भक्तिलोक ग्रंथालय
आ
आत्मबोध (शंकराचार्य) – हिंदी अनुवाद
आध्यात्मिक ज्ञानपुंज
वेदान्त

आत्मबोध

Atmabodha
0 कुल अध्याय
45 पठन
hi भाषा
120 पृष्ठ

आत्मज्ञान का सरलतम बोध कराने वाला ग्रन्थ।

ग्रंथ परिचय (Book Introduction)

आत्मबोध आदि शंकराचार्य का प्रकरण ग्रन्थ है, जिसमें आत्मज्ञान का सरल एवं सारगर्भित विवेचन है।
आत्मबोध में आत्मा के स्वरूप और ब्रह्म-ज्ञान का विवरण है।

आत्मबोध आदि शंकराचार्य द्वारा रचित एक प्रसिद्ध प्रकरण ग्रन्थ है। इसमें ६८ श्लोकों में आत्मा के स्वरूप, जीव-ब्रह्म की एकता, और अद्वैत ज्ञान की प्राप्ति का सरल एवं प्रभावशाली वर्णन है।

यह ग्रन्थ विवेक, वैराग्य, और मोक्ष साधन पर केंद्रित है। प्रारम्भ में ही कहा गया है – "ज्ञानादेव तु कैवल्यम्" – केवल ज्ञान से ही मोक्ष की प्राप्ति होती है।

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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)

मूल शीर्षक (Original Title)
आत्मबोध (शंकराचार्य) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
आत्मबोध
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Atmabodha
श्रेणी (Category)
वेदान्त
पृष्ठ संख्या (Pages)
120 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
26 September 2026

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