ग्रंथ परिचय (Book Introduction)
पञ्चब्रह्मोपनिषद् शिव के पाँच मुखों (सद्योजात, वामदेव, अघोर, तत्पुरुष, ईशान) का विवेचन करती है।
शिव के पाँच ब्रह्म-स्वरूप – पञ्चब्रह्मोपनिषद्।
पञ्चब्रह्मोपनिषद् शिव के पाँच ब्रह्म-स्वरूपों – सद्योजात, वामदेव, अघोर, तत्पुरुष, ईशान – का वर्णन करती है। यह उपनिषद् शैव सिद्धान्त के पञ्चब्रह्म मन्त्रों की व्याख्या करती है।
इसमें प्रत्येक ब्रह्म-स्वरूप के रंग, दिशा, शक्ति और उपासना पद्धति का उल्लेख है। यह शैव साधकों के लिए अत्यन्त गुप्त एवं महत्वपूर्ण मानी जाती है।
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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)
मूल शीर्षक (Original Title)
पञ्चब्रह्मोपनिषद् – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
पञ्चब्रह्मोपनिषद्
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Panchabrahmopanishad
श्रेणी (Category)
उपनिषद्
पृष्ठ संख्या (Pages)
65 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
10 August 2026
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