ग्रंथ परिचय (Book Introduction)
मैत्रायण्युपनिषद् योग और वेदान्त का समन्वय करने वाली उपनिषद है, जिसमें षट्चक्र, कुण्डलिनी और प्राणविद्या का वर्णन है।
मैत्रायण्युपनिषद् – योग, कुण्डलिनी और अद्वैत का संगम।
मैत्रायण्युपनिषद् कृष्ण यजुर्वेद से संबद्ध एक महत्वपूर्ण उपनिषद है। इसमें षट्चक्र, कुण्डलिनी योग, प्राणविद्या, और अद्वैत साधना का विस्तृत वर्णन है।
यह उपनिषद् योग और वेदान्त का समन्वय प्रस्तुत करती है। इसमें मन की शुद्धि, ध्यान और ब्रह्म-ज्ञान के उपाय बताए गए हैं।
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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)
मूल शीर्षक (Original Title)
मैत्रायण्युपनिषद् – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
मैत्रायण्युपनिषद्
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Maitrayaniya Upanishad
श्रेणी (Category)
उपनिषद्
पृष्ठ संख्या (Pages)
140 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
10 August 2026
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