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Krishna Bhajan

मेरी राधा से कर दे सगाई (Meri Radha Se Kar De Sagai Lyrics in Hindi) - Radha Krishna Bhajan - Bhaktilok

79 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

 

मेरी राधा से कर दे सगाई (Meri Radha Se Kar De Sagai Lyrics in Hindi) -


प्यारी ओ प्यारी मैया,

ओ प्यारी प्यारी मैया,

कहते है कृष्ण कन्हाई,

राधा से कर दे सगाई,

मेरी राधा से कर दे सगाई।


ना रे ना बोली मैया,

ना रे ना बोली मैया,

छोटो है छोटो तू कन्हाई,

कैसे मैं कर दूं सगाई

तेरी कैसे मैं कर दूँ सगाई।


सुंदर है सुंदर सबसे लगती है प्यारी,

देखा था कल ही लाते यमुना से झारी,

दिल कि भी सुंदर है यू बोले कन्हैया,

लगता पुराना कोई बन्धन है मैया,

बरसाने जा के कर दे,

बरसाने जा के कर दे,

रसमो की गोद भराई,

राधा से कर दे सगाई,

मेरी राधा से कर दे सगाई।


जादूगरी राधा का जादू है कृष्णा,

मीठी मीठी बातों में मेरे लाल ना फसना,

लाऊंगी ऐसी बहु लाखों में होगी,

तेरी सगाई ऐसी वैसी ना होगी,

राधा से कट्टी कर ले,

राधा से कट्टी कर ले,

तेरी है इस में भलाई,

कैसे मैं कर दूँ सगाई

तेरी कैसे मैं कर दूँ सगाई।


ना रे ना बोली मैया,

ना रे ना बोली मैया,

छोटो है छोटो तू कन्हाई,

कैसे मैं कर दूँ सगाई

तेरी कैसे मैं कर दूँ सगाई।


बहलाओ ना री मैया छोटो समझ कर,

जो भी मै बोला सारा सोच समझ कर ,

अब मै छोटा नहीं बड़ा हो गया हूँ,

बंसी बजाता उस के घर भी गया हूँ,

वो तो है भोली राधा,

वो तो है भोली राधा,

सहन ना सकेगी जुदाई,

राधा से कर दे सगाई,

मेरी राधा से कर दे सगाई।


लल्ला की प्यारी प्यारी बातों को सुनकर,

बोली मैया भी बोली राधा है सुंदर,

तेरी सगाई राधा रानी से होगी,

होगी बहु राधे रानी ही होगी,

लहरी खुशी से फूला,

लहरी ख़ुशी से फूला,

बाँटे रे बाँटे बधाई,

राधा और कान्हा की सगाई,

हो गई राधा और कान्हा की सगाई।।


प्यारी ओ प्यारी मैया,

ओ प्यारी प्यारी मैया,

कहते है कृष्ण कन्हाई,

राधा से कर दे सगाई,

मेरी राधा से कर दे सगाई।


श्रीमद्भगवद्गीता के दिव्य उपदेशों को जानने के लिए भगवद्गीता खंड अवश्य पढ़ें और भगवान कृष्ण की लीलाओं के गहन अध्ययन के लिए ब्रह्म पुराण का पाठ करें।

मेरी राधा से कर दे सगाई (Meri Radha Se Kar De Sagai Lyrics in English) - 


Devee o devee maiya,

he priyatam maiya,

kaho krshn kanhaee,

raadha se kar de sagaee,

meree raadha se kar de janm.


na re na bolee maiya,

na re na bolee maiya,

chhota hai chhota tu kanhaee,

main kaise doon lagn

tera main kar doon lagn.


sundar hai sundar sabase achchhee hai pyaaree,

dekha tha kal hee laanchhan jamuna se jhaaree,

dil kee bhee khoobasoorat hai yoo bole dost,

lagata hai puraana koee bandhan hai maiya,

baarane ja ke kar de,

baarane ja ke kar de,

rasmo kee god bharaee,

raadha se kar de sagaee,

meree raadha se kar de janm.


jaadoogaranee raadha ka jaadoo hai krshna,

mithaee vaalee baaten mere laal na phasaana,

laungee aisee bahu laakhon mein hogee,

ladakee aisee ladakee nahin hogee,

raadha se kattee kar le,

raadha se kattee kar le,

hai teree is keemat mein,

kaise main kar doon lagn

tera main kar doon lagn.


na re na bolee maiya,

na re na bolee maiya,

chhota hai chhota tu kanhaee,

kaise main kar doon lagn

tera main kar doon lagn.


bahalao na ree maiya chhoto samajh kar,

jo bhee mainne bola saara soch samajh kar,

ab main chhota nahin bada ho gaya hoon,

bansee bajaata us ke ghar bhee gaya hoon,

vo to hai bholee raadha,

vo to hai bholee raadha,

sahana na seekh judaee,

raadha se kar de sagaee,

meree raadha se kar de janm.


lalla kee pyaaree pyaaree baaten sunee,

bolee maiya bhee bolee raadha sundar hai,

teree raadha raanee se hogee sagaee,

hogee bahu raadhe raanee hee hogee,

laharee khushiyon se phoola,

laharee khushee se phoola,

baante re baantebadhaee,

raadha aur kaanha kee sagaee,

ho gaeen raadha aur kaanha kee viraasat.


devee o devee maiya,

he priyatam maiya,

kaho krshn kanhaee,

raadha se kar de sagaee,

meree raadha se kar de janm.


🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

प्रस्तुत राधा-कृष्ण भजन "मेरी राधा से कर दे सगाई (Meri Radha Se Kar De Sagai Lyrics in Hindi) - Radha Krishna Bhajan - Bhaktilok" के माध्यम से भक्त और आराध्य के परम संबंध को दर्शाया गया है। वैष्णव संप्रदाय में राधा-कृष्ण का प्रेम लौकिक प्रेम न होकर जीवात्मा और परमात्मा के मिलन का प्रतीक है। इस भजन की एक-एक पंक्ति का सार यही है कि भगवान श्री कृष्ण स्वयं राधा रानी के प्रेम के अधीन हैं। बिना राधा के न तो वे मुरली बजाते हैं और न ही गोपी-गोपियों को सुख देते हैं।

भजन के पदों में यह स्पष्ट होता है कि वृंदावन की कुंज गलियों में जब तक 'राधे-राधे' नाम की गूंज नहीं होती, तब तक भगवान श्यामसुंदर का मन भी वहां नहीं रमता। भक्त राधा जी से आग्रह करता है कि वे भी कृष्ण की इस भक्ति और दिव्यता का रहस्य उजागर करें, ताकि एक सामान्य साधक भी कृष्ण प्रेम का अधिकारी बन सके।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

ब्रह्म पुराण और विष्णु पुराण के अनुसार, भगवान कृष्ण की आराधना से पूर्व राधा जी का नाम स्मरण करना अनिवार्य माना गया है। राधा नाम की महिमा स्वयं कृष्ण गाते हैं। इस भजन को श्रद्धापूर्वक गाने या सुनने से साधक के हृदय में भक्ति रस का संचार होता है और मानसिक विकारों तथा चिंताओं का समूल नाश होता है।

श्रीमद्भगवद्गीता के दिव्य उपदेशों को जानने के लिए भगवद्गीता खंड अवश्य पढ़ें और भगवान कृष्ण की लीलाओं के गहन अध्ययन के लिए ब्रह्म पुराण का पाठ करें। राधा-कृष्ण भजन के गायन से गृहक्लेश दूर होता है, दांपत्य जीवन में मधुरता आती है और पारिवारिक वातावरण सात्विक बनता है। यदि इसका नियमित संकीर्तन किया जाए, तो साधक को मानसिक एकाग्रता और दिव्य शांति की अनुभूति होती है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन के संकीर्तन के लिए सर्वोत्तम समय प्रातःकाल (ब्रह्ममुहूर्त) अथवा संध्या आरती के समय का है। गायन के समय दीप प्रज्वलित कर, तुलसी दल अर्पित करें और शुद्ध भाव से युगल सरकार (राधा-कृष्ण) की छवि का ध्यान करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

इस भजन के मुख्य आराध्य देव कौन हैं?

इस भजन के मुख्य आराध्य देव युगल सरकार अर्थात भगवान श्री कृष्ण और श्री राधा रानी जी हैं।

राधा-कृष्ण भजन का पाठ किस दिन विशेष रूप से करना चाहिए?

यद्यपि भगवान के नाम संकीर्तन के लिए हर दिन शुभ है, किन्तु एकादशी, पूर्णिमा और शनिवार/रविवार के दिन इसका संकीर्तन विशेष फलदायी माना गया है।

क्या यह भजन पारिवारिक सुख-शांति के लिए सहायक है?

हाँ, राधा-कृष्ण के भक्तिमय भजनों को घर में नियमित रूप से गाने अथवा सुनने से दांपत्य प्रेम बढ़ता है और नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 20 Aug 2026

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