ग्रंथ परिचय (Book Introduction)
भविष्य पुराण का प्रतिसर्गपर्व भविष्य की घटनाओं, मुगल-ब्रिटिश काल और कलियुग के लक्षणों का वर्णन करता है।
प्रतिसर्गपर्व में भविष्यवाणियाँ और ऐतिहासिक घटनाओं का उल्लेख है।
भविष्य पुराण का प्रतिसर्गपर्व सबसे चर्चित खंड है। इसमें भविष्य की घटनाओं का वर्णन किया गया है, जिनमें मुगल काल, ब्रिटिश राज, और आधुनिक युग की भविष्यवाणियाँ हैं। इसमें भगवान कृष्ण, बुद्ध, शंकराचार्य, और अन्य संतों के प्राकट्य की भी भविष्यवाणियाँ हैं।
यह खंड १०० अध्यायों में कलियुग के लक्षण, राजाओं की वंशावली, और धर्म के ह्रास-उत्थान का वर्णन करता है।
हमारा हिंदी संस्करण मूल श्लोकों के साथ सरल अनुवाद प्रस्तुत करता है। यह ग्रंथ इतिहास, भविष्यदृष्टि और धर्म में रुचि रखने वालों के लिए अत्यंत रोचक है।
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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)
मूल शीर्षक (Original Title)
भविष्य पुराण (प्रतिसर्गपर्व) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
भविष्य पुराण (प्रतिसर्गपर्व)
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Bhavishya Purana (Pratisarga Parva)
श्रेणी (Category)
पुराण
पृष्ठ संख्या (Pages)
750 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
11 August 2026
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