ग्रंथ परिचय (Book Introduction)
आत्मबोध आदि शंकराचार्य का प्रकरण ग्रन्थ है, जिसमें आत्मज्ञान का सरल एवं सारगर्भित विवेचन है।
आत्मबोध में आत्मा के स्वरूप और ब्रह्म-ज्ञान का विवरण है।
आत्मबोध आदि शंकराचार्य द्वारा रचित एक प्रसिद्ध प्रकरण ग्रन्थ है। इसमें ६८ श्लोकों में आत्मा के स्वरूप, जीव-ब्रह्म की एकता, और अद्वैत ज्ञान की प्राप्ति का सरल एवं प्रभावशाली वर्णन है।
यह ग्रन्थ विवेक, वैराग्य, और मोक्ष साधन पर केंद्रित है। प्रारम्भ में ही कहा गया है – "ज्ञानादेव तु कैवल्यम्" – केवल ज्ञान से ही मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)
मूल शीर्षक (Original Title)
आत्मबोध (शंकराचार्य) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
आत्मबोध
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Atmabodha
श्रेणी (Category)
वेदान्त
पृष्ठ संख्या (Pages)
120 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
11 August 2026
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