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind | 2 मिनट पठन समय
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श्री हनुमान स्तवन श्रीहनुमन्नमस्कार (Shri Hanuman Stawan Hanumanna Namskarah Lyrics in Hindi) - 


|| सोरठा ||

प्रनवउँ पवनकुमार खल बन पावक ज्ञानघन ।

जासु हृदय आगार बसहिं राम सर चाप धर ॥१॥


अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहम् ।

दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम् ॥२॥


सकलगुणनिधानं वानराणामधीशम् ।

रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि ॥३॥


|| श्रीहनुमन्नमस्कार ||

गोष्पदी-कृत-वारीशं मशकी-कृत-राक्षसम् ।

रामायण-महामाला-रत्नं वन्देऽनिलात्मजम् ॥ १॥


अञ्जना-नन्दनं-वीरं जानकी-शोक-नाशनम् ।

कपीशमक्ष-हन्तारं वन्दे लङ्का-भयङ्करम् ॥ २॥


महा-व्याकरणाम्भोधि-मन्थ-मानस-मन्दरम् ।

कवयन्तं राम-कीर्त्या हनुमन्तमुपास्महे ॥ ३॥


उल्लङ्घ्य सिन्धोः सलिलं सलीलं

यः शोक-वह्निं जनकात्मजायाः ।

आदाय तेनैव ददाह लङ्कां

नमामि तं प्राञ्जलिराञ्जनेयम् ॥ ४॥


मनोजवं मारुत-तुल्य-वेगं

जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम् ।

वातात्मजं वानर-यूथ-मुख्यं

श्रीराम-दूतं शिरसा नमामि ॥ ५॥


आञ्जनेयमतिपाटलाननं

काञ्चनाद्रि-कमनीय-विग्रहम् ।

पारिजात-तरु-मूल-वासिनं

भावयामि पवमान-नन्दनम् ॥ ६॥


यत्र यत्र रघुनाथ-कीर्तनं

तत्र तत्र कृत-मस्तकाञ्जलिम् ।

बाष्प-वारि-परिपूर्ण-लोचनं

मारुतिर्नमत राक्षसान्तकम् ॥ ७॥


*** Singer: Hariharan ***

 

🙏 भजन का विस्तृत अर्थ और भावार्थ (Lyrics Meaning)

संकटमोचन हनुमान जी का यह भजन "श्री हनुमान स्तवन श्रीहनुमन्नमस्कार (Shri Hanuman Stawan Hanumanna Namskarah Lyrics in Hindi) - Shree Hanuman Stawan by GULSHAN KUMAR - Bhaktilok" बल, बुद्धि, विद्या और भक्ति का संचार करने वाला है। कलयुग के जागृत देव श्री हनुमान जी की महिमा अपार है। इस भजन का मुख्य उद्देश्य साधक के भीतर के भय को दूर कर उसमें आत्मगौरव और निष्काम सेवा भाव जागृत करना है।

भजन की चौपाइयों और पंक्तियों में हनुमान जी की लंका दहन, संजीवनी बूटी लाना और प्रभु श्री राम के प्रति अनन्य प्रेम का वर्णन होता है। हनुमान जी की शरण में जाने पर बड़े से बड़ा संकट भी क्षण भर में समाप्त हो जाता है, यही इस भजन की मूल भावना है।

🔍 भजन का विशेष महत्त्व और आध्यात्मिक लाभ (Significance)

हनुमान चालीसा और सुंदरकांड की भांति ही हनुमान भजनों का विशेष धार्मिक महत्त्व है। हनुमान जी को अष्ट सिद्धि और नौ निधियों के दाता के रूप में पूजा जाता है। इस पावन भजन के गायन से भूत-पिशाच, नकारात्मक ऊर्जा और सभी प्रकार के ऊपरी बाधाओं से मुक्ति मिलती है।

वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें। हनुमान भजन से आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि होती है, मानसिक रोग जैसे तनाव, अनिद्रा और डिप्रेशन दूर होते हैं। यह छात्रों की बुद्धि और परीक्षा में सफलता के लिए भी रामबाण है।

🕒 साधना एवं गायन विधि (Chanting Rules)

हनुमान जी की पूजा के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन विशेष रूप से निर्धारित है। लाल आसन पर बैठकर, हनुमान जी के सम्मुख चमेली के तेल का दीपक जलाएं और पूरे मनोयोग से इस भजन का संकीर्तन करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

हनुमान जी को किस दिन चमेली का तेल चढ़ाना चाहिए?

शनिवार और मंगलवार के दिन हनुमान जी को सिंदूर में चमेली का तेल मिलाकर चढ़ाना अत्यंत शुभ और संकट निवारक माना गया है।

क्या हनुमान भजन परीक्षा के भय को दूर करने में सहायक है?

हाँ, हनुमान जी के भजनों और मंत्रों के संकीर्तन से मन एकाग्र होता है, भय का नाश होता है और याददाश्त बढ़ती है।

शनि दोषों की शांति के लिए हनुमान उपासना क्यों की जाती है?

हनुमान जी ने शनिदेव को रावण के बंधन से मुक्त कराया था, जिसके कारण शनिदेव ने वचन दिया था कि जो हनुमान जी की भक्ति करेगा, उसे शनि जनित पीड़ा नहीं भोगनी पड़ेगी।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 15 Aug 2026

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