ग्रंथ परिचय (Book Introduction)
कूर्म पुराण अट्ठारह महापुराणों में से एक है। इसमें विष्णु के कूर्म अवतार और समुद्र मंथन का वर्णन है।
कूर्म पुराण में योग और मोक्ष का उपदेश दिया गया है।
कूर्म पुराण अट्ठारह महापुराणों में से एक है। यह भगवान विष्णु के कूर्म (कछुआ) अवतार पर केंद्रित है। इसमें सृष्टि, कूर्म कथा, तीर्थ, व्रत, और योग का वर्णन है। यह पुराण दो भागों में विभक्त है – पूर्वभाग और उत्तरभाग।
पूर्वभाग में सृष्टि की रचना, प्रजापतियों की वंशावली, और समुद्र मंथन की कथा (जिसमें कूर्म अवतार ने मंदराचल को धारण किया) है। उत्तरभाग में योग, संन्यास, और मोक्ष का उपदेश है। इसमें "ईश्वर गीता" भी है, जो शिव द्वारा उपदेशित ज्ञान गीता है।
कूर्म पुराण में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का संतुलन बताया गया है। इसे पढ़ने से सभी पाप नष्ट होते हैं और विष्णुलोक की प्राप्ति होती है।
हमारा हिंदी संस्करण मूल श्लोकों के साथ सरल अनुवाद प्रस्तुत करता है।
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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)
मूल शीर्षक (Original Title)
कूर्म पुराण (Kurma Purana) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
कूर्म पुराण
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Kurma Purana
श्रेणी (Category)
पुराण
पृष्ठ संख्या (Pages)
800 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
26 September 2026
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