ग्रंथ परिचय (Book Introduction)
भूगुप्त संहिता एक प्राचीन ज्योतिषीय एवं सामुद्रिक ग्रंथ है। यह ग्रंथ विशेष रूप से हस्तरेखा (सामुद्रिक शास्त्र), मुहूर्त, और ग्रहों के फलों पर केंद्रित है। इसमें व्यक्ति के हाथों की रेखाओं के आधार पर भविष्य की भविष्यवाणी, ग्रहों की दशा-अवस्था, और शुभ-अशुभ योगों का विस्तृत वर्णन है।
भूगुप्त संहिता को ज्योतिष और सामुद्रिक शास्त्र का एक महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है। इसमें हाथ की रेखाओं (जीवन रेखा, मस्तिष्क रेखा, हृदय रेखा, भाग्य रेखा आदि) की लंबाई, गहराई, और उनके चिन्हों के आधार पर व्यक्ति के स्वास्थ्य, आयु, धन, विवाह, और व्यवसाय का विश्लेषण किया गया है।
यह ग्रंथ केवल हस्तरेखा तक सीमित नहीं है; इसमें ग्रहों के प्रभाव, मुहूर्त निर्धारण, और रत्नों के उपयोग का भी उल्लेख है। भूगुप्त संहिता के सिद्धांत आज भी हस्तरेखा विशेषज्ञों द्वारा प्रयुक्त होते हैं।
प्रस्तुत हिंदी अनुवाद में मूल श्लोकों के साथ रेखाओं के चित्र और विस्तृत व्याख्या दी गई है। यह संस्करण ज्योतिषियों, हस्तरेखा विशेषज्ञों, और भविष्यवाणी में रुचि रखने वालों के लिए उपयोगी है।