भक्तिलोक ग्रंथालय
भ
भविष्य पुराण (उत्तरपर्व) – हिंदी अनुवाद
आध्यात्मिक ज्ञानपुंज
पुराण

भविष्य पुराण (उत्तरपर्व)

Bhavishya Purana (Uttara Parva)
0 कुल अध्याय
53 पठन
hi भाषा
700 पृष्ठ

उत्तरपर्व के अनुसार भक्ति और ज्ञान से मोक्ष मिलता है।

ग्रंथ परिचय (Book Introduction)

भविष्य पुराण का उत्तरपर्व धर्म, व्रत, तीर्थ, और मोक्ष का उपदेश देता है।
उत्तरपर्व में दान और तीर्थ का महत्व बताया गया है।

भविष्य पुराण का उत्तरपर्व मुख्यतः धर्म, व्रत, तीर्थ, और मोक्ष के उपदेशों से संबंधित है। इसमें विष्णु सहस्रनाम, शिव सहस्रनाम, देवी स्तोत्र, और विभिन्न व्रतों (एकादशी, पूर्णिमा, संक्रांति) की विधियाँ दी गई हैं।

यह खंड भक्ति और ज्ञान का समन्वय करता है। इसमें तीर्थों का महात्म्य, दान के फल, और मोक्ष के साधन बताए गए हैं।

हमारा हिंदी संस्करण मूल श्लोकों के साथ सरल अनुवाद प्रस्तुत करता है। यह ग्रंथ धार्मिक अनुष्ठान, व्रत और पूजा-पाठ करने वालों के लिए उपयोगी है।

सर्वाधिक पढ़े जाने वाले लोकप्रिय अध्याय (Top 20 Chapters)

लोकप्रिय अध्यायों की सूची उपलब्ध नहीं है।

ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)

मूल शीर्षक (Original Title)
भविष्य पुराण (उत्तरपर्व) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
भविष्य पुराण (उत्तरपर्व)
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Bhavishya Purana (Uttara Parva)
श्रेणी (Category)
पुराण
पृष्ठ संख्या (Pages)
700 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
26 September 2026

सभी अध्याय सूची (All Chapters Directory)

अध्याय अभी संकलित किए जा रहे हैं।