ग्रंथ परिचय (Book Introduction)
नाट्यशास्त्र भरत मुनि का विश्वकोशीय ग्रंथ है, जो नाट्य, नृत्य, संगीत और रस सिद्धांत का प्रतिपादन करता है।
नाट्यशास्त्र में रस, अभिनय और संगीत का विस्तृत वर्णन है।
नाट्यशास्त्र भरत मुनि द्वारा रचित संस्कृत का सबसे प्राचीन एवं विस्तृत ग्रंथ है, जो नाट्य (रंगमंच), नृत्य, संगीत और अभिनय का समग्र शास्त्र है। इसमें रस सिद्धांत, नाट्यगृह निर्माण, अभिनय के प्रकार, संगीत और वाद्यों का विवरण मिलता है।
यह ग्रंथ भारतीय कला और सौंदर्यशास्त्र का आधार है। 36 अध्यायों में विभाजित यह विश्वकोशीय रचना आज भी प्रासंगिक है।
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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)
मूल शीर्षक (Original Title)
नाट्यशास्त्र (भरत) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
नाट्यशास्त्र
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Natya Shastra
श्रेणी (Category)
नाट्यशास्त्र
पृष्ठ संख्या (Pages)
980 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
10 August 2026
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