ग्रंथ परिचय (Book Introduction)
कूर्म पुराण की ईश्वरगीता शिव द्वारा उपदेशित ज्ञान, योग और मोक्ष का ग्रंथ है।
ईश्वरगीता में शिव और विष्णु के अभेद का उपदेश है।
कूर्म पुराण के अंतर्गत ईश्वरगीता एक महत्वपूर्ण दार्शनिक ग्रंथ है। इसमें भगवान शिव (ईश्वर) द्वारा उपदेशित ज्ञान, योग, भक्ति, और मोक्ष के सिद्धांतों का वर्णन है। यह भगवद् गीता की भांति ही ज्ञान, कर्म और भक्ति का समन्वय करती है।
ईश्वरगीता में ११ अध्याय हैं। इसमें प्रणव (ॐ) का महत्व, योग के अष्टांग, और मोक्ष के साधन बताए गए हैं। यह ग्रंथ शिव-विष्णु के अभेद को भी प्रतिपादित करता है।
हमारा हिंदी संस्करण मूल श्लोकों के साथ सरल अनुवाद प्रस्तुत करता है। यह ग्रंथ साधकों, योगियों और दार्शनिक अध्ययन करने वालों के लिए अमूल्य है।
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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)
मूल शीर्षक (Original Title)
कूर्म पुराण (ईश्वरगीता) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
कूर्म पुराण (ईश्वरगीता)
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Kurma Purana (Ishvara Gita)
श्रेणी (Category)
पुराण
पृष्ठ संख्या (Pages)
300 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
10 August 2026
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