भक्तिलोक ग्रंथालय
ल
लघुजातक (Laghu Jataka) – हिंदी अनुवाद
आध्यात्मिक ज्ञानपुंज
ज्योतिष

लघुजातक

Laghu Jataka
0 कुल अध्याय
53 पठन
hi भाषा
280 पृष्ठ

वराहमिहिर का लघु ज्योतिष ग्रंथ।

ग्रंथ परिचय (Book Introduction)

लघुजातक वराहमिहिर का संक्षिप्त ज्योतिष ग्रंथ है, जो जातक के मूल सिद्धांतों को सरलता से समझाता है।
लघुजातक में ग्रह, योग, दशा और फलादेश की सरल विधियाँ हैं।

लघुजातक, जिसे "होराशास्त्र" भी कहा जाता है, आचार्य वराहमिहिर द्वारा रचित एक संक्षिप्त किन्तु अत्यंत महत्वपूर्ण ज्योतिष ग्रंथ है। यह बृहज्जातक का सार है, जिसमें जातक के प्रमुख सिद्धांतों को संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत किया गया है।

इस ग्रंथ में ग्रहों के स्वभाव, योग, दशा, और फलादेश की सरल विधियाँ दी गई हैं। यह ज्योतिष के नए छात्रों के लिए आदर्श पुस्तक है।

सर्वाधिक पढ़े जाने वाले लोकप्रिय अध्याय (Top 20 Chapters)

लोकप्रिय अध्यायों की सूची उपलब्ध नहीं है।

ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)

मूल शीर्षक (Original Title)
लघुजातक (Laghu Jataka) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
लघुजातक
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Laghu Jataka
श्रेणी (Category)
ज्योतिष
पृष्ठ संख्या (Pages)
280 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
26 September 2026

सभी अध्याय सूची (All Chapters Directory)

अध्याय अभी संकलित किए जा रहे हैं।