ग्रंथ परिचय (Book Introduction)
मुद्गलपुराण गणेश जी के ३२ स्वरूपों और उनकी उपासना का वर्णन करता है।
मुद्गलपुराण तांत्रिक गणेश उपासना का प्रमुख ग्रंथ है।
मुद्गलपुराण गणेश पुराण के समानांतर एक उपपुराण है जो गणेश जी के ३२ स्वरूपों और उनकी उपासना का वर्णन करता है। इसमें गणेश जी के विभिन्न रूपों (बालगणपति, हेरम्ब, वक्रतुंड, आदि) की महिमा, उनके मंत्र, और व्रतों की विधि बताई गई है।
यह ग्रंथ गणेश उपासना के तांत्रिक पक्ष पर भी प्रकाश डालता है।
हमारा हिंदी संस्करण मूल श्लोकों के साथ सरल अनुवाद प्रस्तुत करता है। यह ग्रंथ गणेश भक्तों, साधकों और तांत्रिक साधना में रुचि रखने वालों के लिए उपयोगी है।
सर्वाधिक पढ़े जाने वाले लोकप्रिय अध्याय (Top 20 Chapters)
लोकप्रिय अध्यायों की सूची उपलब्ध नहीं है।
ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)
मूल शीर्षक (Original Title)
मुद्गलपुराण (Mudgala Purana) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
मुद्गलपुराण
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Mudgala Purana
श्रेणी (Category)
पुराण
पृष्ठ संख्या (Pages)
450 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
11 August 2026
सभी अध्याय सूची (All Chapters Directory)
अध्याय अभी संकलित किए जा रहे हैं।