ग्रंथ परिचय (Book Introduction)
कौल मार्ग का प्रमुख तंत्र, देवी साधना और कुलाचार का विवेचन।
कुलार्णव तंत्र – कौलाचार का मूल ग्रंथ।
कुलार्णव तंत्र कौल मार्ग का सर्वोपरि ग्रंथ माना जाता है। यह तंत्र देवी कुल (शक्ति) की साधना, कुलाचार, पंचमकार, दीक्षा, और साधक के जीवन के नियमों का विस्तार से वर्णन करता है।
इसमें तांत्रिक साधना के रहस्य, गुरु का महत्व, और सिद्धि के मार्ग को स्पष्ट किया गया है। यह ग्रंथ कौलाचार के लिए आधारभूत है।
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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)
मूल शीर्षक (Original Title)
कुलार्णव तंत्र (Kularnava Tantra) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
कुलार्णव तंत्र
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Kularnava Tantra
श्रेणी (Category)
तंत्र
पृष्ठ संख्या (Pages)
550 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
10 August 2026
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