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Dil Chori Sada Ho Gaya Shri Mehandipur Mandir Mein Lyrics (दिल चोरी साडा हो गया श्री मेहंदीपुर मंदिर में) – Balaji Bhajan 2026 | Uttarmukhi Ke Mandir Mein

185 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Chandan Sah | 2 मिनट पठन समय
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🙏 दिल चोरी साडा हो गया श्री मेहंदीपुर मंदिर में

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(Dil Chori Sada Ho Gaya Shri Mehandipur Mandir Mein Lyrics In Hindi) – Balaji Bhajan 2026 | Uttarmukhi Ke Mandir Mein

ठा. प्रकाश सिंह चौहान कृत

📝 भजन विवरण

✍️ लेखक: ठा. प्रकाश सिंह चौहान
🏷️ श्रेणी: बालाजी भजन / मेहंदीपुर भजन
📍 स्थान: मेहंदीपुर बालाजी, दौसा, राजस्थान

📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)

॥ स्थायी ॥

दिल चोरी साडा हो गया श्री मेहंदीपुर मंदिर में,
और मैं भी दीवाना हो गया श्री उत्तरमुखी के मंदिर में,
मुस्काये जो सरकार हो गया इक पल में ही प्यार,
अब मैं इस से ज्यादा क्या कहु,
जन्मो का रिश्ता हो गया श्री उत्तरमुखी के मंदिर में,
दिल चोरी साडा हो गया श्री मेहंदीपुर के मंदिर में॥

॥ अंतरा १ ॥

जादू टोना कर देता ऐसा है ये जादूगर,
विश्वाश नहीं है मेरा तो आकार देखो उत्तरमुखी
सारा जग पीछे हो गया, श्री उत्तरमुखी के मंदिर में,
दिल चोरी साडा हो गया श्री मेहंदीपुर के मंदिर में॥

॥ अंतरा २ ॥

छोटा सा है ये मंदिर सब कुछ है इसके अंदर,
जो हार के दर पे आता वो बन जाता है सिकंदर,
निर्धन भी राजा हो गया श्री उत्तरमुखी के मंदिर में,
दिल चोरी साडा हो गया मेहंदीपुर के मंदिर में॥

॥ अंतरा ३ ॥

सेठो का सेठ कहाता दोनों हाथो से लुटाता,
जो सच्चे मन से आता जीवन भर मौज उड़ाता,
मन चाहा पूरा हो गया, श्री उत्तरमुखी के मंदिर में,
दिल चोरी साडा हो गया मेहंदीपुर के मंदिर में॥

॥ अंतरा ४ ॥

प्रकाश हुआ मत वाला तूने ऐसा जादू कर डाला,
सारी दुनिया से बढकर लगता है मेहंदीपुर वाला,
तेरा जग ये दीवाना हो गया श्री उत्तरमुखी के मंदिर में,
दिल चोरी साडा हो गया मेहंदीपुर के मंदिर में॥

दिल चोरी साडा हो गया श्री मेहंदीपुर मंदिर में,
और मैं भी दीवाना हो गया श्री उत्तरमुखी के मंदिर में॥

✍️ लेखक :- ठा. प्रकाश सिंह चौहान

Writer: Thakur Prakash Singh Chauhan

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह भजन "दिल चोरी साडा हो गया श्री मेहंदीपुर मंदिर में" मेहंदीपुर बालाजी के प्रति भक्त के गहरे प्रेम और समर्पण को दर्शाता है। भक्त कहता है कि मेहंदीपुर मंदिर में उसका दिल चोरी हो गया (वह मोहित हो गया) और वह उत्तरमुखी बालाजी के मंदिर में दीवाना हो गया।

"मुस्काये जो सरकार हो गया इक पल में ही प्यार" – जब सरकार (बालाजी) मुस्कुराए, तो एक पल में ही प्यार हो गया। अब भक्त कहता है कि यह जन्मों का रिश्ता हो गया है।

"जादू टोना कर देता ऐसा है ये जादूगर" – बालाजी ऐसे जादूगर हैं जो जादू-टोना कर देते हैं। अगर विश्वास न हो तो उत्तरमुखी के आकार (स्वरूप) को देख लो। सारा संसार पीछे छूट गया।

"छोटा सा है ये मंदिर सब कुछ है इसके अंदर" – मेहंदीपुर का मंदिर छोटा सा है, लेकिन सब कुछ इसके अंदर है। जो हार कर दर पर आता है, वह सिकंदर (विजेता) बन जाता है। निर्धन भी राजा हो जाता है।

"सेठो का सेठ कहाता दोनों हाथो से लुटाता" – बालाजी सेठों के सेठ कहलाते हैं और दोनों हाथों से लुटाते हैं। जो सच्चे मन से आता है, वह जीवन भर मौज उड़ाता है। मनचाहा पूरा हो जाता है।

"प्रकाश हुआ मत वाला तूने ऐसा जादू कर डाला" – लेखक प्रकाश सिंह चौहान अपने नाम का उल्लेख करते हुए कहते हैं कि बालाजी ने ऐसा जादू कर डाला कि सारी दुनिया से बढ़कर मेहंदीपुर वाला लगता है। पूरा जग दीवाना हो गया।

🔍 मेहंदीपुर बालाजी का विशेष महत्त्व

मेहंदीपुर बालाजी: राजस्थान के दौसा जिले में स्थित मेहंदीपुर बालाजी का मंदिर हनुमान जी (बालाजी) का प्रसिद्ध मंदिर है। यहाँ के बालाजी को उत्तरमुखी (उत्तर की ओर मुख किए हुए) रूप में पूजा जाता है। यह मंदिर अपनी चमत्कारिक शक्तियों और भूत-प्रेत बाधा निवारण के लिए प्रसिद्ध है।

उत्तरमुखी बालाजी: "श्री उत्तरमुखी के मंदिर" से तात्पर्य मेहंदीपुर स्थित उत्तरमुखी बालाजी से है। यहाँ हनुमान जी उत्तर की ओर मुख किए हुए विराजमान हैं, जो अद्वितीय है।

"दिल चोरी" का भाव: भक्त कहता है कि मेहंदीपुर मंदिर में उसका दिल चोरी हो गया। यह उस अद्भुत अनुभूति को दर्शाता है जो भक्त को इस पवित्र स्थान पर होती है। बालाजी की मुस्कान एक पल में ही प्यार में बदल जाती है।

जादूगर बालाजी: बालाजी को "जादूगर" कहा गया है क्योंकि वे अपने भक्तों पर ऐसा जादू करते हैं कि वे हमेशा के लिए उनके हो जाते हैं। वे टोना-टोटका करने वाले नहीं, बल्कि भक्तों के दुख दूर करने वाले दिव्य जादूगर हैं।

हारा हुआ भी बन जाता है सिकंदर: "जो हार के दर पे आता वो बन जाता है सिकंदर" – यह पंक्ति बालाजी की महिमा को दर्शाती है। जो भी निराश होकर उनके दरबार में आता है, वह विजयी होकर जाता है। निर्धन भी राजा बन जाता है।

सेठों का सेठ: बालाजी को "सेठो का सेठ" कहा गया है क्योंकि वे सबसे बड़े दाता हैं और दोनों हाथों से लुटाते हैं। वे अपने भक्तों को कभी खाली नहीं लौटाते।

ठा. प्रकाश सिंह चौहान की रचना: यह भजन ठाकुर प्रकाश सिंह चौहान द्वारा लिखा गया है, जिन्होंने अपने नाम "प्रकाश" को भजन में इस प्रकार पिरोया है कि बालाजी ने ऐसा जादू कर डाला कि "प्रकाश" हो गया (उनका नाम सार्थक हो गया)।

💖 बालाजी का दरबार: हारे का सहारा

🎯 संदेश

इस भजन का मूल संदेश यह है कि मेहंदीपुर बालाजी का दरबार सबसे अनोखा है। यहाँ आकर दिल चोरी हो जाता है और भक्त बालाजी का दीवाना हो जाता है। यह मंदिर हारे हुए को सिकंदर और निर्धन को राजा बना देता है। सच्चे मन से आने वाले की हर मुराद पूरी होती है।

✨ विश्वास की शक्ति

दिल चोरी साडा हो गया श्री मेहंदीपुर मंदिर में केवल एक भजन नहीं, बल्कि उस विश्वास की अभिव्यक्ति है जो लाखों भक्तों को मेहंदीपुर की ओर खींचता है। यह हमें सिखाता है कि बालाजी के दरबार में आकर हम अपने सब दुख भूल जाते हैं और उनके प्रेम में दीवाने हो जाते हैं।

🙏 ॐ श्री मेहंदीपुर बालाजी महाराज की जय। हारे का सहारा, बालाजी हमारा।।

॥ ठा. प्रकाश सिंह चौहान कृत ॥
॥ दिल चोरी साडा हो गया श्री मेहंदीपुर मंदिर में, और मैं भी दीवाना हो गया श्री उत्तरमुखी के मंदिर में ।।

लेखक: ठाकुर प्रकाश सिंह चौहान | Writer: Thakur Prakash Singh Chauhan

श्रेणियां: Hanuman Bhajan

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 15 Aug 2026

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