ग्रंथ परिचय (Book Introduction)
अथर्वशिखोपनिषद् प्रणव (ॐ) के रहस्य, उसके मात्राओं के अर्थ, और ॐकार साधना का विवेचन करती है।
अथर्वशिखोपनिषद् – प्रणव का रहस्य।
अथर्वशिखोपनिषद् अथर्ववेद की एक महत्वपूर्ण उपनिषद है। इसमें प्रणव (ॐ) के गूढ़ अर्थ, उसके मात्राओं (अ, उ, म) का आध्यात्मिक रहस्य, और ॐकार ध्यान की विधि बताई गई है।
यह उपनिषद् बताती है कि ॐ ही सर्वोच्च ब्रह्म है और इसका जप सभी साधनाओं का सार है।
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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)
मूल शीर्षक (Original Title)
अथर्वशिखोपनिषद् – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
अथर्वशिखोपनिषद्
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Atharvashikhopanishad
श्रेणी (Category)
उपनिषद्
पृष्ठ संख्या (Pages)
65 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
10 August 2026
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