ग्रंथ परिचय (Book Introduction)
चन्द्रोपनिषद् चंद्र देवता की स्तुति और उपासना पर केंद्रित है, जिसमें चंद्र मंत्र और उनके फल बताए गए हैं।
चन्द्रोपनिषद् चंद्र उपासना का प्रमुख ग्रंथ है।
चन्द्रोपनिषद् अथर्ववेद से संबद्ध है। यह उपनिषद् चंद्र देवता को ब्रह्म के रूप में स्तुति करती है। इसमें चंद्र के मंत्र, ध्यान, और उनकी उपासना से मिलने वाले फलों का वर्णन है।
उपनिषद् में चंद्र को "मनसः जनक" (मन का जनक) और "ओषधीनां पतिः" कहा गया है। चंद्र मंत्र "ॐ सों सोमाय नमः" आदि का उल्लेख है। चंद्र की उपासना से मानसिक शांति, प्रसन्नता, और विद्या की प्राप्ति बताई गई है।
चन्द्रोपनिषद् विशेष रूप से चंद्र उपासकों, ज्योतिषियों, और मानसिक रोगों के चिकित्सकों के लिए महत्वपूर्ण है।
प्रस्तुत हिंदी अनुवाद में मूल संस्कृत मंत्रों के साथ सरल भाषा में अर्थ, पदच्छेद और विस्तृत व्याख्या दी गई है। यह संस्करण वेदांत के अध्ययन, आध्यात्मिक साधना और शोध के लिए अत्यंत उपयोगी है।
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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)
मूल शीर्षक (Original Title)
चन्द्रोपनिषद् (Chandra Upanishad) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
चन्द्रोपनिषद्
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Chandra Upanishad
श्रेणी (Category)
उपनिषद्
पृष्ठ संख्या (Pages)
50 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
10 August 2026
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